{"_id":"61424f3b8ebc3e3de744ef44","slug":"income-tax-inspector-s-petition-dismissed-in-corruption-case-panchkula-news-pkl4269030166","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा : भ्रष्टाचार मामले में आयकर इंस्पेक्टर को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा : भ्रष्टाचार मामले में आयकर इंस्पेक्टर को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। भ्रष्टाचार मामले के आरोपी आयकर इंस्पेक्टर अनूप यादव को बड़ा झटका देते हुए एफआईआर, चार्जशीट और कार्रवाई को रद्द करने की अपील वाली याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी। याचिका दाखिल करते हुए अनूप यादव ने बताया था कि शिकायतकर्ता राम अवतार का मेवात के शमशाबाद में पेट्रोल पंप है।
आरोप के अनुसार इस पेट्रोल पंप की 2013-14 की आयकर से जुड़ी विसंगति के लिए याची ने उनसे एक लाख रुपये की मांग की थी। इसकी शिकायत सीबीआई चंडीगढ़ कार्यालय में दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ट्रैप लगाया था और शिकायतकर्ता द्वारा दी गई राशि को याची से बरामद किया गया था। याची ने कहा कि जो रिकार्डिंग सीबीआई को दी गई है उसमें अनूप सिंह की बात हो रही है जबकि याची का नाम अनूप यादव है। साथ ही बरामदगी की प्रक्रिया को भी नियमों के अनुरूप नहीं किया गया और याची के हाथ पर केमिकल डालते हुए भी तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके साथ ही याची ने कहा कि आरोप तय करते हुए याची के पक्ष पर गौर नहीं किया गया।
ऐसे में एफआईआर, आरोप तय करने तथा अभी तक की कार्रवाई को खारिज किया जाए। सीबीआई ने कहा कि अभी ट्रायल लंबित है और इन सभी को ट्रायल के दौरान निर्धारित किया जाना है। ऐसे में हाईकोर्ट के इस मामले में दखल की संभावना कम ही है। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में कोई राहत नहीं दी जा सकती है और यह मामला हरियाणा सरकार बनाम भजन लाल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशों के पैमाने पर खरा नहीं उतरता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप के अनुसार इस पेट्रोल पंप की 2013-14 की आयकर से जुड़ी विसंगति के लिए याची ने उनसे एक लाख रुपये की मांग की थी। इसकी शिकायत सीबीआई चंडीगढ़ कार्यालय में दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ट्रैप लगाया था और शिकायतकर्ता द्वारा दी गई राशि को याची से बरामद किया गया था। याची ने कहा कि जो रिकार्डिंग सीबीआई को दी गई है उसमें अनूप सिंह की बात हो रही है जबकि याची का नाम अनूप यादव है। साथ ही बरामदगी की प्रक्रिया को भी नियमों के अनुरूप नहीं किया गया और याची के हाथ पर केमिकल डालते हुए भी तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके साथ ही याची ने कहा कि आरोप तय करते हुए याची के पक्ष पर गौर नहीं किया गया।
विज्ञापन
ऐसे में एफआईआर, आरोप तय करने तथा अभी तक की कार्रवाई को खारिज किया जाए। सीबीआई ने कहा कि अभी ट्रायल लंबित है और इन सभी को ट्रायल के दौरान निर्धारित किया जाना है। ऐसे में हाईकोर्ट के इस मामले में दखल की संभावना कम ही है। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में कोई राहत नहीं दी जा सकती है और यह मामला हरियाणा सरकार बनाम भजन लाल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशों के पैमाने पर खरा नहीं उतरता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
विज्ञापन