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पंचकूला में कितनी गोशालाएं और उनमें कितने पशु : हाईकोर्ट हाईकोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब, 15 अक्तूबर को डीसी को नगर निगम से जवाब लेकर एफिडेविट देना होगा
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छह साल में 12 लोग लावारिस पशुओं से टकराकर गवां चुके हैं जानमाई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर में 4000 हजार से ज्यादा लावारिस पशु सड़कों पर भटक रहे हैं। छह साल में करीब 12 लोग लावारिस पशुओं से टकराकर जान गवां चुके हैं। 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं 250 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इनमें जो लोग बच गए उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिले में सबसे ज्यादा हादसे पंचकूला-यमुनानगर और कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि पंचकूला में हर माह लावारिस पशुओं से दो से तीन हादसे होते हैं। जिसके मद्देनजर सिटीजन कमेटी हाउस ऑनर ने साल 2022 में कंटेंप्ट पिटीशन फाइल किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 23 सितंबर को सुनवाई के दौरान ऑनलाइन पेश हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों से जवाब मांगा है कि पंचकूला में कितनी गोशालाएं हैं और उनमें कितने पशु हैं। यह जवाब एफिडेविट के तौर पर 15 अक्तूबर तक हाईकोर्ट में पेश करनी है।
आठ माह में 1088 लावारिस पशुओं को पकड़ा
23 सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से सुनवाई के दौरान फाइल किए गए एफिडेविट में कहा गया है कि नगर निगम ने जनवरी से अगस्त 2024 तक 1088 लावारिस पशुओं को पकड़ा है। बीते आठ माह में 65 हजार रुपये एकत्रित किए गए। जिसके बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने छह माह में पंचकूला में लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए उठाए कदमों पर पंचकूला प्रशासन से एफिडेविट मांगा है। एफिडेविट में हाईकोर्ट को बताया है कि 1 से 19 सितंबर तक सड़कों पर घूम रहीं 232 गायों को पकड़कर गोशाला में छोड़ा गया है और जुर्माने के रूप में दस हजार रुपये वसूले गए हैं। जस्टिस हरकेश मनूजा की कोर्ट में हरियाणा गवर्नमेंट की तरफ से डिप्टी एडवोकेट जनरल पवन मोंगिया और सिटीजंस कमेटी हाउस ऑनर्स, सेक्टर-25 की ओर से एडवोकेट प्रशांत गुप्ता सुनवाई के दौरान उपस्थित थे।
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पंचकूला। शहर में 4000 हजार से ज्यादा लावारिस पशु सड़कों पर भटक रहे हैं। छह साल में करीब 12 लोग लावारिस पशुओं से टकराकर जान गवां चुके हैं। 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं 250 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इनमें जो लोग बच गए उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिले में सबसे ज्यादा हादसे पंचकूला-यमुनानगर और कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि पंचकूला में हर माह लावारिस पशुओं से दो से तीन हादसे होते हैं। जिसके मद्देनजर सिटीजन कमेटी हाउस ऑनर ने साल 2022 में कंटेंप्ट पिटीशन फाइल किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 23 सितंबर को सुनवाई के दौरान ऑनलाइन पेश हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों से जवाब मांगा है कि पंचकूला में कितनी गोशालाएं हैं और उनमें कितने पशु हैं। यह जवाब एफिडेविट के तौर पर 15 अक्तूबर तक हाईकोर्ट में पेश करनी है।
आठ माह में 1088 लावारिस पशुओं को पकड़ा
23 सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से सुनवाई के दौरान फाइल किए गए एफिडेविट में कहा गया है कि नगर निगम ने जनवरी से अगस्त 2024 तक 1088 लावारिस पशुओं को पकड़ा है। बीते आठ माह में 65 हजार रुपये एकत्रित किए गए। जिसके बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने छह माह में पंचकूला में लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए उठाए कदमों पर पंचकूला प्रशासन से एफिडेविट मांगा है। एफिडेविट में हाईकोर्ट को बताया है कि 1 से 19 सितंबर तक सड़कों पर घूम रहीं 232 गायों को पकड़कर गोशाला में छोड़ा गया है और जुर्माने के रूप में दस हजार रुपये वसूले गए हैं। जस्टिस हरकेश मनूजा की कोर्ट में हरियाणा गवर्नमेंट की तरफ से डिप्टी एडवोकेट जनरल पवन मोंगिया और सिटीजंस कमेटी हाउस ऑनर्स, सेक्टर-25 की ओर से एडवोकेट प्रशांत गुप्ता सुनवाई के दौरान उपस्थित थे।
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