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विवि को अनुदान की जगह कर्ज देने पर उच्च शिक्षा विभाग की सफाई

Fri, 13 May 2022 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 01:54 AM IST
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Higher education department's clarification on giving loan instead of grant to the university
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी विश्वविद्यालयों को अनुदान की जगह कर्ज देने का फैसला पलट दिया गया है। अब विवि को पहले की तरह अनुदान मिलता रहेगा। 2022-23 के लिए विवि को बतौर कर्ज जारी 147 करोड़ रुपये की पहली किस्त को अनुदान ही बताया गया है। विपक्ष के हमलावर होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग को 29 अप्रैल के वित्त विभाग के फैसले पर 12 मई का सफाई देनी पड़ी। प्रशासनिक विभाग ने वित्त विभाग को अनुदान की जगह विवि को कर्ज जारी करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे 29 अप्रैल 2022 को वित्त विभाग ने स्वीकृत कर दिया था। इससे अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा को भी अवगत करवाया गया। फैसले का पत्र सार्वजनिक होते ही विपक्षी दल कांग्रेस, इनेलो के साथ ही जड़े जमाने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी ने भी इसे मुद्दा बना डाला। चौतरफा हमलों के बाद वीरवार को उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण को 10 यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर स्थिति साफ करनी पड़ी।
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सब्सिडी या अनुदान राशि का रजिस्टर बनाना जरूरी : अतिरिक्त मुख्य सचिव
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा है कि वित्त विभाग की तरफ से जारी पत्र को गहराई से समझने की जरूरत है। कैग की सिफारिश अनुसार नई व्यवस्था लागू की है। उसमें सब्सिडी या अनुदान के तौर पर दी राशि का रजिस्टर बनाना जरूरी है। इससे सरकार को इन राशियों को राजस्व की बजाय पूंजीगत दिखाने में सहूलियत होगी। विवि इससे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर व स्वायत्त हो सकेंगे। उनकी गुणवत्ता, दक्षता में भी निखार आएगा। विवि को वित्तीय रोडमैप बनाने में मदद मिलेगी। उन्हें ये भी मालूम होगा कि कितनी राशि सरकार से मिली है और कितने अपने वित्तीय संसाधन तैयार किए। विवि पहले की तरह कार्य करते रहें, 147 करोड़ रुपये को सरकार वसूल करने वाली नहीं है।
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इन विवि को मिली है राशि
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को 59 करोड़, एमडीयू रोहतक के लिए 23 करोड़, सीडीएलयू सिरसा के लिए 10 करोड़, भगत फूल सिंह महिला विवि खानपुर कलां, सोनीपत के लिए 12.50 करोड़, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर, रेवाड़ी के लिए साढ़े 4 करोड़, डॉ. भीम राव आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी सोनीपत के लिए 7.25 करोड़, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी के लिए 10 करोड़, चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद को साढ़े 5 करोड़, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत यूनिवर्सिटी कैथल को 8.75 करोड़ व गुरुग्राम यूनिवर्सिटी को साढ़े 6 करोड़ रुपये।
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