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Panchkula News: हिरासत में टार्चर के मामले में पंजाब सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
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चंडीगढ़। हिरासत में टार्चर के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सुवीर सहगल ने पंजाब सरकार और लुधियाना के तीन पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया। यह नोटिस संजीव कुमार की उस याचिका पर आया है, जिसमें 40 साल के संजीव कुमार पर हत्या का आरोप है।
कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने झूठा कबूलनामा करवाने के लिए उसे हिरासत में बुरी तरह टॉर्चर किया। याची का कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। उसे 4 जुलाई, 2025 को उसकी ऑफिशियल गिरफ्तारी से एक दिन पहले गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया था। उसके साथ मारपीट की गई और बिजली के झटके लगाए गए।
21 जून को लुधियाना के सलेम टाबरी पुलिस स्टेशन में सोनम जैन नाम की एक लड़की की हत्या के लिए अनजान लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत करने वाली के पति ने सीसीटीवी फुटेज में एक अनजान लड़के को बैग लेकर घर में घुसते हुए पहचाना था। याची को पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन उसे लुधियाना में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी स्टाफ के ऑफिस ले जाया गया, जहां कथित तौर पर टार्चर शुरू हुआ।
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याचिका में कहा गया है कि सिविल अस्पताल लुधियाना से नकली मेडिकल रिपोर्ट हासिल की गईं जिसके अनुसार याची को कोई चोट नहीं थी। हालांकि जब उसे 6 जुलाई को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तो उसके परिवार के वकील ने साफ चोट के निशान दिखाए। कोर्ट के आदेश पर हुई नई जांच में बिजली से जलने के निशान और ब्लंट फोर्स ट्रॉमा की पुष्टि हुई।
याचिका में कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच, चार नामित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत टार्चर और धमकी के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। साथ ही हत्या की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी या स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को ट्रांसफर करने, अंतरिम मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपये देने का निर्देश जारी करने की अपील की गई। कोर्ट ने प्रतिवादियों से दो हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 28 जनवरी को तय की गई है।
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कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने झूठा कबूलनामा करवाने के लिए उसे हिरासत में बुरी तरह टॉर्चर किया। याची का कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। उसे 4 जुलाई, 2025 को उसकी ऑफिशियल गिरफ्तारी से एक दिन पहले गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया था। उसके साथ मारपीट की गई और बिजली के झटके लगाए गए।
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21 जून को लुधियाना के सलेम टाबरी पुलिस स्टेशन में सोनम जैन नाम की एक लड़की की हत्या के लिए अनजान लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत करने वाली के पति ने सीसीटीवी फुटेज में एक अनजान लड़के को बैग लेकर घर में घुसते हुए पहचाना था। याची को पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन उसे लुधियाना में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी स्टाफ के ऑफिस ले जाया गया, जहां कथित तौर पर टार्चर शुरू हुआ।
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याचिका में कहा गया है कि सिविल अस्पताल लुधियाना से नकली मेडिकल रिपोर्ट हासिल की गईं जिसके अनुसार याची को कोई चोट नहीं थी। हालांकि जब उसे 6 जुलाई को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तो उसके परिवार के वकील ने साफ चोट के निशान दिखाए। कोर्ट के आदेश पर हुई नई जांच में बिजली से जलने के निशान और ब्लंट फोर्स ट्रॉमा की पुष्टि हुई।
याचिका में कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच, चार नामित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत टार्चर और धमकी के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। साथ ही हत्या की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी या स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को ट्रांसफर करने, अंतरिम मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपये देने का निर्देश जारी करने की अपील की गई। कोर्ट ने प्रतिवादियों से दो हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 28 जनवरी को तय की गई है।