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गौरव ः हरियाणा की बेटी डॉ. प्रियंका चहल को सर्वश्रेष्ठ छात्र और युवा वैज्ञानिक का सम्मान
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प्रियंका चहल को मिला सर्वश्रेष्ठ छात्र और युवा वैज्ञानिक का अवार्ड मिला।
- फोटो : 1
चंडीगढ़। हरियाणा के जींद जिले के गांव दौरड़ की बेटी डॉ. प्रियंका चहल को स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस-2021) के सर्वश्रेष्ठ छात्र और युवा वैज्ञानिक के रूप में चुना गया है। साथ ही सीआईएस देशों में विज्ञान और शिक्षा के विकास में उनके योगदान के लिए शिक्षा मंत्रालय, प्रतिष्ठित पदक और प्रथम डिग्री डिप्लोमा से सम्मानित किया गया है। बेटी की उपलब्धि पर माता पिता समेत पूरे गांव को नाज है। गौरतलब है कि सीआईएस देशों में रूसी संघ, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उजबेकिस्तान, ताजिकिस्तान, बेलारूस गणराज्य आदि शामिल हैं। 23 साल की प्रियंका चहल किर्गिस्तान (किरगिस रिपब्लिक) में चौथे वर्ष की मेडिकल छात्रा हैं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए पहचान एनजीओ, नई दिल्ली द्वारा युवा महिला नेतृत्व और अधिकारिता के लिए 12वां राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार दिया गया है।
डॉ. प्रियंका ने कोविड -19 के सबसे बड़े शोध अध्ययन ‘यूथ वैक्सीन ट्रस्ट ग्लोबल रिपोर्ट’ अगस्त 2021 में काम किया है। ग्लोबल यूथ वैक्सीन ट्रस्ट प्रोजेक्ट यह पहचानने का प्रयास करता है कि दुनिया भर के युवा कैसे कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के बारे में निर्णय ले रहे हैं। प्रियंका टाम्पा, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ‘महिला राजदूत फोरम 2021’ में दुनिया भर में 200 महिला नेताओं और पहली पीढ़ी के कार्यकर्ताओं में से एक रही हैं। पेंसिल्वेनिया संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एसएनओ/टीयूएफएच अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नेटवर्क में यूरोप क्षेत्रीय प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है।
वह यूरोपीय आयोग में यूरोपीय संघ जलवायु संधि राजदूत के रूप में सेवा कर रही हैं। अमर उजाला से बातचीत में डॉ. प्रियंका चहल ने बताया कि यह सब शिक्षकों और उसके पिता राजेंद्र सिंह और माता प्रवीन कुमारी के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है। उनका कहना है कि आम गांव का बच्चा भी दुनिया में अपनी प्रतिभा दिखा सकता है, बशर्ते वह मेहनत से शिक्षा हासिल करे। उनका कहना है कि वह आगे हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन करना चाहती हैं।
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डॉ. प्रियंका ने कोविड -19 के सबसे बड़े शोध अध्ययन ‘यूथ वैक्सीन ट्रस्ट ग्लोबल रिपोर्ट’ अगस्त 2021 में काम किया है। ग्लोबल यूथ वैक्सीन ट्रस्ट प्रोजेक्ट यह पहचानने का प्रयास करता है कि दुनिया भर के युवा कैसे कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के बारे में निर्णय ले रहे हैं। प्रियंका टाम्पा, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ‘महिला राजदूत फोरम 2021’ में दुनिया भर में 200 महिला नेताओं और पहली पीढ़ी के कार्यकर्ताओं में से एक रही हैं। पेंसिल्वेनिया संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एसएनओ/टीयूएफएच अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नेटवर्क में यूरोप क्षेत्रीय प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है।
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वह यूरोपीय आयोग में यूरोपीय संघ जलवायु संधि राजदूत के रूप में सेवा कर रही हैं। अमर उजाला से बातचीत में डॉ. प्रियंका चहल ने बताया कि यह सब शिक्षकों और उसके पिता राजेंद्र सिंह और माता प्रवीन कुमारी के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है। उनका कहना है कि आम गांव का बच्चा भी दुनिया में अपनी प्रतिभा दिखा सकता है, बशर्ते वह मेहनत से शिक्षा हासिल करे। उनका कहना है कि वह आगे हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन करना चाहती हैं।
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