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Panchkula News: गेमिंग एप कर रहा कंगाल, लोन से रातों की नींद हो रही खराब
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। गेमिंग एप में लोग जहां अपनी मेहनत की जमा पूंजी गंवा रहे हैं, वहीं तनाव का शिकार भी हो रहे हैं। इसके व्यसन में फंसकर लोग होम लोन और पर्सनल लोन भी लेकर कंगाल हो रहे हैं। हारने के बाद तनाव में आकर जहां अपनी रातों की नींद खराब कर रहे हैं, वहीं आत्महत्या की भी कोशिश करने लगे हैं। इस तरह के मामले मनोरोग विभाग में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल मनोरोग विभाग के डॉक्टरों ने परिजनों से अपील की है कि ऐसे लोगोें को तुरंत अस्पताल लेकर आएं।
शहर में रोजाना तनाव के 150 मामले सामने आ रहे हैं। इसमें अप्रैल माह में दो नए केस आए हैं। इसमें मरीजों ने गेमिंग एप पर विश्वास किया और इसके जाल में फंसकर अपने रुपये गंवा दिए। डॉक्टरों ने काउंसलिंग कर इस तरह के एप से लोगों को बचने की सलाह दी है।
केस नंबर -1
गेमिंग एप में पैसे हारने के बाद सो नहीं पाए
सेक्टर-11 निवासी एक व्यक्ति माई सर्किल एप पर 1.50 करोड़ रुपये हार गया। गेमिंग एप में जीतने की संभावना के कारण ऐसा हुआ। इसके बाद वह तनाव में आ गया। तीन दिन नहीं सोने के बाद परिवार के लोगों ने उनको मनोरोग विभाग में दिखाया। डॉक्टर की काउंसलिंग में पता चला कि रुपये हारने के बाद वह तनाव में आए। डॉक्टरों ने उनको मोबाइल गेमिंग एप से दूर रहने के लिए कहा। दवा देकर इलाज भी शुरू कर दिया है।
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केस -2
आत्महत्या का किया प्रयास
सेक्टर-4 निवासी 26 वर्षीय व्यक्ति गेमिंग एप पर तीन लाख रुपये हार गया। इसके बाद लोन ली गई किस्त दो गुनी हो गई। किस्त बढ़ने के कारण वह तनाव में आ गया। इस कारण उसने आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद काउंसलिंग में गेमिंग एप पर यह पैसा हारने और ब्याज दोगुना होने की बात सामने आई।
यह दिक्कतें हों तो डॉक्टर को दिखाएं
पंचकूला मनोचिकित्सक डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि कई लोग गेमिंग एप के आदी हैं। उन्हें बिना मोबाइल घबराहट और बेचैनी होने लगती है। अगर वे सो नहीं पा रहे हैं। मोबाइल देखने के साथ नशे का शिकार हों तो परिजन ध्यान दें। समय पर अस्पताल लेकर आएं। उनका इलाज संभव है। अगर इसमें देरी हुई तो कई बार व्यक्ति इसमें कोई भी बड़ा कदम भी उठा सकता है।
गेमिंग एप के आदी होने के दो मामले सामने आए हैं। इसमें मरीजों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इससे बचाव के लिए लोग इन एप से दूर रहें। अगर कोई गलती हुई है तो वे लोग यह बात अपने घर के लोगों से शेयर करें। - एमपी शर्मा, मनोचिकित्सक, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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पंचकूला। गेमिंग एप में लोग जहां अपनी मेहनत की जमा पूंजी गंवा रहे हैं, वहीं तनाव का शिकार भी हो रहे हैं। इसके व्यसन में फंसकर लोग होम लोन और पर्सनल लोन भी लेकर कंगाल हो रहे हैं। हारने के बाद तनाव में आकर जहां अपनी रातों की नींद खराब कर रहे हैं, वहीं आत्महत्या की भी कोशिश करने लगे हैं। इस तरह के मामले मनोरोग विभाग में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल मनोरोग विभाग के डॉक्टरों ने परिजनों से अपील की है कि ऐसे लोगोें को तुरंत अस्पताल लेकर आएं।
शहर में रोजाना तनाव के 150 मामले सामने आ रहे हैं। इसमें अप्रैल माह में दो नए केस आए हैं। इसमें मरीजों ने गेमिंग एप पर विश्वास किया और इसके जाल में फंसकर अपने रुपये गंवा दिए। डॉक्टरों ने काउंसलिंग कर इस तरह के एप से लोगों को बचने की सलाह दी है।
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केस नंबर -1
गेमिंग एप में पैसे हारने के बाद सो नहीं पाए
सेक्टर-11 निवासी एक व्यक्ति माई सर्किल एप पर 1.50 करोड़ रुपये हार गया। गेमिंग एप में जीतने की संभावना के कारण ऐसा हुआ। इसके बाद वह तनाव में आ गया। तीन दिन नहीं सोने के बाद परिवार के लोगों ने उनको मनोरोग विभाग में दिखाया। डॉक्टर की काउंसलिंग में पता चला कि रुपये हारने के बाद वह तनाव में आए। डॉक्टरों ने उनको मोबाइल गेमिंग एप से दूर रहने के लिए कहा। दवा देकर इलाज भी शुरू कर दिया है।
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केस -2
आत्महत्या का किया प्रयास
सेक्टर-4 निवासी 26 वर्षीय व्यक्ति गेमिंग एप पर तीन लाख रुपये हार गया। इसके बाद लोन ली गई किस्त दो गुनी हो गई। किस्त बढ़ने के कारण वह तनाव में आ गया। इस कारण उसने आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद काउंसलिंग में गेमिंग एप पर यह पैसा हारने और ब्याज दोगुना होने की बात सामने आई।
यह दिक्कतें हों तो डॉक्टर को दिखाएं
पंचकूला मनोचिकित्सक डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि कई लोग गेमिंग एप के आदी हैं। उन्हें बिना मोबाइल घबराहट और बेचैनी होने लगती है। अगर वे सो नहीं पा रहे हैं। मोबाइल देखने के साथ नशे का शिकार हों तो परिजन ध्यान दें। समय पर अस्पताल लेकर आएं। उनका इलाज संभव है। अगर इसमें देरी हुई तो कई बार व्यक्ति इसमें कोई भी बड़ा कदम भी उठा सकता है।
गेमिंग एप के आदी होने के दो मामले सामने आए हैं। इसमें मरीजों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इससे बचाव के लिए लोग इन एप से दूर रहें। अगर कोई गलती हुई है तो वे लोग यह बात अपने घर के लोगों से शेयर करें। - एमपी शर्मा, मनोचिकित्सक, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6