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गुरुग्राम क्लब ब्लास्ट: एनआईए ने दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, तीन नए आरोपी कटघरे में
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बीकेआई मॉड्यूल से जुड़े विजय, विनय और अजीत सेहरावत पर शिकंजा
चंडीगढ़ ब्लास्ट से भी कनेक्शन उजागर, आतंकी नेटवर्क की फंडिंग और भर्ती का बड़ा खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब के बाहर दिसंबर 2024 में हुए विस्फोट के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तीन आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल कर दी है। जांच में स्पष्ट हो चुका है कि यह ब्लास्ट प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े सदस्यों ने करवाया था। नई चार्जशीट में विजय, विनय और अजीत सेहरावत के नाम शामिल हैं। इन्हें एनआईए ने 8 जुलाई को गिरफ्तार किया था और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
एनआईए यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट उस मुख्य चार्जशीट के बाद लाई है जो एजेंसी ने 6 जून 2024 को दाखिल की थी। मुख्य चार्जशीट में कनाडा-स्थित घोषित आतंकी गोल्डी बराड़, अमेरिका में बैठे रनदीप मलिक, अंकित कुमार, भविश और सचिन तलियान को आरोपी बनाया गया था। गोल्डी बराड़ और रनदीप मलिक के खिलाफ घोषित अपराधी की कार्रवाई जारी है।
नई चार्जशीट में अजीत और विनय से जब्त मोबाइल फोन की फाॅरेंसिक रिपोर्ट भी शामिल है। जांच में सामने आया कि ये तीनों युवक चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में 26 नवंबर 2024 के ब्लास्ट केस में भी आरोपी हैं।
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हिरासत बढ़ाने की मांग, पूछताछ में नए खुलासे
एनआईए ने अदालत में आरोपियों की न्यायिक हिरासत 150 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने का आवेदन दायर किया है। विशेष लोक अभियोजक राजन मल्होत्रा ने जानकारी दी कि आरोपी विजय की पूछताछ के आधार पर 23 अक्तूबर को रामदत्त को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में रामदत्त ने विजय के साथ किए कृत्यों का खुलासा किया और कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। इनमें एक आरोपी माधव भी शामिल है जो फिलहाल जेल में है। जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई जिसमें माल्टा स्थित एक वित्तीय संस्था का नाम आया है। यह संस्था यूरोपीय संघ में भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराती है। एजेंसी के अनुसार आरोपी और उसके साथी ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल थे और इसके लिए विक्रांत एक्सचेंज प्लेटफार्म का उपयोग करते थे।
आतंकी नेटवर्क का कनेक्शन और विस्फोटक की खरीद
एनआईए ने दावा किया कि विजय, विनय और अजीत अमेरिका-स्थित रनदीप मलिक के सहयोगी थे जो कनाडा-स्थित गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए नए लोगों की भर्ती करता था। जांच में पता चला कि विनय और अजीत, रनदीप मलिक के निर्देश पर करनाल गए और वहां से विस्फोटक सामग्री खरीदी। इनमें से एक विस्फोटक उन्होंने हिसार में आरोपी सचिन तलियान को सौंपा जिसने इसका उपयोग दिसंबर 2024 के गुरुग्राम ब्लास्ट में किया। घटना के दिन 10 दिसंबर 2024 को विजय और सचिन गुरुग्राम के सेक्टर-29 पहुंचे जहां सचिन ने वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब के बाहर दो बम फेंके जिनसे दो बार विस्फोट हुआ।
कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, अगली सुनवाई जनवरी में
आरोपियों के खिलाफ यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इस बेहद संवेदनशील केस की अगली सुनवाई जनवरी के पहले सप्ताह में निर्धारित है।
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चंडीगढ़ ब्लास्ट से भी कनेक्शन उजागर, आतंकी नेटवर्क की फंडिंग और भर्ती का बड़ा खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब के बाहर दिसंबर 2024 में हुए विस्फोट के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तीन आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल कर दी है। जांच में स्पष्ट हो चुका है कि यह ब्लास्ट प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े सदस्यों ने करवाया था। नई चार्जशीट में विजय, विनय और अजीत सेहरावत के नाम शामिल हैं। इन्हें एनआईए ने 8 जुलाई को गिरफ्तार किया था और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
एनआईए यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट उस मुख्य चार्जशीट के बाद लाई है जो एजेंसी ने 6 जून 2024 को दाखिल की थी। मुख्य चार्जशीट में कनाडा-स्थित घोषित आतंकी गोल्डी बराड़, अमेरिका में बैठे रनदीप मलिक, अंकित कुमार, भविश और सचिन तलियान को आरोपी बनाया गया था। गोल्डी बराड़ और रनदीप मलिक के खिलाफ घोषित अपराधी की कार्रवाई जारी है।
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नई चार्जशीट में अजीत और विनय से जब्त मोबाइल फोन की फाॅरेंसिक रिपोर्ट भी शामिल है। जांच में सामने आया कि ये तीनों युवक चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में 26 नवंबर 2024 के ब्लास्ट केस में भी आरोपी हैं।
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हिरासत बढ़ाने की मांग, पूछताछ में नए खुलासे
एनआईए ने अदालत में आरोपियों की न्यायिक हिरासत 150 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने का आवेदन दायर किया है। विशेष लोक अभियोजक राजन मल्होत्रा ने जानकारी दी कि आरोपी विजय की पूछताछ के आधार पर 23 अक्तूबर को रामदत्त को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में रामदत्त ने विजय के साथ किए कृत्यों का खुलासा किया और कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। इनमें एक आरोपी माधव भी शामिल है जो फिलहाल जेल में है। जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई जिसमें माल्टा स्थित एक वित्तीय संस्था का नाम आया है। यह संस्था यूरोपीय संघ में भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराती है। एजेंसी के अनुसार आरोपी और उसके साथी ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल थे और इसके लिए विक्रांत एक्सचेंज प्लेटफार्म का उपयोग करते थे।
आतंकी नेटवर्क का कनेक्शन और विस्फोटक की खरीद
एनआईए ने दावा किया कि विजय, विनय और अजीत अमेरिका-स्थित रनदीप मलिक के सहयोगी थे जो कनाडा-स्थित गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए नए लोगों की भर्ती करता था। जांच में पता चला कि विनय और अजीत, रनदीप मलिक के निर्देश पर करनाल गए और वहां से विस्फोटक सामग्री खरीदी। इनमें से एक विस्फोटक उन्होंने हिसार में आरोपी सचिन तलियान को सौंपा जिसने इसका उपयोग दिसंबर 2024 के गुरुग्राम ब्लास्ट में किया। घटना के दिन 10 दिसंबर 2024 को विजय और सचिन गुरुग्राम के सेक्टर-29 पहुंचे जहां सचिन ने वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब के बाहर दो बम फेंके जिनसे दो बार विस्फोट हुआ।
कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, अगली सुनवाई जनवरी में
आरोपियों के खिलाफ यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इस बेहद संवेदनशील केस की अगली सुनवाई जनवरी के पहले सप्ताह में निर्धारित है।