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चंडीगढ़ : ईडी के नोटिस से घबराई सरकार... दस्तावेज तैयार करने में जुटी, पंजाब के 1178 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में चल रही है जांच

Thu, 30 Jun 2022 01:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 01:42 AM IST
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Government panicked by ED's notice, preparing documents
चंडीगढ़। पंजाब के 2017 के बहुचर्चित सिंचाई घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दूसरे नोटिस को लेकर पंजाब सरकार घबरा गई है। सरकार की ओर से कृषि विभाग के अधिकारियों को मांगे गए दस्तावेज तैयार करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पंजाब में कृषि अवशेष निस्तारण के लिए केंद्र के द्वारा जारी सब्सिडी की 1178 करोड़ रुपये के खुर्दबुर्द करने के मामले में ईडी जांच कर रही है।
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इस घोटाले का खुलासा अक्तूूबर 2019 में हुआ था। खुलासे में यह उजागर हुआ था कि बठिंडा में 34 कृषि मशीनरी बैंक 80 प्रतिशत केंद्रीय सब्सिडी की मदद से स्थापित किए जाने हैं। राज्य को सब्सिडी मिली, लेकिन कृषि मशीनरी बैंक केवल कागजों पर ही रह गए। तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब इस मामले को तूल दिया तो पिछली सरकार ने इसे छुपाने की कोशिश की, लेकिन तत्कालीन कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में उनकी ही सरकार में हुए 1178 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की थी।
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इसके बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी ईडी ने शुरू की। मई में ईडी के जरिये मामले में पहला नोटिस दिया गया, लेकिन सरकार और विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 14 जून को दूसरा नोटिस जारी कर जल्द केंद्रीय सब्सिडी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। दूसरे नोटिस के बाद पंजाब सरकार की ओर से सभी मुख्य कृषि अधिकारियों को एक पत्र भेजा गया, जिसमें संबंधित दस्तावेज तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। निदेशक (कृषि) ने पत्र में यह भी कहा कि ईडी कभी भी इन दस्तावेजों को लेकर निरीक्षण कर सकती है।
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ये दस्तावेज होंगे तैयार
निदेशक कृषि की ओर से जारी पत्र में फसल अवशिष्ट प्रबंधन (सीआरएम) और कृषि मशीनीकरण (एसएमएएम) योजनाओं से संबंधित दस्तावेज तैयार करने को कहा गया है। दस्तावेजों की तीन प्रतियों को संभाल कर रखे जाने को कहा गया है। ईडी की ओर से की जा रही जांच में कभी इनकी आवश्यकता पड़ सकती है।

नाभा ने यह किया था दावा
नाभा ने दावा किया था कि मशीनरी खरीदने के लिए चार साल के लिए 1178 करोड़ रुपये की केंद्रीय सब्सिडी दी गई थी। हालांकि इस राशि से एक भी उपकरण खरीदा ही नहीं गया। इसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत मामले की जांच शुरू की है और राज्य के कृषि विभाग से रिकॉर्ड मांगा है।
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