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बिना एसएलसी छात्रों के नामांकन पर क्यों न लगा दें रोक : हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। बिना स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट छात्रों का नामांकन निजी से सरकारी स्कूल में करने के मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा कि क्यों न सरकार के आदेश पर रोक लगा दी जाए। 10 मार्च को सरकार ने आदेश जारी किया है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों का नामांकन एमआईएस पोर्टल पर जाकर निजी से सरकारी स्कूल में कर सकता है।
इस मामले में याचिका दाखिल करते हुए सर्व विद्यालय संघ की ओर से एडवोकेट मंकज मानी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कई छात्रों ने निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में जाने का फैसला लिया। इन छात्रों ने मार्च 2020 से सरकारी स्कूलों में दाखिले की तिथि तक की लंबित राशि का भुगतान तक नहीं किया। याची ने बताया कि पहले तो सरकार ने छात्रों को 15 दिन के भीतर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) जारी करने का आदेश दे दिया। मामला न्यायालय पहुंच गया। 10 मार्च को सरकार ने आदेश जारी किया है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों का नामांकन एमआईएस पोर्टल पर जाकर निजी से सरकारी स्कूल में कर सकता है। याची ने कहा कि ऐसा करना सीधे तौर पर कानून के खिलाफ और निजी स्कूल के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ है और ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है जो सरकार या फिर शिक्षा बोर्ड को ऐसा अधिकार देता हो। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही पूछा है कि क्यों न सरकार के आदेश पर रोक लगा दी जाए। हालांकि नामांकन की यह प्रक्रिया इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होगी।
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इस मामले में याचिका दाखिल करते हुए सर्व विद्यालय संघ की ओर से एडवोकेट मंकज मानी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कई छात्रों ने निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में जाने का फैसला लिया। इन छात्रों ने मार्च 2020 से सरकारी स्कूलों में दाखिले की तिथि तक की लंबित राशि का भुगतान तक नहीं किया। याची ने बताया कि पहले तो सरकार ने छात्रों को 15 दिन के भीतर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) जारी करने का आदेश दे दिया। मामला न्यायालय पहुंच गया। 10 मार्च को सरकार ने आदेश जारी किया है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों का नामांकन एमआईएस पोर्टल पर जाकर निजी से सरकारी स्कूल में कर सकता है। याची ने कहा कि ऐसा करना सीधे तौर पर कानून के खिलाफ और निजी स्कूल के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ है और ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है जो सरकार या फिर शिक्षा बोर्ड को ऐसा अधिकार देता हो। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही पूछा है कि क्यों न सरकार के आदेश पर रोक लगा दी जाए। हालांकि नामांकन की यह प्रक्रिया इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होगी।
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