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डाक टिकट के जरिए दिखाई हिंदी साहित्यकारों की महानता
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कालका। राजभाषा पखवाड़ा व आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत उत्तर रेलवे कारखाना कालका में हिंदी साहित्य के विकास में योगदान देने वाले प्रख्यात लेखकों, कवियों व साहित्यकारों पर जारी दुर्लभ डाक टिकट संग्रह की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में हिंदी साहित्य के प्रत्येक कालखंड के साहित्यकारों पर जारी दुर्लभ डाक टिकट- वीरगाथा काल से लेकर आधुनिक काल तक प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी में हिंदी दिवस व विश्व हिंदी सम्मेलनों पर जारी डाक टिकट, हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार में अग्रणी समाचार पत्रों पर जारी डाक टिकट, हिंदी सिनेमा के कलाकारों व गीतकारों पर जारी डाक टिकट, हिंदी भाषा में विश्व के अन्य देशों की ओर से जारी डाक टिकट, डाक टिकटों पर हिंदी भाषा का उपयोग की डाक टिकट शामिल थीं। वहीं, हिंदी के प्रचार प्रसार में लगी संस्थाओं व व्यक्तित्वों पर जारी डाक टिकट, 1952 में भारत सरकार द्वारा कवियों-कबीरदास, सूरदास, तुलसीदास व मीराबाई पर जारी दुर्लभ डाक टिकट, 16 सितंबर 1991 को महादेवी वर्मा व जयशंकर प्रसाद पर जारी संयुक्त डाक टिकट अत्यंत दुर्लभ डाक टिकट महात्मा गांधी की हिंदी लिखित डाक टिकट इत्यादि शामिल थीं।
इनका रहा विशेष योगदान
इन सब अमूल्य टिकटों का संग्रह ललित कालिया, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, कालका वर्कशॉप के पास निजी रूप से उपलब्ध था। इसे संयोजक विकास तलवार ने प्रदर्शित करवाकर सभी रेल कर्मियों को जानकारी दी। रेल कर्मियों में इस प्रदर्शनी को लेकर उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनी को सफल बनाने में आनंद प्रकाश, सहायक निर्माण प्रबंधक कालका वर्कशॉप का पूरा योगदान रहा। प्रदर्शनी को एडीएमई कालका, एएमएम कालका सहित लेखा विभाग, मेडिकल विभाग से आए सभी कर्मियों ने भी सराहा।
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प्रदर्शनी में हिंदी दिवस व विश्व हिंदी सम्मेलनों पर जारी डाक टिकट, हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार में अग्रणी समाचार पत्रों पर जारी डाक टिकट, हिंदी सिनेमा के कलाकारों व गीतकारों पर जारी डाक टिकट, हिंदी भाषा में विश्व के अन्य देशों की ओर से जारी डाक टिकट, डाक टिकटों पर हिंदी भाषा का उपयोग की डाक टिकट शामिल थीं। वहीं, हिंदी के प्रचार प्रसार में लगी संस्थाओं व व्यक्तित्वों पर जारी डाक टिकट, 1952 में भारत सरकार द्वारा कवियों-कबीरदास, सूरदास, तुलसीदास व मीराबाई पर जारी दुर्लभ डाक टिकट, 16 सितंबर 1991 को महादेवी वर्मा व जयशंकर प्रसाद पर जारी संयुक्त डाक टिकट अत्यंत दुर्लभ डाक टिकट महात्मा गांधी की हिंदी लिखित डाक टिकट इत्यादि शामिल थीं।
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इनका रहा विशेष योगदान
इन सब अमूल्य टिकटों का संग्रह ललित कालिया, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, कालका वर्कशॉप के पास निजी रूप से उपलब्ध था। इसे संयोजक विकास तलवार ने प्रदर्शित करवाकर सभी रेल कर्मियों को जानकारी दी। रेल कर्मियों में इस प्रदर्शनी को लेकर उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनी को सफल बनाने में आनंद प्रकाश, सहायक निर्माण प्रबंधक कालका वर्कशॉप का पूरा योगदान रहा। प्रदर्शनी को एडीएमई कालका, एएमएम कालका सहित लेखा विभाग, मेडिकल विभाग से आए सभी कर्मियों ने भी सराहा।
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