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खनन सामग्री की ओवरलोडिंग पर हरियाणा सरकार को फटकार, परिवहन सचिव तलब
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चंडीगढ़। खनन सामग्री वाले ट्रकों की ओवरलोडिंग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान परिवहन विभाग की ढिलाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने अब परिवहन विभाग के सचिव को अगली सुनवाई पर खुद पेश होने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए पानीपत निवासी जगमिंदर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया था कि खनन सामग्री की ओवरलोडिंग के चलते सड़क पर खतरा बढ़ गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। पानीपत के आरटीए ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि 1 जनवरी से 30 नवंबर 2017 के बीच ओवरलोडिंग के 1109 चालान किए गए। इन चालानों के चलते वाहन मालिकों से साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि अभी भी सख्ती से जांच जारी है और मोटर व्हीकल एक्ट का सख्ती से पालन किया जा रहा है। ओवरलोड की स्थिति में न्यूनतम 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।
वाहन की भार क्षमता से अतिरिक्त लोड होने की स्थिति में प्रति क्विंटल 1 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा रहा है। सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कहा कि जहां से खनन सामग्री लोड की जाती है वहां पर जांच व नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। अब मामले में सुनवाई आरंभ होते ही हरियाणा सरकार का हलफनामा कोर्ट में पहुंचा। हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि इस मामले में अब परिवहन विभाग के सचिव को बुलाना आवश्यक हो गया है।
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याचिका दाखिल करते हुए पानीपत निवासी जगमिंदर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया था कि खनन सामग्री की ओवरलोडिंग के चलते सड़क पर खतरा बढ़ गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। पानीपत के आरटीए ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि 1 जनवरी से 30 नवंबर 2017 के बीच ओवरलोडिंग के 1109 चालान किए गए। इन चालानों के चलते वाहन मालिकों से साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि अभी भी सख्ती से जांच जारी है और मोटर व्हीकल एक्ट का सख्ती से पालन किया जा रहा है। ओवरलोड की स्थिति में न्यूनतम 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।
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वाहन की भार क्षमता से अतिरिक्त लोड होने की स्थिति में प्रति क्विंटल 1 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा रहा है। सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कहा कि जहां से खनन सामग्री लोड की जाती है वहां पर जांच व नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। अब मामले में सुनवाई आरंभ होते ही हरियाणा सरकार का हलफनामा कोर्ट में पहुंचा। हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि इस मामले में अब परिवहन विभाग के सचिव को बुलाना आवश्यक हो गया है।
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