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हरियाणा : स्वास्थ्य सेवाआें को मजबूत करने वाला होगा बजट
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चंडीगढ़। कोविड के चलते इस बार का बजट स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाला होगा। इसमें डॉक्टरों की भर्ती से लेकर अस्पतालों की व्यवस्था और मूलभूत ढंाचा मजबूत करने पर फोकस किया जाएगा। पिछले एक साल में स्वास्थ्य सेवाओं का आंकलन करने के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची है। इसके अलावा बीपीएल के दायरे को भी राहत देने की तैयारी है।
अपने निवास पर बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि बीपीएल सेक्टर को राहत देने के लिए भी बजट में प्रावधान रहेगा। बीपीएल के कुल दस पैरामीटर हैं, जिसमें से एक में हम बदलाव करेंगे। पहले 10 हजार मासिक आय वाले इस श्रेणी में आते थे, अब इस लिमिट को बढ़ा कर 15 हजार मासिक करेंगे। लेकिन बीपीएल कार्डों का सत्यापन तगड़ा होगा। जिससे उसका गलत लाभ लोग न ले पाएं। बीपीएल में परिवार पहचान पत्र की भूमिका भी अहम होगी। इसके बगैर बीपीएल का लाभ मिलना संभव नहीं होगा।
सीएम ने बताया कि बजट को लेकर विधायकों और सांसदों के सुझाव उनके पास आ गए हैं। आज शाम से ही वे बजट की बैठकों में शामिल होना शुरू कर देंगे। आमतौर पर बजट का अस्सी प्रतिशत हिस्सा रूटीन कार्यों में खर्च होता है। करीब 20 प्रतिशत हिस्सा सरकार के हाथ में होता है। लिहाजा इस बार का बजट स्वास्थ्य पर फोकस होगा। पिछली बार का बजट शिक्षा पर केंद्रित था, लेकिन कोविड के चलते शिक्षा से ज्यादा स्वास्थ्य पर खर्च हो गया। हालांकि हमने रोजमर्रा के काम बंद नहीं होने दिए, हमारा वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहा है।
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बजट में छोटे किसानों के लिए भी राहत का प्रावधान रहेगा। किसानों की आय बढ़े और वे उसके मुताबिक अपना खर्च करें, ऐसा राज्य सरकार का मानना है। नए बजट में छोटी जोत वाले किसानों के लिए बड़ी योजनाएं धरातल पर आती दिखेंगी।
प्रदेश में महेंद्रगढ़, भिवानी, दादरी और फतेहाबाद चार ऐसे जिले हैं, जहां पर पानी कम पहुंच रहा है। लोग यहां अपनी जमीन का पंजीकरण करवाएंगे। 25 एकड़ तक पंजीकरण पर किसानों को सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लाभ मिलेगा, ऐसा सरकार का मानना है।
मुख्यमंत्री परिवार कल्याण योजना का काम कोविड के चलते प्रभावित हो रहा था। कोविड समाप्त होते ही उस पर फोकस किया जाएगा। जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति का जोखिम बीमा होगा। इसके तहत सरकार करीब 6000 रुपये सालाना देती है। अब बीमा का प्रीमियम काटकर बाकी की राशि लाभार्थी के खाते में दी जाएगी।
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अपने निवास पर बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि बीपीएल सेक्टर को राहत देने के लिए भी बजट में प्रावधान रहेगा। बीपीएल के कुल दस पैरामीटर हैं, जिसमें से एक में हम बदलाव करेंगे। पहले 10 हजार मासिक आय वाले इस श्रेणी में आते थे, अब इस लिमिट को बढ़ा कर 15 हजार मासिक करेंगे। लेकिन बीपीएल कार्डों का सत्यापन तगड़ा होगा। जिससे उसका गलत लाभ लोग न ले पाएं। बीपीएल में परिवार पहचान पत्र की भूमिका भी अहम होगी। इसके बगैर बीपीएल का लाभ मिलना संभव नहीं होगा।
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सीएम ने बताया कि बजट को लेकर विधायकों और सांसदों के सुझाव उनके पास आ गए हैं। आज शाम से ही वे बजट की बैठकों में शामिल होना शुरू कर देंगे। आमतौर पर बजट का अस्सी प्रतिशत हिस्सा रूटीन कार्यों में खर्च होता है। करीब 20 प्रतिशत हिस्सा सरकार के हाथ में होता है। लिहाजा इस बार का बजट स्वास्थ्य पर फोकस होगा। पिछली बार का बजट शिक्षा पर केंद्रित था, लेकिन कोविड के चलते शिक्षा से ज्यादा स्वास्थ्य पर खर्च हो गया। हालांकि हमने रोजमर्रा के काम बंद नहीं होने दिए, हमारा वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहा है।
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बजट में छोटे किसानों के लिए भी राहत का प्रावधान रहेगा। किसानों की आय बढ़े और वे उसके मुताबिक अपना खर्च करें, ऐसा राज्य सरकार का मानना है। नए बजट में छोटी जोत वाले किसानों के लिए बड़ी योजनाएं धरातल पर आती दिखेंगी।
प्रदेश में महेंद्रगढ़, भिवानी, दादरी और फतेहाबाद चार ऐसे जिले हैं, जहां पर पानी कम पहुंच रहा है। लोग यहां अपनी जमीन का पंजीकरण करवाएंगे। 25 एकड़ तक पंजीकरण पर किसानों को सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का लाभ मिलेगा, ऐसा सरकार का मानना है।
मुख्यमंत्री परिवार कल्याण योजना का काम कोविड के चलते प्रभावित हो रहा था। कोविड समाप्त होते ही उस पर फोकस किया जाएगा। जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति का जोखिम बीमा होगा। इसके तहत सरकार करीब 6000 रुपये सालाना देती है। अब बीमा का प्रीमियम काटकर बाकी की राशि लाभार्थी के खाते में दी जाएगी।