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Panchkula News: चोट ने रोकी राह, हौसले ने नहीं<bha>;</bha> परवीन के पंच से एशियन गेम्स में पदक पक्का

Mon, 28 Sep 2026 01:50 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:50 AM IST
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Injury halted her path, but not her spirit; Parveen's punches seal an Asian Games medal.
पंचकूला। रिंग में मुक्के बरस रहे थे और हर पंच के साथ करीब दो साल पुराना दर्द पीछे छूटता जा रहा था। कंधे की चोट ने जिस परवीन को लंबे समय तक अभ्यास से दूर रखा था वही मुक्केबाज अब एशियन गेम्स में देश के लिए पदक पक्का कर चुकी हैं। रविवार को 60 से 65 किलोग्राम भार वर्ग के मुकाबले में परवीन ने उज़्बेकिस्तान की वर्ल्ड चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मुक्केबाज को 5-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। अब उनकी नजर स्वर्ण पदक पर है।
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रोहतक के रूड़की गांव की परवीन की कहानी चोट के बाद वापसी और लगातार मेहनत की है। एशियन गेम्स के दौरान उन्हें कंधे में गंभीर चोट लगी थी। इसके चलते करीब दो साल तक वह ठीक से अभ्यास नहीं कर सकीं और रिंग से दूर रहीं। इसके बावजूद उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा।
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चोट के बाद लौटीं तो सोना साथ लेकर
लंबे अंतराल के बाद परवीन ने 2025 में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर वापसी की। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। उनके कोच जोगेंद्र बताते हैं कि चोट के बाद रिंग में लौटना आसान नहीं था लेकिन परवीन ने मेहनत जारी रखी। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वह कुछ अंकों के अंतर से पदक से चूक गई थीं।
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सिपाही बनीं तो रिंग से रिश्ता मजबूत हुआ
राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद परवीन ने 2021 में आईटीबीपी में सिपाही के पद पर ज्वाइन किया। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ मुक्केबाजी जारी रखी। एशियन चैंपियनशिप 2022 में स्वर्ण पदक उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप 2022 और एशियन गेम्स 2023 में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।लगातार खेल उपलब्धियों के बीच परवीन ने आईटीबीपी में भी तरक्की हासिल की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह सिपाही से हवलदार और फिर सहायक उप निरीक्षक के पद तक पहुंचीं। करीब दो साल में हुई यह पदोन्नति उनके खेल प्रदर्शन के साथ मेहनत को भी दर्शाती है।

पहले वॉकओवर फिर 5-0 की जीत
60 से 65 किलोग्राम वर्ग में 14 मुक्केबाज चुनौती पेश कर रही हैं। परवीन को पहले बाउट में तजाकिस्तान की मुक्केबाज से वॉकओवर मिला। इसके बाद उन्होंने उज़्बेकिस्तान की रजत पदक विजेता को 5-0 से हराकर पदक पक्का किया। अब स्वर्ण पदक के लिए उन्हें दो मुकाबले और जीतने होंगे।
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