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कोरोना और लॉकडाउनः वित्तीय योगदान को आए गेस्ट टीचर, जेबीटी, फार्मासिस्ट और नवीन जिंदल
Thu, 02 Apr 2020 12:02 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 12:02 PM IST
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Naveen Jindal
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कोरोना से जंग लड़ने के लिए हरियाणा के अतिथि शिक्षकों, जेबीटी व फार्मासिस्ट वर्ग ने भी वित्तीय योगदान के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। अतिथि शिक्षक 1 दिन का वेतन कोरोना संकट को दूर करने के लिए देंगे। इससे सरकार को करीब सवा चार करोड़ की मदद मिलेगी। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कोरोना फंड में 21 लाख रुपये दिए हैं।
फार्मासिस्ट वर्ग ने अपना एक दिन का वेतन राहत कोष में दिया है। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा व मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने बताया कि 13500 हजार गेस्ट टीचर ने फैसला लिया है कि वे अपना 1 दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष तरुण सुहाग व राज्य महासचिव सुरेश लितानी ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों ने मात्र चार दिन में 21 लाख रुपये की राशि रिलीफ फंड में दे दी है। अग्रोहा ब्लाक के अध्यापकों ने अब तक सबसे अधिक 218501 रुपये की राशि दी है।
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एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ़ हरियाणा के राज्य प्रधान विनोद दलाल ने बताया कि जिला हस्पतालों में जहां सभी कार्यरत फार्मासिस्ट 24 घंटे मानवता की भलाई में लगे हुए हैं, वहीं फील्ड के सभी फार्मासिस्ट अपनी अपनी स्वास्थ्य संस्थाओं में जिम्मेदारी से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की भलाई में हमेशा तत्पर रहने वाला यह वर्ग किसी भी आपातकालीन दशा में सरकार के साथ तन- मन -धन से साथ खड़ा है।
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फार्मासिस्ट वर्ग ने अपना एक दिन का वेतन राहत कोष में दिया है। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा व मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने बताया कि 13500 हजार गेस्ट टीचर ने फैसला लिया है कि वे अपना 1 दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष तरुण सुहाग व राज्य महासचिव सुरेश लितानी ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों ने मात्र चार दिन में 21 लाख रुपये की राशि रिलीफ फंड में दे दी है। अग्रोहा ब्लाक के अध्यापकों ने अब तक सबसे अधिक 218501 रुपये की राशि दी है।
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एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ़ हरियाणा के राज्य प्रधान विनोद दलाल ने बताया कि जिला हस्पतालों में जहां सभी कार्यरत फार्मासिस्ट 24 घंटे मानवता की भलाई में लगे हुए हैं, वहीं फील्ड के सभी फार्मासिस्ट अपनी अपनी स्वास्थ्य संस्थाओं में जिम्मेदारी से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की भलाई में हमेशा तत्पर रहने वाला यह वर्ग किसी भी आपातकालीन दशा में सरकार के साथ तन- मन -धन से साथ खड़ा है।
नवीन जिंदल की कंपनी ने दिए 25 करोड़ रुपये
जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) ने कोविड-19 से जंग के लिए पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये का योगदान किया है। इस मौके पर नवीन जिंदल ने कहा कि पूरा विश्व कोविड-19 के संकट से घिर गया है। आज लाखों लोग इससे पीड़ित हैं और हजारों लोगों ने जान गंवा दी है।
जिंदल ने कोविड-19 के नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि आज इस महामारी के खिलाफ एकजुटता और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है। उन्होंने डॉक्टरों, अन्य चिकित्सा प्रोफेशनल्स, सुरक्षा कर्मियों, फैक्टरी कर्मचारियों और आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को योद्घा करार देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
जेएसपीएल के चेयरमैन ने कहा कि जिस तरह ये योद्घा अपनी जान जोखिम में डाल कर हमारी सुरक्षा में जुटे हुए हैं, उसी तरह से उन्हें सहयोग और समर्थन देने की हमारी भी जिम्मेदारी बनती है। इसी संकल्प के तहत कंपनी ने पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये का सहयोग देने का फैसला किया है। जेएसपीएल के इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री ने नवीन जिंदल का धन्यवाद किया है।
जिंदल ने कोविड-19 के नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि आज इस महामारी के खिलाफ एकजुटता और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है। उन्होंने डॉक्टरों, अन्य चिकित्सा प्रोफेशनल्स, सुरक्षा कर्मियों, फैक्टरी कर्मचारियों और आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को योद्घा करार देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
जेएसपीएल के चेयरमैन ने कहा कि जिस तरह ये योद्घा अपनी जान जोखिम में डाल कर हमारी सुरक्षा में जुटे हुए हैं, उसी तरह से उन्हें सहयोग और समर्थन देने की हमारी भी जिम्मेदारी बनती है। इसी संकल्प के तहत कंपनी ने पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये का सहयोग देने का फैसला किया है। जेएसपीएल के इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री ने नवीन जिंदल का धन्यवाद किया है।