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एसएसबीवाई के नियम नहीं मानते अस्पताल, 14 अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त
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चंडीगढ़। सरबत सेहत बीमा योजना (एसएसबीवाई) के नियमों को नहीं मानने वाले 63 अस्पतालों के खिलाफ स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट (एसएएफयू) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यूनिट की ओर से अगस्त से अब तक 63 अस्पतालों को 77 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें 14 अस्पतालों का योजना से पंजीकरण ही निरस्त कर दिया गया है। 9 अस्पतालों की अस्थायी रूप से सदस्यता निरस्त की गई है। कई अस्पतालों से नियमों के पालन नहीं करने पर 27,67,358 रुपये जुर्माना भी वसूला गया है।
सरबत सेहत बीमा योजना के तहत दूसरे और तीसरे स्तर की इलाज सेवाओं का लोगों को आसानी से लाभ मिल सके, इसके लिए पंजाब सरकार द्वारा सूबे के सभी जिलों में जिला एंटी फ्रॉड यूनिट स्थापित की गईं हैं। इनका संचालन प्रदेश स्तर पर बनाई गई एंटी फ्रॉड यूनियन द्वारा किया जाता है। पूरी जांच के बाद संबंधित जिला एंटी फ्रॉड यूनिट (डीएएफयू) केस को अगली कार्रवाई के लिए स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट के समक्ष रखती है।
पंजाब में एबी एसएसबीवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एंटी फ्रॉड यूनिट के चेयरमैन अमित कुमार ने बताया कि योजना में हीलाहवाली करने पर अब तक 63 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन अस्पतालों को 77 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही अनियमितता मिलने पर प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से 27,67,358 रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। 14 अस्पतालों को योजना से गैर-सूचीबद्ध करने के साथ 9 अस्पतालों को अस्थायी तौर पर निरस्त कर दिया गया है। 24 अस्पतालों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं, लगभग सात अस्पतालों को एडवाइजरी भी जारी की गई हैं। अभी तक की अस्पतालों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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योजना के तहत पंजाब के कई अस्पताल विभिन्न अनियमितताओं में शामिल मिले हैं। स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट की टीमों की जांच में अस्पतालों में गलत रेफर करने के मामले, लाभार्थियों से दवाएं और सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए पैसे लेने, मरीज के जनरल वॉर्ड में दाखिल होने के मामले में आईसीयू वॉर्डों के लिए पैसों का दावा करना, युनीलेटरल प्रक्रिया के मामले में बाइलेटरल सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए पैसों का दावा करना, सूचीबद्ध अस्पताल द्वारा लाभार्थियों को नकदी रहित इलाज के लिए मना करना और एक सर्जिकल पैकेज से ज्यादा दावा करने के कई मामले सामने आए हैं।
महंगे इलाज के लिए लोगों से वित्तीय बोझ को घटाने के लिए पंजाब सरकार सभी मरीजों को कवर करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है, जिसके लिए राज्य भर में तकरीबन 828 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की ओर से लाभार्थियों की शिकायतों के हल के लिए जिला शिकायत निवारण समितियां भी स्थापित की हैं।
स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट को एबी-सरबत सेहत बीमा योजना के अधीन किसी भी तरह की धोखाधड़ी, अनियमितताओं का पता लगाने के लिए सक्रियता से निगरानी करने और सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है। अभी तक यूनिट की यह बड़ी कार्रवाई है, ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी।
- बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब सरकार
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सरबत सेहत बीमा योजना के तहत दूसरे और तीसरे स्तर की इलाज सेवाओं का लोगों को आसानी से लाभ मिल सके, इसके लिए पंजाब सरकार द्वारा सूबे के सभी जिलों में जिला एंटी फ्रॉड यूनिट स्थापित की गईं हैं। इनका संचालन प्रदेश स्तर पर बनाई गई एंटी फ्रॉड यूनियन द्वारा किया जाता है। पूरी जांच के बाद संबंधित जिला एंटी फ्रॉड यूनिट (डीएएफयू) केस को अगली कार्रवाई के लिए स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट के समक्ष रखती है।
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पंजाब में एबी एसएसबीवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एंटी फ्रॉड यूनिट के चेयरमैन अमित कुमार ने बताया कि योजना में हीलाहवाली करने पर अब तक 63 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन अस्पतालों को 77 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही अनियमितता मिलने पर प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से 27,67,358 रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। 14 अस्पतालों को योजना से गैर-सूचीबद्ध करने के साथ 9 अस्पतालों को अस्थायी तौर पर निरस्त कर दिया गया है। 24 अस्पतालों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं, लगभग सात अस्पतालों को एडवाइजरी भी जारी की गई हैं। अभी तक की अस्पतालों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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योजना के तहत पंजाब के कई अस्पताल विभिन्न अनियमितताओं में शामिल मिले हैं। स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट की टीमों की जांच में अस्पतालों में गलत रेफर करने के मामले, लाभार्थियों से दवाएं और सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए पैसे लेने, मरीज के जनरल वॉर्ड में दाखिल होने के मामले में आईसीयू वॉर्डों के लिए पैसों का दावा करना, युनीलेटरल प्रक्रिया के मामले में बाइलेटरल सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए पैसों का दावा करना, सूचीबद्ध अस्पताल द्वारा लाभार्थियों को नकदी रहित इलाज के लिए मना करना और एक सर्जिकल पैकेज से ज्यादा दावा करने के कई मामले सामने आए हैं।
महंगे इलाज के लिए लोगों से वित्तीय बोझ को घटाने के लिए पंजाब सरकार सभी मरीजों को कवर करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है, जिसके लिए राज्य भर में तकरीबन 828 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की ओर से लाभार्थियों की शिकायतों के हल के लिए जिला शिकायत निवारण समितियां भी स्थापित की हैं।
स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट को एबी-सरबत सेहत बीमा योजना के अधीन किसी भी तरह की धोखाधड़ी, अनियमितताओं का पता लगाने के लिए सक्रियता से निगरानी करने और सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है। अभी तक यूनिट की यह बड़ी कार्रवाई है, ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी।
- बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब सरकार