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हरियाणाः हेल्थ सर्टिफिकेट, सैनिटाइज क्लीयरेंस के बाद ही खेत में उतरेंगे कृषि उपकरण-मजदूर
Fri, 10 Apr 2020 04:26 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 04:26 PM IST
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मशीन को सैनिटाइज करता कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
किसानों की फसल खेत में कटाई के लिए तैयार है। उम्मीद है बैसाखी वाले दिन से किसान कटाई शुरू कर देगा। चूंकि इस बार प्रवासी मजदूरों की कमी है। सरकार के प्रयासों से दूसरे जिलों और राज्यों से कटाई के लिए कृषि उपकरणों को सूबे के विभिन्न जिलों में उपलब्ध करवाया जा रहा है।
कृषि उपकरणों के इस्तेमाल से पूर्व इनके हैंडलर और मजदूरों को स्वास्थ्य महकमे से उपकरणों के लिए सैनिटाइज क्लीयरेंस और खुद के लिए अपने मेडिकल परीक्षण के बाद जिला स्वास्थ्य महकमे से हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके बाद ही मजदूर व हैंडलर कृषि उपकरणों के साथ खेतों में कटाई के लिए उतरेंगे। ये हेल्थ और क्लीयरेंस सर्टिफिकेट सिर्फ संबंधित जिले के लिए ही मान्य होंगे।
कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी तय होगी
कंबाइन हार्वेस्टर, थ्रेशर, रीपर बाइंडर समेत अन्यों को स्वास्थ्य महकमे से सैनिटाइज करवाने और इन उपकरणों के हैंडलर और मजदूरों की हेल्थ परीक्षण के बाद कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। कृषि विभाग इसके लिए एक अनुमति पत्र जारी करेगा। इस अनुमति पत्र पर डॉक्टर क्लीयरेंस और हेल्थ सर्टिफिकेट से संबंधित अपनी रिपोर्ट लिखेगा।
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उसके बाद कृषि विभाग यह तय करेगा कि संबंधित उपकरण और उस पर काम करने वाले कितने हैंडलर व सहायक किस गांव में काम करेंगे। यह अनुमति पत्र उपकरण हैंडलर को दिया जाएगा। कृषि विभाग का कर्मचारी तसदीक करेगा कि कृषि उपकरणों पर काम करने वाले सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका हेल्थ सर्टिफिकेट कृषि विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद है।
सरपंचों को अपडेट रखेंगे कृषि अफसर
कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले सभी कृषि उपकरणों को जिलों की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही नाकों पर ही सैनिटाइजर किया जाएगा। उसके बाद कृषि उपकरणों पर काम करने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा और फिर उन्हें मूवमेंट पास दिया जाएगा।
डॉ. नागपाल के अनुसार सभी गांव के सरपंचों का भी दो या तीन सुविधानुसार व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। जिसके जरिये इन उपकरणों की मूवमेंट के साथ-साथ कृषि विभाग से जुड़ी हर जानकारी उन्हें लॉकडाउन पीरियड के दौरान उपलब्ध होती रहेगी।
उन्होंने बताया कि सभी सरपंचों को कृषि उपकरणों के हैंडलर्स और मजदूरों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। ताकि अपनी सुविधानुसार वे उनसे संपर्क कर अपने-अपने गांवों में फसल कटाई का काम सुचारु रूप से आगे बढ़ा सकें। डॉक्टर नागपाल ने बताया कि हरियाणा सरकार और कृषि विभाग के आला अफसर किसानों की फसल कटाई व बिक्री संबंधी कार्रवाई पर गंभीर हैं।
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कृषि उपकरणों के इस्तेमाल से पूर्व इनके हैंडलर और मजदूरों को स्वास्थ्य महकमे से उपकरणों के लिए सैनिटाइज क्लीयरेंस और खुद के लिए अपने मेडिकल परीक्षण के बाद जिला स्वास्थ्य महकमे से हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके बाद ही मजदूर व हैंडलर कृषि उपकरणों के साथ खेतों में कटाई के लिए उतरेंगे। ये हेल्थ और क्लीयरेंस सर्टिफिकेट सिर्फ संबंधित जिले के लिए ही मान्य होंगे।
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कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी तय होगी
कंबाइन हार्वेस्टर, थ्रेशर, रीपर बाइंडर समेत अन्यों को स्वास्थ्य महकमे से सैनिटाइज करवाने और इन उपकरणों के हैंडलर और मजदूरों की हेल्थ परीक्षण के बाद कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। कृषि विभाग इसके लिए एक अनुमति पत्र जारी करेगा। इस अनुमति पत्र पर डॉक्टर क्लीयरेंस और हेल्थ सर्टिफिकेट से संबंधित अपनी रिपोर्ट लिखेगा।
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उसके बाद कृषि विभाग यह तय करेगा कि संबंधित उपकरण और उस पर काम करने वाले कितने हैंडलर व सहायक किस गांव में काम करेंगे। यह अनुमति पत्र उपकरण हैंडलर को दिया जाएगा। कृषि विभाग का कर्मचारी तसदीक करेगा कि कृषि उपकरणों पर काम करने वाले सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका हेल्थ सर्टिफिकेट कृषि विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद है।
सरपंचों को अपडेट रखेंगे कृषि अफसर
कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले सभी कृषि उपकरणों को जिलों की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही नाकों पर ही सैनिटाइजर किया जाएगा। उसके बाद कृषि उपकरणों पर काम करने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा और फिर उन्हें मूवमेंट पास दिया जाएगा।
डॉ. नागपाल के अनुसार सभी गांव के सरपंचों का भी दो या तीन सुविधानुसार व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। जिसके जरिये इन उपकरणों की मूवमेंट के साथ-साथ कृषि विभाग से जुड़ी हर जानकारी उन्हें लॉकडाउन पीरियड के दौरान उपलब्ध होती रहेगी।
उन्होंने बताया कि सभी सरपंचों को कृषि उपकरणों के हैंडलर्स और मजदूरों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। ताकि अपनी सुविधानुसार वे उनसे संपर्क कर अपने-अपने गांवों में फसल कटाई का काम सुचारु रूप से आगे बढ़ा सकें। डॉक्टर नागपाल ने बताया कि हरियाणा सरकार और कृषि विभाग के आला अफसर किसानों की फसल कटाई व बिक्री संबंधी कार्रवाई पर गंभीर हैं।