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कचरा शुल्क माफ : फिर भी 50 करोड़ का कचरा शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स में नहीं किया समायोजित
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पंचकूला। नगर निगम की आम बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए गारबेज टैक्स माफ करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसकी स्वीकृति एक माह बाद भी मंजूरी प्रदेश सरकार से नहीं मिल पाई है। इससे पहले भी पंचकूला की जनता को गारबेज कलेक्शन के तौर पर 50 करोड़ रुपये के बोझ से छुटकारा मिला था।
प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2025 तक कचरा शुल्क माफ कर दिया गया था। इस बीच जिन लोगों ने 2024-2025 के प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क भरा था, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स के साथ समायोजित करने की बात कही गई थी। हालांकि आजतक लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क समायोजित नहीं किया गया। इसके खिलाफ लोगों में रोष है। शहर के लोगों का कहना है कि ऐसे शुल्क माफ करने का क्या फायदा, जब लोगों को इसका फायदा ही न मिल पाए। नगर निगम लोगों के साथ चीटिंग कर रहा है।
चौथी बार कचरा शुल्क का विरोध
पंचकूला एमडीसी और सेक्टर-20 के लोगों से नगर निगम तीसरी बार बिना कूड़ा उठाए हर फ्लैट मालिक से 1200 रुपये कचरा शुल्क वसूल कर रहा है। जिसका करीब 200 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले 60 से 50 हजार लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूसरे सेक्टरों की तरह, पंचकूला सेक्टर-20 में भी डोर-टू-डोर कचरा उठाने के बाद ही लोगों से कचरा शुल्क निगम को लेना चाहिए। नगर निगम की ओर से इस साल लोगों को भेजे जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स के साथ 1200 रुपये का गारबेज शुल्क जोड़कर भेजा गया है। सोसाइटी के 60 फीसदी लोगों का कहना है कि कचरा उठेगा, तभी कचरा शुल्क भरेंगे। वहीं जो है, नगर निगम 10 मरला के प्लॉट मालिकों से 600 रुपये कचरा शुल्क वसूल रहा है।
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क्या कहते हैं लोग
अक्तूबर में आयोजित नगर निगम की आम बैठक में कचरा शुल्क माफ करने का प्रस्ताव पास किया गया था। उसे जल्द लागू करना चाहिए। जिन लोगों ने साल 2024-25 और 2025-26 का शुल्क भर दिया है उसे अगली पेमेंट में नगर निगम को एडजस्ट करना चाहिए। सुभाष पपनेजा, निवासी सेक्टर-16 पंचकूला।
साल 2024 में शहर के करीब 50 फीसदी लोगों ने कचरा शुल्क भर दिया था। जिसके बाद जुलाई में नगर निगम ने कचरा शुल्क माफ कर दिया। मार्च से जून तक जिन लोगों ने कचरा शुल्क भरा उनके पैसे रिफंड नहीं हुए हैं और न ही होंगे। क्योंकि नगर निगम ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अभी 2025-26 का भी माफ किया है। इसकी भी मंजूरी अबतक नहीं आई। सिर्फ नगर निगम की आम बैठक में प्रस्ताव पास होते हैं। योगेंद्र क्वात्रा, निवासी सेक्टर-20 पंचकूला।
नगर निगम की ओर से कचरा शुल्क माफ कर दिया जाता है, लेकिन पिछले तीन सालों में जिन लोगों ने कचरा शुल्क भरा है उनका पैसा आजतक रिफंड नहीं किया गया। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री के भी कई बार लिख चुका हूं। दोबारा सीएम को पत्र लिखा है। हमारी मांग है कि पुराने बिल एडजस्ट कर लोगों को राहत दी जाए। एसके नैय्यर सेक्टर-15 निवासी पंचकूला।
नगर निगम की आम बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए गारबेज टैक्स माफ करने का प्रस्ताव पारित होने के बाद यूएलबी को सभी एजेंडों के साथ फाइल भेजी गई है। इस प्रॉसेस में समय लगता है। विनोद नेहरा, डीएमसी, नगर निगम पंचकूला।
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प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2025 तक कचरा शुल्क माफ कर दिया गया था। इस बीच जिन लोगों ने 2024-2025 के प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क भरा था, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स के साथ समायोजित करने की बात कही गई थी। हालांकि आजतक लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क समायोजित नहीं किया गया। इसके खिलाफ लोगों में रोष है। शहर के लोगों का कहना है कि ऐसे शुल्क माफ करने का क्या फायदा, जब लोगों को इसका फायदा ही न मिल पाए। नगर निगम लोगों के साथ चीटिंग कर रहा है।
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चौथी बार कचरा शुल्क का विरोध
पंचकूला एमडीसी और सेक्टर-20 के लोगों से नगर निगम तीसरी बार बिना कूड़ा उठाए हर फ्लैट मालिक से 1200 रुपये कचरा शुल्क वसूल कर रहा है। जिसका करीब 200 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले 60 से 50 हजार लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूसरे सेक्टरों की तरह, पंचकूला सेक्टर-20 में भी डोर-टू-डोर कचरा उठाने के बाद ही लोगों से कचरा शुल्क निगम को लेना चाहिए। नगर निगम की ओर से इस साल लोगों को भेजे जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स के साथ 1200 रुपये का गारबेज शुल्क जोड़कर भेजा गया है। सोसाइटी के 60 फीसदी लोगों का कहना है कि कचरा उठेगा, तभी कचरा शुल्क भरेंगे। वहीं जो है, नगर निगम 10 मरला के प्लॉट मालिकों से 600 रुपये कचरा शुल्क वसूल रहा है।
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क्या कहते हैं लोग
अक्तूबर में आयोजित नगर निगम की आम बैठक में कचरा शुल्क माफ करने का प्रस्ताव पास किया गया था। उसे जल्द लागू करना चाहिए। जिन लोगों ने साल 2024-25 और 2025-26 का शुल्क भर दिया है उसे अगली पेमेंट में नगर निगम को एडजस्ट करना चाहिए। सुभाष पपनेजा, निवासी सेक्टर-16 पंचकूला।
साल 2024 में शहर के करीब 50 फीसदी लोगों ने कचरा शुल्क भर दिया था। जिसके बाद जुलाई में नगर निगम ने कचरा शुल्क माफ कर दिया। मार्च से जून तक जिन लोगों ने कचरा शुल्क भरा उनके पैसे रिफंड नहीं हुए हैं और न ही होंगे। क्योंकि नगर निगम ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अभी 2025-26 का भी माफ किया है। इसकी भी मंजूरी अबतक नहीं आई। सिर्फ नगर निगम की आम बैठक में प्रस्ताव पास होते हैं। योगेंद्र क्वात्रा, निवासी सेक्टर-20 पंचकूला।
नगर निगम की ओर से कचरा शुल्क माफ कर दिया जाता है, लेकिन पिछले तीन सालों में जिन लोगों ने कचरा शुल्क भरा है उनका पैसा आजतक रिफंड नहीं किया गया। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री के भी कई बार लिख चुका हूं। दोबारा सीएम को पत्र लिखा है। हमारी मांग है कि पुराने बिल एडजस्ट कर लोगों को राहत दी जाए। एसके नैय्यर सेक्टर-15 निवासी पंचकूला।
नगर निगम की आम बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए गारबेज टैक्स माफ करने का प्रस्ताव पारित होने के बाद यूएलबी को सभी एजेंडों के साथ फाइल भेजी गई है। इस प्रॉसेस में समय लगता है। विनोद नेहरा, डीएमसी, नगर निगम पंचकूला।