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कमांडेंट के पिता के कारोबार से मुंह मोड़ा तो पति पर दर्ज कराए दो झूठे केस, हाईकोर्ट पहुंची महिला
Sat, 26 Sep 2020 11:42 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2020 11:42 AM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
मोहाली की इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) कमांडेंट बटालियन के एसपी बलविंदर सिंह पर पति को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए अपने व परिवार की सुरक्षा के लिए जीरकपुर की महिला ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है। न्यायालय ने यूटी और पंजाब पुलिस को याची के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
याची ने उच्च न्यायालय को बताया कि बलविंदर सिंह के पिता का प्रापर्टी से जुड़ा कारोबार था और याची का पति उनके साथ ही काम करता था। वह लंबे समय से उनके साथ जुड़ा हुआ था और उनके सभी वैध/अवैध कार्य के बारे में जानता था। याची ने कहा कि इस दौरान बलविंदर सिंह द्वारा लोगों से वसूले गए पैसे कनाडा के खाते में जमा करवाने के लिए याची के पति को ही दिए जाते थे।
कुछ समय बाद याची के पति ने अपना अलग कारोबार शुरू कर दिया और इसके लिए 62 मरला जमीन बलविंदर के पिता से खरीदी। इस जमीन के लिए 18 लाख छोड़ कर बाकी की राशि का भुगतान कर दिया गया। बलविंदर को यह रास नहीं आया कि याची का पति उसके पिता का साथ छोड़ कर अपना काम शुरू कर रहा है। इसके चलते लगातार याची के पति को परेशान किया जाने लगा।
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जो भूमि ली गई थी उसे प्लॉट काट कर बेच दिया गया और कई लोगों ने तो वहां पर मकान के निर्माण तक पूरे कर लिए। यह सब बलविंदर को रास नहीं आया और एक बार तो अपने निजी सुरक्षा गार्ड के माध्यम से भूमि पर कब्जा तक ले लिया गया। इससे न केवल याचिकाकर्ता बल्कि वहां प्लॉट लेने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। याची के पति ने लॉक डाउन होने के बावजूद 10 लाख रुपये के ड्राफ्ट का इंतजाम कर और सौंप दिया।
इसके बाद याची 8 लाख देने को भी तैयार है, लेकिन बलविंदर और उसके पिता की नीयत प्रापर्टी हड़पने की है। इसके चलते एसपी ने सेक्टर 17 चंडीगढ़ पुलिस स्टेशन में याची के पति के खिलाफ अवैध हथियार का केस दर्ज करवा दिया। इसके साथ ही नया गांव में भी एक ऐसा ही झूठा केस दर्ज करवाया गया है। याची ने कहा कि उसके पति के पास लाइसेंसी हथियार है तो वह क्यों अवैध हथियार अपने पास रखेगा।
ऐसा सिफ याचिकाकर्ता और उसके परिवार को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। धमकी भी दी गई है कि यदि आवाज उठाई तो पूरे परिवार को झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने अब याची के जीवन और उसकी प्रापर्टी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के यूटी व पंजाब के डीजीपी सहित अन्य को निर्देश दिया है।
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याची ने उच्च न्यायालय को बताया कि बलविंदर सिंह के पिता का प्रापर्टी से जुड़ा कारोबार था और याची का पति उनके साथ ही काम करता था। वह लंबे समय से उनके साथ जुड़ा हुआ था और उनके सभी वैध/अवैध कार्य के बारे में जानता था। याची ने कहा कि इस दौरान बलविंदर सिंह द्वारा लोगों से वसूले गए पैसे कनाडा के खाते में जमा करवाने के लिए याची के पति को ही दिए जाते थे।
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कुछ समय बाद याची के पति ने अपना अलग कारोबार शुरू कर दिया और इसके लिए 62 मरला जमीन बलविंदर के पिता से खरीदी। इस जमीन के लिए 18 लाख छोड़ कर बाकी की राशि का भुगतान कर दिया गया। बलविंदर को यह रास नहीं आया कि याची का पति उसके पिता का साथ छोड़ कर अपना काम शुरू कर रहा है। इसके चलते लगातार याची के पति को परेशान किया जाने लगा।
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जो भूमि ली गई थी उसे प्लॉट काट कर बेच दिया गया और कई लोगों ने तो वहां पर मकान के निर्माण तक पूरे कर लिए। यह सब बलविंदर को रास नहीं आया और एक बार तो अपने निजी सुरक्षा गार्ड के माध्यम से भूमि पर कब्जा तक ले लिया गया। इससे न केवल याचिकाकर्ता बल्कि वहां प्लॉट लेने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। याची के पति ने लॉक डाउन होने के बावजूद 10 लाख रुपये के ड्राफ्ट का इंतजाम कर और सौंप दिया।
इसके बाद याची 8 लाख देने को भी तैयार है, लेकिन बलविंदर और उसके पिता की नीयत प्रापर्टी हड़पने की है। इसके चलते एसपी ने सेक्टर 17 चंडीगढ़ पुलिस स्टेशन में याची के पति के खिलाफ अवैध हथियार का केस दर्ज करवा दिया। इसके साथ ही नया गांव में भी एक ऐसा ही झूठा केस दर्ज करवाया गया है। याची ने कहा कि उसके पति के पास लाइसेंसी हथियार है तो वह क्यों अवैध हथियार अपने पास रखेगा।
ऐसा सिफ याचिकाकर्ता और उसके परिवार को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। धमकी भी दी गई है कि यदि आवाज उठाई तो पूरे परिवार को झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने अब याची के जीवन और उसकी प्रापर्टी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के यूटी व पंजाब के डीजीपी सहित अन्य को निर्देश दिया है।