फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Ignoring CM's announcement, 200 tonnes of garbage is being dumped everyday in Jhuriwala

Panchkula News: सीएम की घोषणा भी दरकिनार, झूरीवाला में हर रोज डाला जा रहा 200 टन कचरा

Fri, 26 May 2023 01:59 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2023 01:59 AM IST
विज्ञापन
Ignoring CM's announcement, 200 tonnes of garbage is being dumped everyday in Jhuriwala
बदबू के कारण घग्गर पार बसे सेक्टर वासियों को झेलनी पड़ रही परेशानी, अभी तक छह एमआरएफ सेंटर भी नहीं बने हैं
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के एक माह बाद भी घग्गर पार के लोगों को कूड़े की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। सीएम ने 17 अप्रैल को डोर टू डोर से शहर के छह एमआरएफ सेंटरों पर एकत्रित कर कचरे को ट्राले में भरकर अंबाला के पटवी भेजने घोषणा की थी। एक माह से ज्यादा का समय हो चुका है। अभी तक न तो एमआरएफ सेंटर बने हैं, न ही डंपिंग ग्राउंड में कचरा डाला जाना रुका है। प्रशासन घग्गर पार के लोगों को राहत देने के लिए एनजीटी के प्रयासों पर पानी फेर रहा है। वर्तमान में औसतन हर रोज 200 टन कचरा झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है। यहां कचरा एकत्रित करने के बाद अंबाला भेजा जा रहा है। सेक्टरों का कचरा हर रोज वहीं डालने से लोगों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। अभी तक न बदबू से निजात मिली है, न ही लोगाें की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर हुई हैं।
नगर निगम की तरफ से शहर के सेक्टर-23 चौक पर डंपिंग ग्राउंड में कचरा डाला जाता था। लोगों के विरोध को देखकर नगर निगम ने वहां कचरा डालना बंद कर दिया था। उसके बाद नया डंपिंग ग्राउंड झूरीवाला में बनाया गया। वहां हर रोज 200 टन कचरा डलना शुरू हो गया। सेक्टर-23 की तरह ही अब वहां सेक्टर-25 के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस पर एनजीटी ने आदेश जारी किए थे कि झूरीवाला वन्य क्षेत्र है, इसलिए वहां पर कचरा नहीं डाला जाए। आदेशाें में यह भी कहा गया था कि झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड की साइट को फिर से वन्य क्षेत्र के रूप में डेवलप किया जाए।
विज्ञापन



स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से जूझ रहे लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-25 में समस्या सबसे ज्यादा है। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि 50 फीसदी सेक्टरवासियों को अलग-अलग तरह की एलर्जी हो गई है। डंपिंग ग्राउंड में हर रोज कचरा डाले जाने के कारण जमीन का पानी खराब हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



निकालते समय नहीं किया जाता कचरे का वजन
नगर निगम की गाड़ियां शहर से कचरा लेकर जब झूरीवाला पहुंचती हैं तो कांटे पर उनका वजन किया जाता है। मगर जब उस कचरे को बड़ी गाड़ी में डालकर ले जाया जाता है तो उसका कोई वजन नहीं किया जाता। वहां से पूरा कचरा उठाया जा रहा है या नहीं, इस पर भी लोगों को संशय बना हुआ है। वहीं जब तक हर रोज यहां कचरा डाला जाता रहेगा तब तक इस साइट को वन्य क्षेत्र के रूप में डेवलप करना भी संभव नहीं है।



कोट्स

अधिकारियों को न तो नियमों की कोई परवाह है और न ही लोगों के स्वास्थ्य की। एनजीटी के आदेशों को भी अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। डंपिंग ग्राउंड के कारण लोग नरक का जीवन जी रहे हैं। लगातार बदबू रहने के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। जमीनी पानी खराब हो गया है, मगर किसी को कोई परवाह नहीं है। - संजीव गोयल, आरडब्ल्यूए प्रधान, सेक्टर-25


एनजीटी ने आदेश दिए थे कि इस साइट को फिर से वन्य क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। अब तक इसे फिर से वन्य क्षेत्र बनाने के लिए कोई कवायद नहीं की गई है, मगर नगर निगम की ओर से हर रोज यहां कूड़ा जरूर डाला जा रहा है। जब तक यहां कूड़ा डलेगा, सेक्टरवासियों की परेशानी ऐसे ही खड़ी रहेगी। - एडवोकेट नितेश मित्तल, निवासी, सेक्टर-25


सेक्टर-25 सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। वहीं इस डंपिंग ग्राउंड की बदबू सेक्टर-26 और 27 तक भी जाती है। सेक्टर-25 के 50 फीसदी लोग विभिन्न प्रकार की एलर्जी से ग्रस्त हो गए हैं। यहां रहने वाले लोग सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यहां पर हेल्थ सर्वे करवाया जाना चाहिए, ताकि हालात का सही पता चल सके।- पुष्पा सिंगरोहा, निवासी, सेक्टर-25


डंपिंग ग्राउंड को हटवाने के लिए हमने आंदोलन किया, धरना दिया। बदबू में कई दिन तक बैठे रहे। सर्दी के मौसम में पानी की बौछार हम पर मारी गई। जब एनजीटी ने इस मामले में सुनवाई की और सेक्टरवासियों के हित में फैसला दिया तो उनकी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां कचरा लाने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगनी चाहिए। - डॉ. सबरीना, निवासी, सेक्टर-25



यहां पर कचरा डालने के लिए सरकार से एक दिन की मंजूरी हमें मिली हुई है। हर रोज कचरा यहां एकत्र करने के बाद उसको अंबाला भेज दिया जाता है। सीसीटीवी की निगरानी में पूरा काम किया जा रहा है। - मयंक मल्होत्रा, पूजा कंसलटेंसी



छह एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए एचएसवीपी से जगह मांगी गई है। जैसे ही जगह मिल जाती है, तो शहर का कचरा छह जगहों में बंट जाएगा। इससे एक जगह सारा कचरा नहीं जाएगा। उसके बाद लोगों को काफी राहत मिल जाएगी। - कुलभूषण गोयल, मेयर, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed