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नए नियम के खिलाफ एकजुट हुए हॉलमार्किंग सेंटर संचालक, हड़ताल की चेतावनी
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चंडीगढ़। सोने के जेवरों पर हॉलमार्किंग को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा बनाए नये नियमों के खिलाफ हॉलमार्किंग सेंटर संचालक एकजुट होकर विरोध में आ गए हैं। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर नार्थ इंडिया हॉलमार्किंग एसोसिएशन के सदस्यों ने धरना देकर रोष जताया। एसोसिएशन ने चेताया कि अगर केंद्र सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शन में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ समेत हिचाल प्रदेश के सेंटर संचालक शामिल हुए।
नार्थ इंडिया हॉलमार्किंग एसोसिएशन के प्रधान अनिल ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में करीब 950 हाल मार्किंग सेंटर हैं। वर्ष 2000 से वे काम कर रहे हैं। पहले सरकार ने हॉलमार्किंग सेंटरों को बढ़ावा दिया और धड़ाधड़ सेंटर खुलवाए। लेकिन अब 1 जुलाई से नया नियम बना दिया कि जहां से सोना निकलेगा, वहीं से उसकी हॉलमार्किंग होगी। अगर ऐसा होगा तो सेंटर संचालकों का कारोबार खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, नए नियमों में ये भी है अब ज्वैलर्स भी हॉलमार्किंग कर सकेंगे। इन नियमों से उनका कारोबार खत्म होने को है। वे पिछले दो माह से उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल और मानक ब्यूरो के महानिदेशक से मिलने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आगामी कुछ दिनों में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो पूरे देश के सेंटर संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे। क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर मांग की कि ज्वैलर्स को हॉलमार्किंग करने की अनुमति न दी जाए। साथ ही एएचएमएसी के लिए प्रदषूण नियंत्रण बोर्ड की सहमति प्रमाण पत्र की शर्त हटाई जाए। इस मौके पर चेयरमैन अमृतबीर सिंह, निपुन मोंगा, समीर जैन, गुरदीप सिंह, राजन वर्मा, जगतेज सिंह आदि मौजूद रहे।
एक सेंटर पर 80 लाख तक खर्च
धीरज जैन, समीर जैन ने बताया कि एक-एक सेंटर पर 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का खर्च आता है। इस समय सभी ने अच्छी लैब बना रखी है और 8 से 10 लोगों को रोजगार भी दे रखा है। अगर नए नियम के तहत सोने की हॉलमार्किंग होने लगी है तो इन सेंटरों पर काम खत्म हो जाएगा। इससे करीब दस हजार लोग प्रभावित होंगे।
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नार्थ इंडिया हॉलमार्किंग एसोसिएशन के प्रधान अनिल ठाकुर ने कहा कि पूरे देश में करीब 950 हाल मार्किंग सेंटर हैं। वर्ष 2000 से वे काम कर रहे हैं। पहले सरकार ने हॉलमार्किंग सेंटरों को बढ़ावा दिया और धड़ाधड़ सेंटर खुलवाए। लेकिन अब 1 जुलाई से नया नियम बना दिया कि जहां से सोना निकलेगा, वहीं से उसकी हॉलमार्किंग होगी। अगर ऐसा होगा तो सेंटर संचालकों का कारोबार खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, नए नियमों में ये भी है अब ज्वैलर्स भी हॉलमार्किंग कर सकेंगे। इन नियमों से उनका कारोबार खत्म होने को है। वे पिछले दो माह से उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल और मानक ब्यूरो के महानिदेशक से मिलने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आगामी कुछ दिनों में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो पूरे देश के सेंटर संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे। क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर मांग की कि ज्वैलर्स को हॉलमार्किंग करने की अनुमति न दी जाए। साथ ही एएचएमएसी के लिए प्रदषूण नियंत्रण बोर्ड की सहमति प्रमाण पत्र की शर्त हटाई जाए। इस मौके पर चेयरमैन अमृतबीर सिंह, निपुन मोंगा, समीर जैन, गुरदीप सिंह, राजन वर्मा, जगतेज सिंह आदि मौजूद रहे।
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एक सेंटर पर 80 लाख तक खर्च
धीरज जैन, समीर जैन ने बताया कि एक-एक सेंटर पर 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का खर्च आता है। इस समय सभी ने अच्छी लैब बना रखी है और 8 से 10 लोगों को रोजगार भी दे रखा है। अगर नए नियम के तहत सोने की हॉलमार्किंग होने लगी है तो इन सेंटरों पर काम खत्म हो जाएगा। इससे करीब दस हजार लोग प्रभावित होंगे।
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