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मोहाली में औद्योगिक इस्टेट, राजपुरा व लुधियाना में बनेंगे औद्योगिक केंद्र
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चंडीगढ़। पंजाब में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसले में, कुछ शर्तों के साथ कृषि व मिश्रित उपयोग वाली जमीन पर उद्योग लगाने की आज्ञा दे दी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और विकास अथारिटी द्वारा विकसित की गई इस्टेटों में तीन साल के अंदर निर्माण न करने पर अलॉटियों से वसूली जा रही फीस में भी कटौती का एलान किया है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया की कि यह फैसले, जिनका मकसद रोजगार की उत्पत्ति करना है, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब क्षेत्रीय एवं शहरी योजनाबंदी और विकास बोर्ड की वर्चुअल मीटिंग के दौरान लिए गए। सरकार की तरफ से 30 दिन का एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद इन फैसलों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मीटिंग में फैसला किया गया की राजपुरा में 1100 एकड़ में औद्योगिक केंद्र और लुधियाना के नजदीक 1000 एकड़ में एक और औद्योगिक केंद्र स्थापित किया जाए। एक अन्य फैसले में, गमाडा जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, की तरफ से मोहाली में एक औद्योगिक इस्टेट स्थापित करने का फैसला किया गया। इस इस्टेट के दो हिस्से होंगे जिनमें से एक 530 एकड़ का होगा, जिसे गमाडा की तरफ से विकसित किया जाएगा और इसमें छोटे प्लॉट शामिल होंगे, जबकि 250 एकड़ वाले दूसरे हिस्से में प्राइवेट व्यक्तियों को कारोबार करने की इजाजत होगी।
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शहरों व छोटे कस्बों के बाहरी क्षेत्रों में लगे सकेंगे उद्योग
मीटिंग में लिए गए फैसलों के अनुसार, नगर निगम शहरों में 3 किलोमीटर की हद से बाहर वाले कृषि क्षेत्रों में और छोटे कस्बों से 2 किलोमीटर की हद वाले बाहरी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की आज्ञा दी जाएगी, बशर्ते की जमीन के पास 19-22 फुट का पहुंच मार्ग हो। लाल वर्ग के उद्योग को स्थापित करने के लिए गांव की आबादी से कम-से-कम 500 मीटर दूर होने की शर्त पूरी करनी होगी। मिश्रित उपयोग वाली जमीन के इस्तेमाल संबंधी यह फैसला किया गया है कि ऐसे उद्योग को सिर्फ प्रमुख सड़कों के आसपास स्थापित करने की आज्ञा दी जाए।
न्यू चंडीगढ़ में एक नया रिहायशी सेक्टर बनाने को दी छूट
इनके अलावा न्यू चंडीगढ़ में एक नए रिहायशी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए फैसला किया गया है कि मौजूदा समय में न्यूनतम 100 एकड़ की शर्त में छूट देते हुए 25 एकड़ और इससे अधिक के क्षेत्रफल में किफ़ायती हाउसिंग कालोनियां और 50 एकड़ या इससे अधिक क्षेत्रफल में और रिहायशी कलोनियां बनाने की इजाजत दी जाए। किफायती हाउसिंग नीति संबंधी राज्य सरकार की तरफ से हाल ही में जारी की गई नोटिफिकेशन के मद्देनजर इस फैसले से हजारों लोगों का घर का सपना पूरा होगा।
पटियाला के लिए 222 करोड़ के दो प्रोजेक्टों को मंजूरी
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पटियाला के लिए भी दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को मंजूरी दी जिनमें 180 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज सिस्टम द्वारा छोटी और बड़ी नदी के साथ-साथ सफाई और सौंदर्यीकरण के अलावा चेक डैम द्वारा एक पानी का भंडार तैयार करना है। इसके अलावा पटियाला के मुख्य बाजार को इसकी विरासती स्ट्रीट के विकास के द्वारा सुंदर रूप प्रदान करने के लिए 42 करोड़ रुपये मंजूर किए। मीटिंग में यह भी फैसला किया गया की हवाई अड्डे के नजदीक 200 एकड़ के करीब क्षेत्रफल को विकसित करने की इजाजत जमीन मालिकों को इस शर्त पर दी जाएगी की वह बाहरी विकास खर्चों की अदायगी करें।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया की कि यह फैसले, जिनका मकसद रोजगार की उत्पत्ति करना है, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब क्षेत्रीय एवं शहरी योजनाबंदी और विकास बोर्ड की वर्चुअल मीटिंग के दौरान लिए गए। सरकार की तरफ से 30 दिन का एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद इन फैसलों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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मीटिंग में फैसला किया गया की राजपुरा में 1100 एकड़ में औद्योगिक केंद्र और लुधियाना के नजदीक 1000 एकड़ में एक और औद्योगिक केंद्र स्थापित किया जाए। एक अन्य फैसले में, गमाडा जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, की तरफ से मोहाली में एक औद्योगिक इस्टेट स्थापित करने का फैसला किया गया। इस इस्टेट के दो हिस्से होंगे जिनमें से एक 530 एकड़ का होगा, जिसे गमाडा की तरफ से विकसित किया जाएगा और इसमें छोटे प्लॉट शामिल होंगे, जबकि 250 एकड़ वाले दूसरे हिस्से में प्राइवेट व्यक्तियों को कारोबार करने की इजाजत होगी।
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शहरों व छोटे कस्बों के बाहरी क्षेत्रों में लगे सकेंगे उद्योग
मीटिंग में लिए गए फैसलों के अनुसार, नगर निगम शहरों में 3 किलोमीटर की हद से बाहर वाले कृषि क्षेत्रों में और छोटे कस्बों से 2 किलोमीटर की हद वाले बाहरी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की आज्ञा दी जाएगी, बशर्ते की जमीन के पास 19-22 फुट का पहुंच मार्ग हो। लाल वर्ग के उद्योग को स्थापित करने के लिए गांव की आबादी से कम-से-कम 500 मीटर दूर होने की शर्त पूरी करनी होगी। मिश्रित उपयोग वाली जमीन के इस्तेमाल संबंधी यह फैसला किया गया है कि ऐसे उद्योग को सिर्फ प्रमुख सड़कों के आसपास स्थापित करने की आज्ञा दी जाए।
न्यू चंडीगढ़ में एक नया रिहायशी सेक्टर बनाने को दी छूट
इनके अलावा न्यू चंडीगढ़ में एक नए रिहायशी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए फैसला किया गया है कि मौजूदा समय में न्यूनतम 100 एकड़ की शर्त में छूट देते हुए 25 एकड़ और इससे अधिक के क्षेत्रफल में किफ़ायती हाउसिंग कालोनियां और 50 एकड़ या इससे अधिक क्षेत्रफल में और रिहायशी कलोनियां बनाने की इजाजत दी जाए। किफायती हाउसिंग नीति संबंधी राज्य सरकार की तरफ से हाल ही में जारी की गई नोटिफिकेशन के मद्देनजर इस फैसले से हजारों लोगों का घर का सपना पूरा होगा।
पटियाला के लिए 222 करोड़ के दो प्रोजेक्टों को मंजूरी
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पटियाला के लिए भी दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को मंजूरी दी जिनमें 180 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज सिस्टम द्वारा छोटी और बड़ी नदी के साथ-साथ सफाई और सौंदर्यीकरण के अलावा चेक डैम द्वारा एक पानी का भंडार तैयार करना है। इसके अलावा पटियाला के मुख्य बाजार को इसकी विरासती स्ट्रीट के विकास के द्वारा सुंदर रूप प्रदान करने के लिए 42 करोड़ रुपये मंजूर किए। मीटिंग में यह भी फैसला किया गया की हवाई अड्डे के नजदीक 200 एकड़ के करीब क्षेत्रफल को विकसित करने की इजाजत जमीन मालिकों को इस शर्त पर दी जाएगी की वह बाहरी विकास खर्चों की अदायगी करें।