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Highcourt News: पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के रिक्त पदों की जानकारी दें हरियाणा, पंजाब और यूटी
Sun, 11 Sep 2022 02:15 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2022 02:15 AM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2019 में याचिका का निपटारा कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए आदेश दिया था कि देश के अन्य राज्यों की पुलिस के बारे में संबंधित हाईकोर्ट संज्ञान लें और इस मामले की जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई की जाए।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से पूछा है कि पुलिस में अधिकारियों व कर्मचारियों के कितने पद रिक्त हैं और इन पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने तीनों राज्यों को यह जानकारी 15 नवंबर तक सौंपने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर 2013 में याचिका दायर की गई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि राज्य के पुलिस बल में कर्मचारियों के खाली पड़े पदों का प्रभाव सीधे तौर पर राज्य के कानून व्यवस्था पर पड़ता है। कर्मियों की कमी के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2019 में याचिका का निपटारा कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए आदेश दिया था कि देश के अन्य राज्यों की पुलिस के बारे में संबंधित हाईकोर्ट संज्ञान लें और इस मामले की जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई की जाए। राज्य सरकारों से उनके राज्य की पुलिस में अधिकारियों और कर्मचारियों के खाली पड़े पदों के बारे में जानकारी मांगें और उनसे पूछें कि इन पदों पर भर्ती के लिए सरकारें क्या कदम उठा रही हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने अप्रैल 2019 में संज्ञान लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को नोटिस जारी कर यह जानकारी मांगी थी। कोरोना के कहर के चलते इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। अब हाईकोर्ट ने फिर इस मामले में सुनवाई करते हुए मामले में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को जवाब दायर करने के आदेश देते हुए सुनवाई 15 नवंबर तक स्थगित कर दी।
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सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर 2013 में याचिका दायर की गई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि राज्य के पुलिस बल में कर्मचारियों के खाली पड़े पदों का प्रभाव सीधे तौर पर राज्य के कानून व्यवस्था पर पड़ता है। कर्मियों की कमी के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2019 में याचिका का निपटारा कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए आदेश दिया था कि देश के अन्य राज्यों की पुलिस के बारे में संबंधित हाईकोर्ट संज्ञान लें और इस मामले की जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई की जाए। राज्य सरकारों से उनके राज्य की पुलिस में अधिकारियों और कर्मचारियों के खाली पड़े पदों के बारे में जानकारी मांगें और उनसे पूछें कि इन पदों पर भर्ती के लिए सरकारें क्या कदम उठा रही हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने अप्रैल 2019 में संज्ञान लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को नोटिस जारी कर यह जानकारी मांगी थी। कोरोना के कहर के चलते इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। अब हाईकोर्ट ने फिर इस मामले में सुनवाई करते हुए मामले में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को जवाब दायर करने के आदेश देते हुए सुनवाई 15 नवंबर तक स्थगित कर दी।