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स्वास्थ्य मंत्री विज 15 जून को सेरो सर्वेक्षण के तीसरे चरण की करेंगे शुरुआत
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चंडीगढ़। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज राज्य के लोगों में एसएआर-सीओवी-2 एंटीबॉडी के प्रसार की दर और 6 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों (टीकाकरण से बाहर रखा गया समूह) में व्यापकता के अनुमान के लिए 15 जून 2021 को सीरो सर्वेक्षण के तीसरे दौर की शुरुआत करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि सरकार प्रदेश में कोविड-19 सीरो-सर्वेक्षण का तीसरा चरण पूरा करने के लिए तैयार है। सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं। इस सर्वेक्षण से कितने लोगों में एंटीबॉडी बनी हैं, उसका सही डाटा सामने आएगा।
उन्होंने बताया कि सर्वे के अध्ययन से टीकाकरण के प्रभाव सामने आएंगे। इससे गहन देखभाल इकाइयों (पीआईसीयू) की स्थापना और उन्नयन सहित बाल चिकित्सा सेवाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी। ये अध्ययन राज्य में अतिसंवेदनशील आबादी और क्षेत्रों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। इससे इन क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को दिशा और प्राथमिकता देने में सहायता मिलेगी।
सीरो- सर्वेक्षण के इस दौर का उद्देश्य समुदाय में कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रभाव की पहचान करना भी है। ऐसे ही बच्चों में सीरोप्रवलेंस का आकलन करने के लिए 6 साल और उससे अधिक आयु के बच्चों को भी इस अध्ययन में शामिल किया जाएगा। हरियाणा ने पहले ही सीरो-सर्वेक्षण के दो दौर आयोजित किए हैं। पहला दौर अगस्त 2020 में आयोजित किया था, जिसमें कोविड-19 का सीरोप्रवलेंस 8 प्रतिशत पाया गया था। दूसरा दौर अक्टूबर, 2020 में आयोजित किया गया, जिसमें पूरे राज्य में सीरोप्रवलेंस 14.8 प्रतिशत सामने आया।
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उन्होंने बताया कि सर्वे के अध्ययन से टीकाकरण के प्रभाव सामने आएंगे। इससे गहन देखभाल इकाइयों (पीआईसीयू) की स्थापना और उन्नयन सहित बाल चिकित्सा सेवाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी। ये अध्ययन राज्य में अतिसंवेदनशील आबादी और क्षेत्रों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। इससे इन क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को दिशा और प्राथमिकता देने में सहायता मिलेगी।
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सीरो- सर्वेक्षण के इस दौर का उद्देश्य समुदाय में कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रभाव की पहचान करना भी है। ऐसे ही बच्चों में सीरोप्रवलेंस का आकलन करने के लिए 6 साल और उससे अधिक आयु के बच्चों को भी इस अध्ययन में शामिल किया जाएगा। हरियाणा ने पहले ही सीरो-सर्वेक्षण के दो दौर आयोजित किए हैं। पहला दौर अगस्त 2020 में आयोजित किया था, जिसमें कोविड-19 का सीरोप्रवलेंस 8 प्रतिशत पाया गया था। दूसरा दौर अक्टूबर, 2020 में आयोजित किया गया, जिसमें पूरे राज्य में सीरोप्रवलेंस 14.8 प्रतिशत सामने आया।
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