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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हवाले अस्पताल का सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2016 01:24 AM IST
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कंप्यूटर आपरेटर हेल्थ महानिदेशक से मिलकर बाहर आते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
अब सेक्टर-6 जनरल अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेट कर रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि (एमएमआईवाई) मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों को हटा गया दिया है। अगर एंट्री के दौरान कोई गड़बड़ी होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
वीरवार को हेल्थ महानिदेशक कार्यालय में प्रदेश भर से 65 कंप्यूटर ऑपरेट अपनी दो माह की एक्शटेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर पहुंचे थे। इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर हेल्थ सर्विसेज से मिले। यह सदस्य डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डा. आदित्य चौधरी से मिले।
उन्होंने इन सभी को सोमवार तक का समय मांगा है। इससे पहले तीन बार स्वास्थ्य मंत्री भी आश्वासन दे चुके हैं। गौरतलब है कि एमएमआईवाई के तहत रखे गए कर्मचारियों को एक अप्रैल से न उनकी हाजिरी लगाई जा रही है न ही उनको काम करने दिया जा रहा है।
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इनकी तनख्वाह एक माह से रोकी जा चुकी है। ऐसी स्थिति में कई मुलाजिम ऐसे हैं जिनके बच्चों की स्कूल फीस और अन्य खर्चे पूरे नहीं किए जा पा रहे। मुलाजिमों का कहना है कि एमएमआईवाई के अंतर्गत फार्मासिस्टम और एलटी भी रखे गए थे, लेकिन वह कार्यरत हैं तो उनके साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है।
प्रमोद कुमार, संतोष कुमार के साथ ही कपिल कुमार और अन्य कर्मचारियों ने कहा कि उनकी रोजी रोटी बहाल की जानी चाहिए, जिससे वह अपना परिवार चला सकें। उन्होंने कहा कि कैरियर का ज्यादातर समय यहां गुजार चुके हैं और अब कहां जाएं।
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वीरवार को हेल्थ महानिदेशक कार्यालय में प्रदेश भर से 65 कंप्यूटर ऑपरेट अपनी दो माह की एक्शटेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर पहुंचे थे। इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर हेल्थ सर्विसेज से मिले। यह सदस्य डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डा. आदित्य चौधरी से मिले।
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उन्होंने इन सभी को सोमवार तक का समय मांगा है। इससे पहले तीन बार स्वास्थ्य मंत्री भी आश्वासन दे चुके हैं। गौरतलब है कि एमएमआईवाई के तहत रखे गए कर्मचारियों को एक अप्रैल से न उनकी हाजिरी लगाई जा रही है न ही उनको काम करने दिया जा रहा है।
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इनकी तनख्वाह एक माह से रोकी जा चुकी है। ऐसी स्थिति में कई मुलाजिम ऐसे हैं जिनके बच्चों की स्कूल फीस और अन्य खर्चे पूरे नहीं किए जा पा रहे। मुलाजिमों का कहना है कि एमएमआईवाई के अंतर्गत फार्मासिस्टम और एलटी भी रखे गए थे, लेकिन वह कार्यरत हैं तो उनके साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है।
प्रमोद कुमार, संतोष कुमार के साथ ही कपिल कुमार और अन्य कर्मचारियों ने कहा कि उनकी रोजी रोटी बहाल की जानी चाहिए, जिससे वह अपना परिवार चला सकें। उन्होंने कहा कि कैरियर का ज्यादातर समय यहां गुजार चुके हैं और अब कहां जाएं।