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सिंह सूरमा: बड़े परदे पर दिखेगा हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह का सफर, एक हादसे ने बदल दी थी दुनिया 

Mon, 23 Aug 2021 01:56 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 23 Aug 2021 01:56 AM IST
सार

संदीप सिंह ने कुछ महीने की ट्रेनिंग में ही भारतीय टीम में जगह बनाई और उन्हीं की बदौलत टीम को अजलान शाह हॉकी कप में मेडल मिला। वे टीम के कप्तान भी बनाए गए।

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Poster of Movie Singh Soorma based on Life of Haryana Minister Sandeep Singh Released
सिंह सूरमा का पोस्टर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जीवन का सफर बुलंदियों पर हो और एकदम से सपने चकनाचूर हो जाएं और जिंदगी बिस्तर पर आ जाए। कुछ ऐसा ही हुआ था हॉकी स्टार संदीप सिंह के साथ। उसके बाद जो हुआ उसे जानकर आपका आत्मविश्वास भी दोगुना हो जाएगा। व्हील चेयर से हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री तक का सफर आसान नहीं था। संदीप सिंह ने इसे अपने जुनून से हासिल किया है।

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गोली लगने की घटना को आज 15 साल हो गए हैं। आज ही उनका जन्मदिन है और संयोग है कि आज ही उनके जीवन पर बनने वाली दूसरी फिल्म ‘सिंह सूरमा’ का पोस्टर रिलीज हुआ है। फिल्म 2023 में रिलीज होगी। फोन पर हुई बातचीत में हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह अपने जीवन का वह दिन याद कर भावुक हो जाते हैं। वह घटना उनके साथ अचानक ही घट गई। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त, 2006 को वह ट्रेन से चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे। सुबह साढ़े आठ बजे का समय था। कुरुक्षेत्र से पहले ट्रेन में एक व्यक्ति से गलती से चली गोली उनको जा लगी। 
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घायल संदीप को कुरुक्षेत्र स्टेशन पर उतारकर ऑटो से अस्पताल ले जाया गया। 10 बजे एक्सरे और सीटी स्कैन हुआ। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उनको पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। ऑपरेशन शुरू हुआ और गोली निकाली गई। संदीप ने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि मैं कभी व्हील चेयर पर भी नहीं बैठ सकूंगा। किडनी और लीवर जख्मी थे। रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा था। 
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एक बार लगा कि सब खत्म हो गया। नित्य कर्म तक बिस्तर पर होते थे। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। मैं भीतर ही भीतर रोता था। फिर एक दिन मैंने अपने भाई से हॉकी स्टिक लाने को कहा। मैं सिर्फ अपनी स्टिक के साथ रहना चाहता था। उसी समय मैंने एक बार फिर से मैदान में उतरने का निर्णय किया। हारा नहीं। सारी ऊर्जा बटोर कर पूरे जुनून के साथ दो साल बाद अपने पांव पर खड़ा हुआ और टीम इंडिया में जगह बनाई। 


कुछ महीने की ट्रेनिंग में ही भारतीय टीम में बनाई जगह
संदीप सिंह ने कुछ महीने की ट्रेनिंग में ही भारतीय टीम में जगह बनाई और उन्हीं की बदौलत टीम को अजलान शाह हॉकी कप में मेडल मिला। वे टीम के कप्तान भी बनाए गए। खेल की बदौलत हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर तैनात हुए। वर्तमान में पुलिस की नौकरी छोड़ चुनाव जीत कर हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके जीवन के इस संघर्ष को अब फिल्म में दिखाया जाएगा।

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