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रोडवेज यूनियनों के चुनाव का खाका खींच रही सरकार
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने अपने स्तर पर रोडवेज यूनियनों का चुनाव कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार रोडवेज में पनपे कई संगठनों की जगह प्रदेश स्तरीय एक ही यूनियन चाहती है। इसके लिए 13 कर्मचारी संगठनों में से अधिकतर राजी हो गए हैं। उन्होंने सरकार द्वारा तैयार प्रपत्र पर हस्ताक्षर करते हुए अपनी सहमति दे दी है। यूनियनों के चुनाव के लिए परिवहन विभाग एक्ट बनाएगा। इसके नियमानुसार डिपो से लेकर प्रदेश स्तर के चुनाव होंगे।
सरकार के मन में चुनाव कराने का विचार रोडवेज में कर्मचारी संगठनों की बढ़ती तादात को लेकर आया है।
चूंकि, इससे परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। सरकार स्तर पर होने वाली वार्ता में संगठनों के आपसी टकराव के चलते अनेक मुद्दों पर सहमति ही नहीं बन पाती। विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अनेक संगठनों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा व उच्च अधिकारी चाहते हैं कि डिपो व प्रदेश स्तर पर चुनाव के जरिये चुनी एक ही यूनियन अधिकारियों व सरकार से वार्ता के लिए अधिकृत हो। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सभी संगठनों के साथ बातचीत न करनी पड़े। मूलचंद शर्मा ने रोडवेज के कर्मचारी संगठनों के साथ इस मुद्दे पर शुरुआती सहमति बना ली है। अब चुनाव के लिए एक्ट बनने के बाद अगले दौर की बातचीत होगी। जिसमें एक्ट के प्रावधानों पर आपत्तियां व सुझाव लिए जाएंगे। जिसमें चुनाव सालाना या पांच साल में कराने, डिपो व राज्य स्तरीय चुनाव के नियम-शर्तों पर बातचीत होगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस प्रक्त्रिस्या पर तेजी से विचार-विमर्श चल रहा है।
अभी अपनी डफली अपना राग, एकता नहीं
रोडवेज में अभी चालकों, परिचालकों, कर्मशाला कर्मचारियों के अलावा जाति आधारित यूनियन हैं, जिनका अभी अपनी डफली अपना राग है। अलग-अलग यूनियन में एकता का अभाव है। अनेक मुद्दों पर दोफाड़ रहती हैं। लगभग 19 हजार कर्मचारियों वाले रोडवेज में सबसे बड़ा संगठन हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन है, इसके अलावा हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ, महासंघ व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन हैं। इनके अलावा अन्य यूनियन संवर्ग आधार हैं।
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डिपो के चुने पदाधिकारी राज्य पदाधिकारियों के लिए मतदान करें
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव सरबत पूनिया ने कहा कि पंचायत व जिला परिषद की तर्ज पर रोडवेज में चुनाव हो। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के वरिष्ठ राज्य उप-प्रधान बलवान सिंह दोदवा का कहना है कि पहले डिपो स्तर के चुनाव हों। डिपो की चुनी हुई कार्यकारिणी ही प्रदेश पदाधिकारियों को मतदान के जरिये निर्वाचित करे। राज्य परिवहन कर्मशाला कर्मचारी यूनियन के प्रधान नीरज वशिष्ठ ने कहा कि चुनाव से कोई आपत्ति नहीं है। पारदर्शी तरीके से निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए।
निर्वाचित यूनियन से ये होगा फायदा
- सभी लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा सकेगा
- नई बसों की तेजी से खरीद, कर्मचारियों की भर्ती व एलटीसी, बोनस, भत्तों के मामले सिरे चढ़ेंगे
- चुनी हुई यूनियन आंदोलन के लिए सक्षम होगी, अन्य सभी संगठन समर्थन करेंगे
- जातीय, श्रेणी आधारित यूनियनों पर लगाम कसेगी
- कर्तव्य भूलकर अपना स्वार्थ साधने में लगे कर्मचारी नेताओं की दादागिरी खत्म होगी
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सरकार के मन में चुनाव कराने का विचार रोडवेज में कर्मचारी संगठनों की बढ़ती तादात को लेकर आया है।
चूंकि, इससे परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। सरकार स्तर पर होने वाली वार्ता में संगठनों के आपसी टकराव के चलते अनेक मुद्दों पर सहमति ही नहीं बन पाती। विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अनेक संगठनों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा व उच्च अधिकारी चाहते हैं कि डिपो व प्रदेश स्तर पर चुनाव के जरिये चुनी एक ही यूनियन अधिकारियों व सरकार से वार्ता के लिए अधिकृत हो। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सभी संगठनों के साथ बातचीत न करनी पड़े। मूलचंद शर्मा ने रोडवेज के कर्मचारी संगठनों के साथ इस मुद्दे पर शुरुआती सहमति बना ली है। अब चुनाव के लिए एक्ट बनने के बाद अगले दौर की बातचीत होगी। जिसमें एक्ट के प्रावधानों पर आपत्तियां व सुझाव लिए जाएंगे। जिसमें चुनाव सालाना या पांच साल में कराने, डिपो व राज्य स्तरीय चुनाव के नियम-शर्तों पर बातचीत होगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस प्रक्त्रिस्या पर तेजी से विचार-विमर्श चल रहा है।
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अभी अपनी डफली अपना राग, एकता नहीं
रोडवेज में अभी चालकों, परिचालकों, कर्मशाला कर्मचारियों के अलावा जाति आधारित यूनियन हैं, जिनका अभी अपनी डफली अपना राग है। अलग-अलग यूनियन में एकता का अभाव है। अनेक मुद्दों पर दोफाड़ रहती हैं। लगभग 19 हजार कर्मचारियों वाले रोडवेज में सबसे बड़ा संगठन हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन है, इसके अलावा हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ, महासंघ व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन हैं। इनके अलावा अन्य यूनियन संवर्ग आधार हैं।
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डिपो के चुने पदाधिकारी राज्य पदाधिकारियों के लिए मतदान करें
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव सरबत पूनिया ने कहा कि पंचायत व जिला परिषद की तर्ज पर रोडवेज में चुनाव हो। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के वरिष्ठ राज्य उप-प्रधान बलवान सिंह दोदवा का कहना है कि पहले डिपो स्तर के चुनाव हों। डिपो की चुनी हुई कार्यकारिणी ही प्रदेश पदाधिकारियों को मतदान के जरिये निर्वाचित करे। राज्य परिवहन कर्मशाला कर्मचारी यूनियन के प्रधान नीरज वशिष्ठ ने कहा कि चुनाव से कोई आपत्ति नहीं है। पारदर्शी तरीके से निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए।
निर्वाचित यूनियन से ये होगा फायदा
- सभी लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा सकेगा
- नई बसों की तेजी से खरीद, कर्मचारियों की भर्ती व एलटीसी, बोनस, भत्तों के मामले सिरे चढ़ेंगे
- चुनी हुई यूनियन आंदोलन के लिए सक्षम होगी, अन्य सभी संगठन समर्थन करेंगे
- जातीय, श्रेणी आधारित यूनियनों पर लगाम कसेगी
- कर्तव्य भूलकर अपना स्वार्थ साधने में लगे कर्मचारी नेताओं की दादागिरी खत्म होगी