{"_id":"61bcf99f4c40e93caf0bb0f4","slug":"high-court-gave-a-big-blow-to-1338-temporary-recognized-schools-panchkula-news-pkl4364109146","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा : 1338 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, कहा-छात्रों को एनरोलमेंट करवाना हो तो निकटतम सरकारी स्कूल में ले प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा : 1338 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, कहा-छात्रों को एनरोलमेंट करवाना हो तो निकटतम सरकारी स्कूल में ले प्रवेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके छात्रों का एनरोलमेंट स्वीकार करने का हरियाणा सरकार को आदेश जारी करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि छात्र चाहें तो नजदीकी सरकारी स्कूल में माइग्रेशन करवा लें ताकि उनका एनरोलमेंट स्वीकार किया जा सके। हाईकोर्ट ने सरकार को एनरोलमेंट स्वीकार करने की अंतिम तिथि को बढ़ाने पर विचार करने का आदेश दिया है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि सरकार ने इन सभी स्कूलों को पत्र भेजकर बताया था कि उनकी अस्थायी मान्यता को बुनियादी ढांचा व सुविधाएं न होने के चलते मार्च 2021 से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। जो बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं वे आगामी परीक्षा के लिए सरकारी स्कूल में प्रवेश ले सकते हैं। सरकार ने कहा कि इस याचिका में मान्यता समाप्त करने को ही चुनौती नहीं दी गई है। हाईकोर्ट ने सुनवाई 15 फरवरी तक स्थगित करते हुए सभी प्रतिवादियों को अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट ने बताया था कि हरियाणा में 1338 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर तलवार लटक गई है। राज्य सरकार ने इन स्कूलों को एक्सटेंशन देने से इनकार कर दिया है। इससे लाखों बच्चों का भविष्य संकट में आ गया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि स्कूलों को एक्सटेंशन न मिलने के चलते बोर्ड की पोर्टल आईडी बंद है और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड कक्षाओं के फार्म भरने से वंचित हैं। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों से स्पोर्ट्स फंड भी भरवा रखा है। वहीं, 134ए की खाली सीटों का ब्योरा भी इन स्कूलों से लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर इन स्कूलों की मान्यता 31 मार्च को ही समाप्त हो गई है तो इन स्कूलों से स्पोर्ट्स फंड, 134ए की सीटों का ब्योरा क्यों लिया गया।
विज्ञापन
याचिका पर सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि सरकार ने इन सभी स्कूलों को पत्र भेजकर बताया था कि उनकी अस्थायी मान्यता को बुनियादी ढांचा व सुविधाएं न होने के चलते मार्च 2021 से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। जो बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं वे आगामी परीक्षा के लिए सरकारी स्कूल में प्रवेश ले सकते हैं। सरकार ने कहा कि इस याचिका में मान्यता समाप्त करने को ही चुनौती नहीं दी गई है। हाईकोर्ट ने सुनवाई 15 फरवरी तक स्थगित करते हुए सभी प्रतिवादियों को अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट ने बताया था कि हरियाणा में 1338 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर तलवार लटक गई है। राज्य सरकार ने इन स्कूलों को एक्सटेंशन देने से इनकार कर दिया है। इससे लाखों बच्चों का भविष्य संकट में आ गया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि स्कूलों को एक्सटेंशन न मिलने के चलते बोर्ड की पोर्टल आईडी बंद है और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड कक्षाओं के फार्म भरने से वंचित हैं। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों से स्पोर्ट्स फंड भी भरवा रखा है। वहीं, 134ए की खाली सीटों का ब्योरा भी इन स्कूलों से लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर इन स्कूलों की मान्यता 31 मार्च को ही समाप्त हो गई है तो इन स्कूलों से स्पोर्ट्स फंड, 134ए की सीटों का ब्योरा क्यों लिया गया।
विज्ञापन