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Panchkula News: अभिभावकों की अधूरी जानकारी बढ़ा रही बच्चों में कुपोषण की समस्या

Mon, 02 Oct 2023 01:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Oct 2023 01:35 AM IST
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Incomplete information of parents is increasing the problem of malnutrition in children.
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। जिले में लगातार कुपोषण बढ़ता जा रहा है। कुपोषण बढ़ने का मुख्य कारण बच्चों की सही डाइट और टेस्टिंग का नहीं होना बताया जा रहा है। इसमें अधिकतर बच्चों में प्रोटीन, विटामिन, आयरन और हीमोग्लोबिन की सही मात्रा नहीं मिली है। अब तक हरियाणा निरोगी पंचकूला की जांच में दो हजार से ज्यादा बच्चों का टेस्ट किया गया है। इसमें 211 बच्चे अभी तक सामने आए हैं। इसमें प्रोटीन, विटामिन की कमी के कारण अधिकतर बच्चों को उम्र के हिसाब से वेट नहीं मिला है।
वहीं करीब 50 बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी मिली है। विटामिन और आयरन की 80 बच्चों में कमी मिली है। अब इन बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद इन्हें अस्पताल में भर्ती करवाकर ठीक करने के लिए सही डाइट देने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया गया है। हरियाणा निरोगी पंचकूला की नोडल ऑफिसर डॉ. मनकीरत मुरारा ने बताया कि इसमें अधिकतर अभिभावकों को डाइट की सही जानकारी नहीं होने के कारण बच्चे कुपोषण में आए हैं। अधिकतर बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों कालका, पिंजौर, बरवाला सहित अन्य जगहों के हैं।
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खान-पान में मिली गड़बड़ी
बच्चों में कुपोषण खान-पान में गड़बड़ी की वजह से होता है। लंबे समय तक सही डाइट नहीं मिलने पर शरीर में पोषक तत्व की कमी होने लगती है। अभिभावकों के कम पढ़े लिखे होने और जांच सही तरीके से समय पर नहीं करवाने के कारण बच्चों में यह बात निकलकर सामने आई है। बच्चों को छह महीने स्तनपान के बाद खान-पान की आदतें सही तरीके से नहीं मिली हैं। इसके अलावा साफ-सफाई की कमी और स्वस्थ्य वातावरण की कमी और भोजन की असुरक्षा भी दर्शाया गया है। बच्चों के शरीर में जब प्रोटीन और कैलोरी की कमी होती है तो उनमें अनेक की बीमारी होती हैं। अति कुपोषित बीमारी से ग्रस्त बच्चों को छोड़कर अन्य सभी कुपोषित बच्चों केा घर पर सही देखभाल और खानपान से ठीक किया जा सकता है।
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यह बात सामने आए तो तुरंत इलाज कराएं
पंचकूला डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शिवानी हुड्डा ने बताया कि बच्चे के खाना खाने में ज्यादा समय लेन, खेलने में दिलचस्पी ना दिखाना, अपच और कब्ज की समस्या, हाइट न बढ़ना, वजन कम होने पर तुरंत इलाज के लिए ले आए। इन लक्षणों में किसी प्रकार की अनदेखी नहीं करें।


बच्चों के कुपोषण के मामले सामने आने के बाद इनके अभिभावकों को डाइट प्लान के बारे में बताया जा रहा है। हमारी लोगों से अपील है कि लोग हरियाणा निरोगी कार्यक्रम में अपने बच्चे का टेस्ट कराएं, जिससे कि बीमारी का समय पर पता चले और वह कुपोषण के शिकार बनने से बच सकें। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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