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Panchkula News: बिजली संशोधन बिल संसद में पेश किया तो तीन घंटे रोकेंगे रेल, टोल प्लाजा करवाएंगे फ्री
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चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शनिवार को किसान भवन में विभिन्न मांगों को लेकर मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी और महिलाओं की जत्थेबंदियों के साथ एक बैठक की। बैठक में फैसला लिया गया कि अगर बिजली संशोधन बिल संसद में पेश किया गया तो अगले ही दिन तीन घंटे दोपहर 12 से 3 बजे तक रेलवे ट्रैक जाम करके रोष प्रदर्शन करेंगे। साथ ही टोल प्लाजा भी फ्री भी करवाएंगे।
इसके साथ ही 28 दिसंबर से 4 जनवरी तक मोटरसाइकिल रैली, रोष मार्च व लोगों को जोड़ने के लिए जागो निकालने का फैसला लिया गया है जिसकी तैयारियों के लिए 15 दिसंबर को जिला स्तरीय बैठकें बुलाई गई हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि बिजली संशोधन बिल के जरिये बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं जिससे बिजली लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। किसानों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
मोर्चे ने कहा कि पंजाब सरकार ने अभी तक बिल पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। राज्य सरकार की चुप्पी केंद्र की धक्केशाही के समर्थन की ओर इशारा करती है जिसका किसान कड़ा विरोध करेंगे। साथ ही संपत्तियों की खुलेआम की जा रही नीलामी का भी विरोध किया जाएगा। बिजली बिल के खिलाफ बिजली व शिक्षक जत्थेबंदियों भी काले कपड़े पहनकर रोष प्रदर्शन करेंगे।
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उगराहां ने कहा कि बिल के खिलाफ 16 जनवरी को बिजली दफ्तरों के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। एसकेएम ने बीज संशोधन बिल, चार लेबर कोड लाने की तैयारी का भी विरोध किया है। बैठक में एनआईसी में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी देने के खिलाफ भी प्रस्ताव पास किया है।
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इसके साथ ही 28 दिसंबर से 4 जनवरी तक मोटरसाइकिल रैली, रोष मार्च व लोगों को जोड़ने के लिए जागो निकालने का फैसला लिया गया है जिसकी तैयारियों के लिए 15 दिसंबर को जिला स्तरीय बैठकें बुलाई गई हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि बिजली संशोधन बिल के जरिये बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं जिससे बिजली लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। किसानों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
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मोर्चे ने कहा कि पंजाब सरकार ने अभी तक बिल पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। राज्य सरकार की चुप्पी केंद्र की धक्केशाही के समर्थन की ओर इशारा करती है जिसका किसान कड़ा विरोध करेंगे। साथ ही संपत्तियों की खुलेआम की जा रही नीलामी का भी विरोध किया जाएगा। बिजली बिल के खिलाफ बिजली व शिक्षक जत्थेबंदियों भी काले कपड़े पहनकर रोष प्रदर्शन करेंगे।
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उगराहां ने कहा कि बिल के खिलाफ 16 जनवरी को बिजली दफ्तरों के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। एसकेएम ने बीज संशोधन बिल, चार लेबर कोड लाने की तैयारी का भी विरोध किया है। बैठक में एनआईसी में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी देने के खिलाफ भी प्रस्ताव पास किया है।