{"_id":"663a5df471872f37d0027b49","slug":"iit-roorkee-will-prepare-blueprint-for-expansion-of-high-court-building-pkl-office-news-c-16-1-pkl1041-416064-2024-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: आईआईटी रुड़की करेगा हाईकोर्ट की इमारत में विस्तार के लिए खाका तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: आईआईटी रुड़की करेगा हाईकोर्ट की इमारत में विस्तार के लिए खाका तैयार
विज्ञापन
चंडीगढ़। हाईकोर्ट की इमारत में विस्तार व इसके निकट के कार्यालयों में अतिरिक्त स्थान की संभावना तलाशने की जिम्मेदारी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईआईटी रुड़की को सौंप दी है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आईआईटी को पक्ष बनाते हुए नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई पर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही प्रशासन को आदेश दिया है कि एमएलए हॉस्टल के निकट की भूमि पार्किंग के लिए उपलब्ध कराने को लेकर जवाब सौंपा जाए। मंगलवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि हमारी इमारत के लिए अतिरिक्त भूमि अभी तक क्यों नहीं अलॉट की गई। इस पर प्रशासन ने बताया कि 15 एकड़ भूमि सारंगपुर में देने का निर्णय लिया गया है और अभी फिलहाल एक अंतिम सर्वे चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस भूमि के अतिरिक्त वर्तमान में हाईकोर्ट परिसर में भी संभावना खोजी जा सकती है। हाईकोर्ट की इमारत के मूल ढांचे से छेड़छाड़ किए बगैर और इसके धरोहर के दर्जे को ध्यान में रखते हुए ही यह किया जाना चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब आईआईटी रुड़की को मामले में पक्ष बनाते हुए विस्तार को लेकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने पार्किंग के मुद्दे पर प्रशासन से जवाब मांगा तो प्रशासन ने कहा कि वह एमएलए हॉस्टल पंजाब के निकट मौजूद रिक्त स्थान उपलब्ध कराने को तैयार है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर पार्किंग और अलॉटमेंट को लेकर प्रशासन विस्तृत हलफनामा दाखिल करे।
इतनी जमीन जरूरी
रिपोर्ट के अनुसार -वकीलों को 5.80 लाख, एडवोकेट जनरल पंजाब कार्यालय को 92000 व एडवोकेट जनरल कार्यालय हरियाणा को 87000 स्क्वायर फीट भूमि की जरूरत है। इसके साथ ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया को तथा यूटी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल कार्यालय को भी भूमि की जरूरत है। औसतन एक वकील को 50 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है और वर्तमान में 13 हजार वकील हाईकोर्ट में मौजूद रहते हैं। ऐसे में वर्तमान में मौजूद स्थान के अतिरिक्त वकीलों को 5.80 लाख स्क्वायर फीट भूमि की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद हाईकोर्ट ने पार्किंग के मुद्दे पर प्रशासन से जवाब मांगा तो प्रशासन ने कहा कि वह एमएलए हॉस्टल पंजाब के निकट मौजूद रिक्त स्थान उपलब्ध कराने को तैयार है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर पार्किंग और अलॉटमेंट को लेकर प्रशासन विस्तृत हलफनामा दाखिल करे।
विज्ञापन
इतनी जमीन जरूरी
रिपोर्ट के अनुसार -वकीलों को 5.80 लाख, एडवोकेट जनरल पंजाब कार्यालय को 92000 व एडवोकेट जनरल कार्यालय हरियाणा को 87000 स्क्वायर फीट भूमि की जरूरत है। इसके साथ ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया को तथा यूटी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल कार्यालय को भी भूमि की जरूरत है। औसतन एक वकील को 50 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है और वर्तमान में 13 हजार वकील हाईकोर्ट में मौजूद रहते हैं। ऐसे में वर्तमान में मौजूद स्थान के अतिरिक्त वकीलों को 5.80 लाख स्क्वायर फीट भूमि की जरूरत है।
विज्ञापन