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पंचकूला: अवैध निर्माणों से हिल स्टेशन कंक्रीट के जंगल में हो रहा तब्दील

Fri, 10 Feb 2023 01:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Feb 2023 01:52 AM IST
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Illegal constructions turning hill station into concrete jungle
दीपक शाही पंचकूला। शिवालिक की तलहटी पर बसा हरियाणा का एक मात्र हिल स्टेशन मोरनी कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता जा रहा है। यहां अफसरों से सांठगांठ कर अवैध होटल और गेस्ट हाउस बनाने का गोरखधंधा बड़े स्तर पर चल रहा है। माइनिंग कर पहाड़ों को खोखला किया जा रहा है। इसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन महज नोटिस देने तक सीमित है। मोरनी क्षेत्र में अवैध 100 से ज्यादा गेस्ट हाउस और होटल बनाए गए हैं। इनके निर्माण के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई है। उसके बाद भी भूमाफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई। शिवालिक की तलहटी से निकलने वाली नदियों में होने वाले खनन से पहाड़ दबने लगे हैं। मोरनी के गांवों में स्थित लोगों के घरों में दरारें आने लगी हैं। इसमें शेर गुजरा और थाणा गांव शामिल हैं। अभी हाल ही में भूस्खलन से मकानों में दरार आने के बाद पंचकूला उपायुक्त महावीर कौशिक ने जायजा भी लिया था। गांव के लोगों को मदद का आश्वासन भी दिया था।
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इन मार्गों पर अवैध होटल और गेस्ट हाउस का निर्माण
- चंडीमंदिर से मोरनी मार्ग पर करीब 24
- नाडा साहिब से मोरनी मार्ग पर करीब 27
- रायपुररानी से त्रिलोकपुर मार्ग पर करीब 20 से 25
- रायपुररानी से मोरनी मार्ग पर करीब 20


मोरनी में 100 से ज्यादा गेस्ट हाउस और होटल अवैध तरीके बनाए गए हैं। इनके पास एनओसी भी नहीं है, जो जांच का विषय है। इनमें गैर कानूनी गतिविधियां भी होती हैं। यहां देर रात शराबी जुटे रहते हैं। जमकर हुल्लड़बाजी होती है। इसकी शिकायत कई बार पुलिस और प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन आज तक जांच नहीं हुई। - करन, निवासी थापली मोरनी।
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2018 से मोरनी के थापली में बने अवैध गेस्ट हाउसों और होटलों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन को शिकायत दे रहा हूं। बिना अनुमति यहां गेस्ट हाउस और होटल बनाए गए हैं। ऐसे चलता रहा तो वन्य प्राणियों सहित पर्यावरण के लिए भी खतरा है। जिसकी जांच होनी चाहिए। याद - राम, निवासी थापली मोरनी।
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पहाड़ों को संरक्षित करने की जरूरत है। अवैध खनन और अवैध निर्माण पूरे मोरनी का स्वरूप बदलकर रख देंगे। यह वन्य जीवों सहित पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। विजय बंसल, एडवोकेट।


1 जनवरी को पंचकूला में मेरी ज्वाइनिंग हुई है। मोरनी में अवैध गेस्ट हाउस और होटलों के निर्माण किए गए हैं, तो वहां के स्थानीय लोग कार्यालय आकर संपर्क कर सकते हैं। अगर बिना एनओसी होटल और गेस्ट हाउसों का निर्माण किया जा रहा है, तो ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - जयदीप खरब, डीटीपी पंचकूला।
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