{"_id":"62757c455ce603449a29d52b","slug":"husband-is-criminal-judge-sir-divorce-case-should-be-sent-to-another-district-court-panchkula-news-pkl449844555","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘पति अपराधी है जज साहब, तलाक का केस किसी अन्य जिले की कोर्ट में भेजा जाए’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘पति अपराधी है जज साहब, तलाक का केस किसी अन्य जिले की कोर्ट में भेजा जाए’
विज्ञापन
चंडीगढ़। पति के अपराधी होने की दलील देते हुए तलाक से जुड़े संगरूर में चल रहे मामले को संगरूर से बाहर की अदालत में भेजने की अपील करते हुए दाखिल पत्नी की याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट ने मानसा के जिला जज को तलाक का केस सुनने के लिए बेंच निर्धारित करने का आदेश दिया है।
पत्नी द्वारा याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि उसके पति ने उससे तलाक के लिए संगरूर की अदालत में केस दाखिल किया है। याची ने बताया कि उसका बेटा नाबालिग है और मानसा से संगरूर की दूरी 55 किलोेमीटर है। इसके साथ ही उसका पति अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर याची के रिश्तेदारों पर हमला भी कर चुका है। इसके अलावा उसके पति पर फिरौती के लिए अपहरण जैसे गंभीर मामले में केस दर्ज है। ऐसे में केस को मानसा के आसपास कहीं लगाया जाए।
हाईकोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि याची का पति आपराधिक प्रवृत्ति का लगता है। ऐसे में याची का संगरूर जाना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं लगता है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब इस प्रकार की असाधारण स्थितियां पैदा होती हैं तो न्यायालय का दखल आवश्यक हो जाता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़ा केस मानसा के जिला जज को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि मानसा के जिला जज इस केस को सुनने के बाद बेंच निर्धारित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पत्नी द्वारा याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि उसके पति ने उससे तलाक के लिए संगरूर की अदालत में केस दाखिल किया है। याची ने बताया कि उसका बेटा नाबालिग है और मानसा से संगरूर की दूरी 55 किलोेमीटर है। इसके साथ ही उसका पति अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर याची के रिश्तेदारों पर हमला भी कर चुका है। इसके अलावा उसके पति पर फिरौती के लिए अपहरण जैसे गंभीर मामले में केस दर्ज है। ऐसे में केस को मानसा के आसपास कहीं लगाया जाए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि याची का पति आपराधिक प्रवृत्ति का लगता है। ऐसे में याची का संगरूर जाना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं लगता है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब इस प्रकार की असाधारण स्थितियां पैदा होती हैं तो न्यायालय का दखल आवश्यक हो जाता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़ा केस मानसा के जिला जज को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि मानसा के जिला जज इस केस को सुनने के बाद बेंच निर्धारित करें।
विज्ञापन