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Panchkula News: सोने झपटमारी के आरोपी सबूतों के अभाव में बरी
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पंचकूला। सत्र न्यायाधीश वेदप्रकाश सिरोही की अदालत ने सेक्टर-14 सब्जी मंडी में बुजुर्ग महिला से सोने की चेन छीने जाने के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने सबूतों के अभाव में दो आरोपियों जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी और नरेश कुमार को बरी कर दिया। दायर मामले के अनुसार 26 अगस्त 2023 को शिकायतकर्ता लज्जो बाई बेटी के साथ सब्जी मंडी से बाहर आ रही थीं। उसी दौरान एक युवक पीछे से आया और उनकी सोने की चेन व लॉकेट छीना। इस दौरान दूसरा युवक पहले से मोटरसाइकिल स्टार्ट कर इंतजार कर रहा था, वह उसके साथ भाग गया।
शिकायत पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी जसविंदर सिंह व नरेश कुमार को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि आरोपी नरेश ने लूटी गई चेन को मुथूट फिनकॉर्प डेराबस्सी में गिरवी रखकर सोने का लोन लिया था। पुलिस ने यह चेन बरामद करने का दावा भी किया था।
वहीं अदालत में पेश सबूतों पर सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता लज्जो बाई ने अपनी गवाही में कहा कि वह पक्के तौर पर आरोपियों की पहचान नहीं कर सकतीं। इसके अलावा पुलिस ने टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) नहीं कराई और न ही घटनास्थल से कोई सीसीटीवी फुटेज पेश की। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि पुलिस ने जिस मोटरसाइकिल को केस से जोड़ा था, उसके संबंध में भी कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया। वहीं, जब्त की गई सोने की चेन और लॉकेट अदालत में पेश नहीं किए गए। इस गैरहाजिरी से पूरे मामले पर संदेह पैदा हुआ।अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। इसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी और नरेश कुमार को बरी करने के आदेश दिए।
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शिकायत पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी जसविंदर सिंह व नरेश कुमार को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि आरोपी नरेश ने लूटी गई चेन को मुथूट फिनकॉर्प डेराबस्सी में गिरवी रखकर सोने का लोन लिया था। पुलिस ने यह चेन बरामद करने का दावा भी किया था।
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वहीं अदालत में पेश सबूतों पर सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता लज्जो बाई ने अपनी गवाही में कहा कि वह पक्के तौर पर आरोपियों की पहचान नहीं कर सकतीं। इसके अलावा पुलिस ने टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) नहीं कराई और न ही घटनास्थल से कोई सीसीटीवी फुटेज पेश की। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि पुलिस ने जिस मोटरसाइकिल को केस से जोड़ा था, उसके संबंध में भी कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया। वहीं, जब्त की गई सोने की चेन और लॉकेट अदालत में पेश नहीं किए गए। इस गैरहाजिरी से पूरे मामले पर संदेह पैदा हुआ।अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। इसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी और नरेश कुमार को बरी करने के आदेश दिए।
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