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हमारी बात पहले सुन ली जाती तो शुभकरण आज जिंदा होता: सिरसा

Sun, 03 Mar 2024 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:46 AM IST
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Had we been listened to earlier, Shubhakaran would have been alive today: Sirsa
चंडीगढ़। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि अगर पहले ही पंजाब पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई की होती तो शुभकरण आज जिंदा होता। बॉर्डर पर सादी वर्दी में उन्होंने हरियाणा पुलिस का एक कर्मी पकड़ा था, जो खुद ही पुलिस पर पथराव कर रहा था, ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके। एरिया के संबंधित थाने में उन्होंने शिकायत भी दी थी, इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पंजाब पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो वहां माहौल नहीं बिगड़ता व पुलिस के साथ टकराव भी नहीं होता। इससे शुभकरण भी आज जिंदा होता। सिरसा शनिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ युनाइटेड सिख के निदेशक अमृतपाल व गुरप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।
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सिरसा ने कहा कि जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का काम किया गया, इसलिए पुलिस कार्रवाई की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। लंगर व पानी बांट रहे हमारे नौजवानों को भी नहीं छोड़ा गया और मारपीट करके बुरी तरह से उन्हें घायल कर दिया गया। सिरसा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उनके साथ धोखा किया है। पिछले किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने केंद्र की मांगों पर अपना आंदोलन मुअत्तल किया था, लेकिन इसे खत्म नहीं किया था। अब जब केंद्र ने आश्वासन के बावजूद न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत उनकी अन्य मांगों को पूरा नहीं किया तो उन्होंने दोबारा दिल्ली कूच शुरू किया था। इस दौरान उन पर ऐसे कार्रवाई की गई कि जैसे पंजाब-हरियाणा बॉर्डर कोई पाकिस्तान का बॉर्डर हो।
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बॉक्स
बैलिस्टिक रिपोर्ट तैयार करवाती पंजाब पुलिस :
युनाइटेड सिख के साथ जुड़े वकील गुरमोहन प्रीत सिंह ने कहा कि हरियाणा पुलिस की किसानों पर कार्रवाई के बाद पंजाब पुलिस को चाहिए था कि वह बैलिस्टिक रिपोर्ट तैयार करवाती। मौके से सबूत एकत्रित करने के साथ ही घायल नौजवानों से बातचीत की जानी चाहिए थी। गुरमोहन ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस अगर अपना फर्ज निभाती तो आज स्थिति कुछ और होती। हालांकि उन्होंने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया हुआ है और प्रमुखता के साथ अपना पक्ष रखने के अलावा न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए तमाम सीमाएं लांघ दीं। किसानों पर आंसू गैस के गोले के इस्तेमाल के लिए एडवांस स्टेज के ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। रबड़ बुलेट के साथ ही असली गोलियां भी चलाई गईं और इसके उनके पास सबूत भी हैं। तमाम मानवीय मूल्यों की अनदेखी की गई। साथ ही उन्होंने पंजाब के अधिकार क्षेत्र से हरियाणा पुलिस द्वारा किसानों की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए और पंजाब सरकार की इसके प्रति उदासीनता पर भी अपना रोष जाहिर किया।
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जीरो एफआईआर से सहमत नहीं :
गुरमोहन ने कहा कि वह जीरो एफआईआर से सहमत नहीं हैं। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अगर लोकतंत्र की भावना को बचाना है तो सीएम हरियाणा व गृहमंत्री के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हरियाणा पुलिस के पासपोर्ट रद्द करने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि यह हरियाणा पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।


पंजाब के किसानों के साथ, हरियाणा में शुरू करेंगे धरने :
हरियाणा के किसान नेता अशोक बल्हारा ने कहा कि हरियाणा के किसान पूरी तरह से पंजाब के किसानों के साथ हैं और जल्द ही वह प्रदेश भर में मांगों के समर्थन में धरने शुरू करेंगे। यह आंदोलन सभी किसानों का है, इसलिए सभी संगठनों को मतभेद बुलाकर साथ आना चाहिए और मिलकर आंदोलन की आवाज बुलंद करनी चाहिए।
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