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कैसे होगा शिक्षा में सुधार : स्कूलों के प्रबंधन को 64 बीईओ और 127 कालेजों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं
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चंडीगढ़। शिक्षा स्तर में सुधार के लिए हरियाणा सरकार के तमाम दावे आंकड़ों के आगे धराशाही हो रहे हैं। स्कूलों में जहां 38,476 अध्यापकों की कमी हैं तो प्रबंधन के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों के 119 में से 64 पद खाली हैं। प्रदेश में खंड शिक्षा अधिकारियों के केवल 55 पद ही भरे हुए हैं। अधिकतर जगह प्रिंसिपलों को खंड शिक्षा अधिकारी का एडिशनल चार्ज दिया हुआ है। इसी प्रकार, प्रदेश के 46 कॉलेजों के पास अपना भवन नहीं है। ये किराये के भवनों में चल रहे हैं। 127 कॉलेज ऐसे हैं, जहां पर स्थाई प्रिंसिपल नहीं है। इनमें से काफी संख्या में ऐसे कॉलेज हैं, जहां पर पिछले 3-4 साल से स्थायी प्रिंसिपल नहीं मिला है। इससे भी गंभीर बात ये है कि 45 कॉलेज ऐसे हैं जहां पर 200-200 से भी कम विद्यार्थी हैं। इनमें 16 सरकारी और 29 निजी कॉलेज भी शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री के जिले में 3 पद खाली, पूर्व शिक्षा मंत्री के जिले में सभी पद भरे
पंचकूला में 4 और फरीदाबाद में 2 बीईओ के पद स्वीकृत हैं, लेकिन सभी खाली हैं। करनाल में 6 में से 4 पद खाली हैं। शिक्षा मंत्री कंवर पाल के गृह जिले यमुनानगर में 6 स्वीकृत पदों में से 3 खाली है। पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के जिले झज्जर में ही सभी 5 पद भरे हुए हैं। अंबाला में 6 में से 4 खाली, भिवानी में 7 में से 2 खाली, चरखी दादरी में 3 में से 1, फतेहाबाद में 6 में से 5 और गुरुग्राम में 4 स्वीकृत पदों में से 3 खाली हैं। इसी प्रकार हिसार में 9 में से 3, जींद में 7 में से 5, कैथल में 6 में से 5, कुरुक्षेत्र में 5 से 3, महेंद्रगढ़ में 5 में से 2 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, नूंह में 5 में से 4, पलवल में 4 में से 2 रिक्त, पानीपत में 5 से 2, रेवाड़ी में 5 से 3, रोहतक में 5 में से 2 खाली, सिरसा में 7 में से 6 रिक्त, सोनीपत में 7 में से 2 खाली हैं।
इन कॉलेजों के पास नहीं अपना भवन
जींद के राजकीय कॉलेज पिल्लुखेड़ा, छातर, सोनीपत के मोहना, भैंसवाल कलां, बरोदा, मेवात जिले के बिस्तर अकबरपुर और फिरोजपुर झिरका, पलवल के भंदोली कॉलेज और अंबाला शहर के राजकीय कॉलेज के पास अपना भवन नहीं है। करनाल जिले में असंध, जुंडला, पाढ़ा, तरावड़ी, बस्तली, घरौंडा, चरखी दादरी जिले में मंडी हरिया, राजकीय महाविद्यालय, फरीदाबाद में बल्लभगढ़, नचौली व मोहना, गुरुग्राम में गुरुग्राम सेक्टर 52, रिठौज, मानेसर, फर्रुखनगर और हिसार में डाटा, बालसमंद, अग्रोहा, मंगाली और झज्जर जिले में कुलाना व कैथल जिले के लदाना चक्कू व राजौंद स्थि राजकीय कालेज के पास अपना भवन नहीं है। कुरुक्षेत्र में चाम्मू कलां, महेंद्रगढ़ में सिहमा, रेवाड़ी जिले में बावल, जाटूसाना राजकीय कालेज, सिरसा में रानिया, गोरीवाला और भिवानी, इसरवाल व लौहारू, पंचकूला के मोरनी व मंशा देवी और यमुनानगर के मुस्तफाबाद और प्रतापनगर राजकीय कॉलेज बिना अपने भवन के चल रहे हैं।
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कॉलेजों में खाली स्थायी प्रिंसिपल के पद
जिला पद
महेंद्रगढ़ 14
करनाल 10
रेवाड़ी 11
अंबाला 5
भिवानी 4
चरखीदादरी 4
फरीदाबाद 4
नूंह 4
कैथल 4
फतेहाबाद 5
गुरुग्राम 2
हिसार 7
झज्जर 11
जींद 7
कुरुक्षेत्र 3
पंचकूला 5
पानीपत 2
पलवल 6
रोहतक 2
सिरसा 5
सोनीपत 7
यमुनानगर 5
यहां 200 भी विद्यार्थी नहीं
महाविद्यालय इसरवाल 175
अग्रोहा, हिसार 118
जसौर खेड़ी, झज्जर 136
कुलाना, झज्जर 166
छातर, जींद 112
लदाना चक्कू, कैथल 95
राजौंद, कैथल 120
जुंडला, करनाल 163
फिरोजपुर झिरका 116
मोरनी, पंचकूला 17
माता मंशा देवी 22
गौरीवाला, सिरसा 99
बरोदा, सोनीपत 92
भैंसवाल कलां, सोनीपत 77
मोहाना, सोनीपत 147
प्रताप नगर, यमुनानगर 95
कोट
आरटीआई में मिले आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि हरियाणा सरकार की शिक्षा को लेकर कोई ठोस योजना है और न ही युवाओं से कोई सरोकार। स्कूल-कालेजों में अध्यापक नहीं, बीईओ और प्रिसिंपल तक खाली पड़े हैं। शिक्षा के मामले में प्रदेश सरकार खानापूर्ति कर रही है, जबकि दावे नई शिक्षा नीति को लागू करने के किए जा रहे हैं। - दीपांशु बंसल, युवा कांग्रेस नेता
कोट
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विजन है कि बेटियों के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में कालेज हो। इसी नीति के तहत जहां जरूरत है नए कालेज खोले गए हैं। कालेजों के भवन तैयार किए जा रहे हैं। खाली पदों को भरने के लिए भी विभाग गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस ने अपने समय में शिक्षा के लिए कुछ नहीं किया। - कंवर पाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री
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शिक्षा मंत्री के जिले में 3 पद खाली, पूर्व शिक्षा मंत्री के जिले में सभी पद भरे
पंचकूला में 4 और फरीदाबाद में 2 बीईओ के पद स्वीकृत हैं, लेकिन सभी खाली हैं। करनाल में 6 में से 4 पद खाली हैं। शिक्षा मंत्री कंवर पाल के गृह जिले यमुनानगर में 6 स्वीकृत पदों में से 3 खाली है। पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के जिले झज्जर में ही सभी 5 पद भरे हुए हैं। अंबाला में 6 में से 4 खाली, भिवानी में 7 में से 2 खाली, चरखी दादरी में 3 में से 1, फतेहाबाद में 6 में से 5 और गुरुग्राम में 4 स्वीकृत पदों में से 3 खाली हैं। इसी प्रकार हिसार में 9 में से 3, जींद में 7 में से 5, कैथल में 6 में से 5, कुरुक्षेत्र में 5 से 3, महेंद्रगढ़ में 5 में से 2 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, नूंह में 5 में से 4, पलवल में 4 में से 2 रिक्त, पानीपत में 5 से 2, रेवाड़ी में 5 से 3, रोहतक में 5 में से 2 खाली, सिरसा में 7 में से 6 रिक्त, सोनीपत में 7 में से 2 खाली हैं।
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इन कॉलेजों के पास नहीं अपना भवन
जींद के राजकीय कॉलेज पिल्लुखेड़ा, छातर, सोनीपत के मोहना, भैंसवाल कलां, बरोदा, मेवात जिले के बिस्तर अकबरपुर और फिरोजपुर झिरका, पलवल के भंदोली कॉलेज और अंबाला शहर के राजकीय कॉलेज के पास अपना भवन नहीं है। करनाल जिले में असंध, जुंडला, पाढ़ा, तरावड़ी, बस्तली, घरौंडा, चरखी दादरी जिले में मंडी हरिया, राजकीय महाविद्यालय, फरीदाबाद में बल्लभगढ़, नचौली व मोहना, गुरुग्राम में गुरुग्राम सेक्टर 52, रिठौज, मानेसर, फर्रुखनगर और हिसार में डाटा, बालसमंद, अग्रोहा, मंगाली और झज्जर जिले में कुलाना व कैथल जिले के लदाना चक्कू व राजौंद स्थि राजकीय कालेज के पास अपना भवन नहीं है। कुरुक्षेत्र में चाम्मू कलां, महेंद्रगढ़ में सिहमा, रेवाड़ी जिले में बावल, जाटूसाना राजकीय कालेज, सिरसा में रानिया, गोरीवाला और भिवानी, इसरवाल व लौहारू, पंचकूला के मोरनी व मंशा देवी और यमुनानगर के मुस्तफाबाद और प्रतापनगर राजकीय कॉलेज बिना अपने भवन के चल रहे हैं।
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कॉलेजों में खाली स्थायी प्रिंसिपल के पद
जिला पद
महेंद्रगढ़ 14
करनाल 10
रेवाड़ी 11
अंबाला 5
भिवानी 4
चरखीदादरी 4
फरीदाबाद 4
नूंह 4
कैथल 4
फतेहाबाद 5
गुरुग्राम 2
हिसार 7
झज्जर 11
जींद 7
कुरुक्षेत्र 3
पंचकूला 5
पानीपत 2
पलवल 6
रोहतक 2
सिरसा 5
सोनीपत 7
यमुनानगर 5
यहां 200 भी विद्यार्थी नहीं
महाविद्यालय इसरवाल 175
अग्रोहा, हिसार 118
जसौर खेड़ी, झज्जर 136
कुलाना, झज्जर 166
छातर, जींद 112
लदाना चक्कू, कैथल 95
राजौंद, कैथल 120
जुंडला, करनाल 163
फिरोजपुर झिरका 116
मोरनी, पंचकूला 17
माता मंशा देवी 22
गौरीवाला, सिरसा 99
बरोदा, सोनीपत 92
भैंसवाल कलां, सोनीपत 77
मोहाना, सोनीपत 147
प्रताप नगर, यमुनानगर 95
कोट
आरटीआई में मिले आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि हरियाणा सरकार की शिक्षा को लेकर कोई ठोस योजना है और न ही युवाओं से कोई सरोकार। स्कूल-कालेजों में अध्यापक नहीं, बीईओ और प्रिसिंपल तक खाली पड़े हैं। शिक्षा के मामले में प्रदेश सरकार खानापूर्ति कर रही है, जबकि दावे नई शिक्षा नीति को लागू करने के किए जा रहे हैं। - दीपांशु बंसल, युवा कांग्रेस नेता
कोट
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विजन है कि बेटियों के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में कालेज हो। इसी नीति के तहत जहां जरूरत है नए कालेज खोले गए हैं। कालेजों के भवन तैयार किए जा रहे हैं। खाली पदों को भरने के लिए भी विभाग गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस ने अपने समय में शिक्षा के लिए कुछ नहीं किया। - कंवर पाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री