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अच्छी खबर: पंजाब में बढ़ने लगीं बेटियां, 922 हुआ अनुपात
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चंडीगढ़। लिंगानुपात को लेकर शुक्रवार को पंजाब से अच्छी खबर आई है। दो साल में राज्य में अब बेटियों की संख्या में सुधार होने लगा है। 2019 के मुकाबले राज्य में अब बेटियों का लिंगानुपात बढ़कर 922 पहुंच गया है। पहले पुरुषों के मुकाबले यह अनुपात 909 था। यह खुलासा लिंग निर्धारण निषेध संबंधी राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक में हुआ।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) विभाग के डायरेक्टर डा. अंदेश कंग ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत उल्लंघन करने वालों को काबू करने के लिए डिकॉय आपरेशन (स्टिंग आपरेशन) जैसे सख्त कदम उठाने से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई स्कैन सेंटर एक्ट की धाराओं का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। विभाग की तरफ से भी समय-समय पर आईईसी की नियमित गतिविधियों द्वारा लोगों की मानसिकता को बदलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लड़कियों के प्रति पक्षपात वाले रवैये पर नकेल डाली जा सके।
डिप्टी डायरेक्टर डा. वीणा ने लिंग निर्धारण निषेध संबंधी एक्ट की धाराओं को सख्ती से लागू करने की अपील की। बैठक में मेडिकल अधिकारी (पीएनडीटी) डा. विनीत नागपाल ने भी अपने विचार रखे। डा. धर्मपाल, डा. मीना हरदीप सिंह, डा. गुरमुख सिंह, अमित मरवाहा, सुरजीत कौर, गुरमीत सिंह राणा मौजूद थे।
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बैठक में स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) विभाग के डायरेक्टर डा. अंदेश कंग ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत उल्लंघन करने वालों को काबू करने के लिए डिकॉय आपरेशन (स्टिंग आपरेशन) जैसे सख्त कदम उठाने से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई स्कैन सेंटर एक्ट की धाराओं का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। विभाग की तरफ से भी समय-समय पर आईईसी की नियमित गतिविधियों द्वारा लोगों की मानसिकता को बदलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लड़कियों के प्रति पक्षपात वाले रवैये पर नकेल डाली जा सके।
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डिप्टी डायरेक्टर डा. वीणा ने लिंग निर्धारण निषेध संबंधी एक्ट की धाराओं को सख्ती से लागू करने की अपील की। बैठक में मेडिकल अधिकारी (पीएनडीटी) डा. विनीत नागपाल ने भी अपने विचार रखे। डा. धर्मपाल, डा. मीना हरदीप सिंह, डा. गुरमुख सिंह, अमित मरवाहा, सुरजीत कौर, गुरमीत सिंह राणा मौजूद थे।
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