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Panchkula News: एचएसवीपी ने नहरी क्षेत्र में काटे प्लाॅट सिंचाई विभाग बोला- दर्ज करो केस
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 के विकसित होने से पहले दो विभागों में ठन गई है। मामले में एनओसी नहीं लेने का आरोप लगाकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ ने दूसरी बार प्रोजेक्ट का काम रुकवा दिया है। विभाग के इंजीनियरिंग विंग ने पिंजौर एसएचओ और पंचकूला एसपी को पत्र लिखकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग पर एफआईआर दर्ज करने की मांग तक कर दी है।
इससे पहले भी अगस्त में सेक्टर को विकसित करने के मामले में दोनों विभाग आमने-सामने आ चुके हैं। एचएसवीपी का कहना है कि सभी काम नियमानुसार किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग सरकारी प्रोजेक्ट मेें क्यों अड़ंगा डाल रहा है समझ से परे है। इसके अलावा उन्होंने एनओसी के लिए अप्लाई कर दिया है। इस मामले में दोनों विभागों के एक्सईएन के बीच तीन बार एनओसी को लेकर बैठक भी हो चुकी है। एनओसी जारी करने से पहले सिंचाई विभाग एचएसवीपी के दस्तावेजों की जांच करेगा। दस्तावेज सही मिलने पर विभाग एनओसी जारी करेगा।
यह है दोनों विभागों की प्रतिक्रिया
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ मुनीष ने बताया कि नहरी क्षेत्र में कोई भी सेक्टर विकसित करने से पहले विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। यहां कौशल्या डैम है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने काम शुरू करने से पहले एनओसी नहीं ली है। बिना एनओसी के विभाग यहां काम नहीं शुरू करा सकता है। यह नियम के खिलाफ है। इसलिए विभाग ने आवासीय प्रोजेक्ट को रुकवा दिया है, लेकिन विभाग मान नहीं रहा था, इसलिए दोबारा काम रुकवाया गया है। संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएचओ और एसपी को पत्र लिखा गया है।
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एचएसवीपी के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की यहां 20 एकड़ जमीन है। यहां सेक्टर विकसित करने की योजना है। इस पर विभाग काम कर रहा है। सभी शर्तें पूरी कर ली हैं। कुछ जगहों पर जमीन का लेबल बराबर और कुछ जगहों पर लेबल ऊंचा है। कहीं भी जमीन का लेबल नीचे नहीं है। कौशल्या डैम से चार मीटर ऊंचाई पर सेक्टर विकसित किया जा रहा है। विभाग को लोगों की सुरक्षा का ध्यान है। यहां प्राइवेट बिल्डरों के दो बड़े आवासीय प्रोजेक्ट पहले ही मौजूद हैं। वहां सैकड़ों लोग रह रहे हैं।
एक अतिरिक्त मार्ग मिलेगा
8.03 एकड़ में सेक्टर-5 बसाने की योजना बनाई गई है। विभाग की तरफ से हिमशिखा के पीछे 480 प्लाॅटों में से 102 प्लॉट काटे हैं। इस सेक्टर में पानी और सीवरेज कनेक्शन डालने की तैयारी चल रही थी। सेक्टर विकसित होने के बाद हिमशिखा सहित आसपास की कॉलोनियों को एक अतिरिक्त सड़क मिल जाएगी।
अभी पंचकूला से हिमशिखा तक तय करने में 15 से 20 मिनट लगते हैं। बाद में यह सफर केवल 10 मिनट का रह जाएगा। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। पिंजौर के सेक्टर-5 में प्रवेश के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 45 मीटर सड़क टोल प्लाजा से थोड़ी दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के साथ बना रहा है। इसमें शामिल पुल का काम पूरा कर लिया गया है, यह डीएलएफ वैली के पास जाकर मिलेगा। यह सड़क 19.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही। अभी यहां भी वन विभाग की क्लीयरेंस नहीं मिलने के चलते सड़क का काम अधूरा पड़ा है।
पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 विकसित करने के लिए सड़कों का काम शुरू किया जा रहा था। सिंचाई विभाग के एसडीओ ने एनओसी का हवाला देकर काम रुकवा दिया है। विभाग ने एनओसी के लिए अप्लाई कर दिया है। अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। विभाग लगातार एनओसी के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर रहा है। - राजीव शर्मा, एसई एचएसवीपी।
सिंचाई विभाग और एचएसवीपी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जैसे ही शिकायत आएगी उचित कार्रवाई की जाएगी। - सोमवीर सिंह, एसएचओ, पिंजाैर थाना, पंचकूला
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पंचकूला। पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 के विकसित होने से पहले दो विभागों में ठन गई है। मामले में एनओसी नहीं लेने का आरोप लगाकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ ने दूसरी बार प्रोजेक्ट का काम रुकवा दिया है। विभाग के इंजीनियरिंग विंग ने पिंजौर एसएचओ और पंचकूला एसपी को पत्र लिखकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग पर एफआईआर दर्ज करने की मांग तक कर दी है।
इससे पहले भी अगस्त में सेक्टर को विकसित करने के मामले में दोनों विभाग आमने-सामने आ चुके हैं। एचएसवीपी का कहना है कि सभी काम नियमानुसार किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग सरकारी प्रोजेक्ट मेें क्यों अड़ंगा डाल रहा है समझ से परे है। इसके अलावा उन्होंने एनओसी के लिए अप्लाई कर दिया है। इस मामले में दोनों विभागों के एक्सईएन के बीच तीन बार एनओसी को लेकर बैठक भी हो चुकी है। एनओसी जारी करने से पहले सिंचाई विभाग एचएसवीपी के दस्तावेजों की जांच करेगा। दस्तावेज सही मिलने पर विभाग एनओसी जारी करेगा।
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यह है दोनों विभागों की प्रतिक्रिया
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ मुनीष ने बताया कि नहरी क्षेत्र में कोई भी सेक्टर विकसित करने से पहले विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। यहां कौशल्या डैम है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने काम शुरू करने से पहले एनओसी नहीं ली है। बिना एनओसी के विभाग यहां काम नहीं शुरू करा सकता है। यह नियम के खिलाफ है। इसलिए विभाग ने आवासीय प्रोजेक्ट को रुकवा दिया है, लेकिन विभाग मान नहीं रहा था, इसलिए दोबारा काम रुकवाया गया है। संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएचओ और एसपी को पत्र लिखा गया है।
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एचएसवीपी के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की यहां 20 एकड़ जमीन है। यहां सेक्टर विकसित करने की योजना है। इस पर विभाग काम कर रहा है। सभी शर्तें पूरी कर ली हैं। कुछ जगहों पर जमीन का लेबल बराबर और कुछ जगहों पर लेबल ऊंचा है। कहीं भी जमीन का लेबल नीचे नहीं है। कौशल्या डैम से चार मीटर ऊंचाई पर सेक्टर विकसित किया जा रहा है। विभाग को लोगों की सुरक्षा का ध्यान है। यहां प्राइवेट बिल्डरों के दो बड़े आवासीय प्रोजेक्ट पहले ही मौजूद हैं। वहां सैकड़ों लोग रह रहे हैं।
एक अतिरिक्त मार्ग मिलेगा
8.03 एकड़ में सेक्टर-5 बसाने की योजना बनाई गई है। विभाग की तरफ से हिमशिखा के पीछे 480 प्लाॅटों में से 102 प्लॉट काटे हैं। इस सेक्टर में पानी और सीवरेज कनेक्शन डालने की तैयारी चल रही थी। सेक्टर विकसित होने के बाद हिमशिखा सहित आसपास की कॉलोनियों को एक अतिरिक्त सड़क मिल जाएगी।
अभी पंचकूला से हिमशिखा तक तय करने में 15 से 20 मिनट लगते हैं। बाद में यह सफर केवल 10 मिनट का रह जाएगा। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। पिंजौर के सेक्टर-5 में प्रवेश के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 45 मीटर सड़क टोल प्लाजा से थोड़ी दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के साथ बना रहा है। इसमें शामिल पुल का काम पूरा कर लिया गया है, यह डीएलएफ वैली के पास जाकर मिलेगा। यह सड़क 19.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही। अभी यहां भी वन विभाग की क्लीयरेंस नहीं मिलने के चलते सड़क का काम अधूरा पड़ा है।
पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 विकसित करने के लिए सड़कों का काम शुरू किया जा रहा था। सिंचाई विभाग के एसडीओ ने एनओसी का हवाला देकर काम रुकवा दिया है। विभाग ने एनओसी के लिए अप्लाई कर दिया है। अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। विभाग लगातार एनओसी के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर रहा है। - राजीव शर्मा, एसई एचएसवीपी।
सिंचाई विभाग और एचएसवीपी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जैसे ही शिकायत आएगी उचित कार्रवाई की जाएगी। - सोमवीर सिंह, एसएचओ, पिंजाैर थाना, पंचकूला