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बीकॉम एलएलबी में दाखिले पर लगी रोक हाईकोर्ट ने हटाई
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के 5 वर्षीय विधि पाठ्यक्रम के विवाद मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि विवाद सिर्फ बीए- एलएलबी में दाखिले का है और पीयू बीकॉम -एलएलबी में दाखिले कर सकती है। बीए एलएलबी की प्रवेश प्रक्रिया पर रोक जारी रहेगी।
पीयू के 5 वर्षिय पाठ्यक्रम बीए एलएलबी में दाखिले के लिए बारहवीं में लीगल स्टडीज विषय को पढ़ने वाले छात्रों को अब 4 अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। पीयू बीकॉम एलएलबी में प्रवेश के लिए यह अतिरिक्त अंक दे रहा है। आवेदक छात्रा मलाइका वर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि पीयू ने इस कोर्स में दाखिले के लिए पहले छात्रों को 4 अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया था। इसके खिलाफ एक छात्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दे दी थी। इसके बाद पीयू ने अतिरिक्त अंक नहीं देने का निर्णय कर लिया। याची ने बताया कि पीयू के इस निर्णय से उसे काफी नुकसान हुआ है, क्योंकि पहले उनका रैंक बेहतर था, लेकिन अंक वापस लिए जाने के निर्णय के चलते अब उनकी मैरिट कम हो गई है। याचिकाकर्ता ने बताया है कि पीयू बार-बार इस कोर्स में दाखिले की शर्तों में बदलाव कर रही है, जोकि पूरी तरह से गलत है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए काउंसिलिंग पर रोक लगा दी थी और पीयू को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था।
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पीयू के 5 वर्षिय पाठ्यक्रम बीए एलएलबी में दाखिले के लिए बारहवीं में लीगल स्टडीज विषय को पढ़ने वाले छात्रों को अब 4 अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। पीयू बीकॉम एलएलबी में प्रवेश के लिए यह अतिरिक्त अंक दे रहा है। आवेदक छात्रा मलाइका वर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि पीयू ने इस कोर्स में दाखिले के लिए पहले छात्रों को 4 अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया था। इसके खिलाफ एक छात्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दे दी थी। इसके बाद पीयू ने अतिरिक्त अंक नहीं देने का निर्णय कर लिया। याची ने बताया कि पीयू के इस निर्णय से उसे काफी नुकसान हुआ है, क्योंकि पहले उनका रैंक बेहतर था, लेकिन अंक वापस लिए जाने के निर्णय के चलते अब उनकी मैरिट कम हो गई है। याचिकाकर्ता ने बताया है कि पीयू बार-बार इस कोर्स में दाखिले की शर्तों में बदलाव कर रही है, जोकि पूरी तरह से गलत है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए काउंसिलिंग पर रोक लगा दी थी और पीयू को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था।
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