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Panchkula News: कनाडा में ज्योतिष विद्या के जरिए लोगों का भविष्य बताता था, भगोड़ा दीपक भोला
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पंचकूला। बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में असली सोने की जगह नकली सोना गिरवी रखवाकर तीन करोड़ रुपये की ठगी करने वाले दीपक भोला के साथ अपराध शाखा की टीम ने शनिवार को कई जगह छापे मारे। इसके साथ ही पुलिस ने 72 आवेदकों को पूछताछ के लिए शाखा कार्यालय बुलाया और उनके बयान दर्ज किए।
2022 से फरार चल रहा आरोपी दीपक बीते दो वर्षों से कनाडा में रह कर लोगों का भविष्य बता रहा था। जब वहां वर्किंग वीजा खत्म हुआ तो वह भारत लौट आया। लौटने के बाद पुलिस ने उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया था। जांच में यह भी सामने आया कि भोला सात लोगों का गिरोह बनाकर बैंक आने वाले लोगों को निशाना बनाता था। फिर टीम के लोग उसके साथ मिलकर नकली सोना देकर लोन दिलवाने की बात करते थे।
सुनहरे भविष्य का लालच दिखा ऐंठता था मोटी रकम
दीपक भोला ने यह भी बताया कि वह ज्योतिष का जानकार है, इसलिए भारत से कनाडा जाने के बाद वहां पर वर्किंग वीजा के आधार पर एक फैक्ट्री में नौकरी करने लगा। कुछ दिनों बाद वह लोगों का हाथ देखकर उनका भविष्य बताने लगा। इस काम के बदले दीपक भोला मोटी रकम वसूलता था। धीरे-धीरे वह कनाडा में परेशान लोगों को टारगेट करने लगा। उनके भविष्य को सुनहरा बनाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम ऐंठने लगा।
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पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में फैला है नेटवर्क
मास्टरमाइंड दीपक भोला तीन अलग-अलग बैंकों का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करता था। कार्ड को जब्त कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस खाते में आने वाले पैसे किस बैंक में ट्रांसफर किए गए हैं, इसकी जानकारी जुटा रही है। दीपक भोला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर छापे मारे। गिरोह से जुड़े सात लोगों के नाम सामने आए हैं। ये सभी लोग उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
आरोपी पर दर्ज हैं 30 मुकदमे
दीपक भोला पर अलग-अलग थानों में 30 मुकदमे दर्ज हैं। सेक्टर-14 में 22 और सेक्टर-20 में 8 एफआईआर दर्ज हैं। बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर गोल्ड लोन से जुड़े मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 72 लोगों के साथ मिलीभगत कर छह किलो से अधिक नकली गोल्ड के बदले तीन करोड़ तक का लोन पास कराया है। बैंक आफ इंडिया ब्रांच में गोल्ड लोन डिफाल्टर हुआ, गोल्ड की जांच हुई तो वह नकली निकला। तभी भोला ने जितने फाइल को पास किया था, सभी सोना का फिर से मूल्यांकन कराया गया। ब्रांच में रखे लगभग छह किलो सोना नकली मिला। ब्रांच मैनेजर के शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। मामले का खुलासा होने से पहले ही आरोपी 2022 से कनाडा में शिफ्ट था।
कोरोना काल से बनाया था प्लान
2018 के बाद कोरोना काल में दीपक भोला ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर नकली जेवर को असली बताकर बैंक से लोन दिलाने का प्लान बनाया। उसके बाद वह बैंक में गोल्ड लोन के लिए आने वाले आवेदकों को टारगेट करने लगा। वहीं से नकली गोल्ड को असली बताने का खेल शुरू हुआ। कोरोना काल खत्म होते ही ब्रांच में आने वाले आवेदक उसके झांसे में आने लगे। उसके बाद उनसे मिलकर लोन दिलाने का काम करने लगा। अब तक गिरोह से जुड़े सात लोगों की और 72 आवेदकों का नाम आरोपी ने बताया है। इन सभी का पुलिस बयान दर्ज कर रही है।
मास्टरमाइंड दीपक भोला को गिरफ्तार करके चार दिन का रिमांड पर लेकर जांच जारी है। आवेदकों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। - कमल जीत सिंह,इंस्पेक्टर, आर्थिक अपराध शाखा पंचकूला
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2022 से फरार चल रहा आरोपी दीपक बीते दो वर्षों से कनाडा में रह कर लोगों का भविष्य बता रहा था। जब वहां वर्किंग वीजा खत्म हुआ तो वह भारत लौट आया। लौटने के बाद पुलिस ने उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया था। जांच में यह भी सामने आया कि भोला सात लोगों का गिरोह बनाकर बैंक आने वाले लोगों को निशाना बनाता था। फिर टीम के लोग उसके साथ मिलकर नकली सोना देकर लोन दिलवाने की बात करते थे।
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सुनहरे भविष्य का लालच दिखा ऐंठता था मोटी रकम
दीपक भोला ने यह भी बताया कि वह ज्योतिष का जानकार है, इसलिए भारत से कनाडा जाने के बाद वहां पर वर्किंग वीजा के आधार पर एक फैक्ट्री में नौकरी करने लगा। कुछ दिनों बाद वह लोगों का हाथ देखकर उनका भविष्य बताने लगा। इस काम के बदले दीपक भोला मोटी रकम वसूलता था। धीरे-धीरे वह कनाडा में परेशान लोगों को टारगेट करने लगा। उनके भविष्य को सुनहरा बनाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम ऐंठने लगा।
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पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में फैला है नेटवर्क
मास्टरमाइंड दीपक भोला तीन अलग-अलग बैंकों का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करता था। कार्ड को जब्त कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस खाते में आने वाले पैसे किस बैंक में ट्रांसफर किए गए हैं, इसकी जानकारी जुटा रही है। दीपक भोला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर छापे मारे। गिरोह से जुड़े सात लोगों के नाम सामने आए हैं। ये सभी लोग उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
आरोपी पर दर्ज हैं 30 मुकदमे
दीपक भोला पर अलग-अलग थानों में 30 मुकदमे दर्ज हैं। सेक्टर-14 में 22 और सेक्टर-20 में 8 एफआईआर दर्ज हैं। बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर गोल्ड लोन से जुड़े मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 72 लोगों के साथ मिलीभगत कर छह किलो से अधिक नकली गोल्ड के बदले तीन करोड़ तक का लोन पास कराया है। बैंक आफ इंडिया ब्रांच में गोल्ड लोन डिफाल्टर हुआ, गोल्ड की जांच हुई तो वह नकली निकला। तभी भोला ने जितने फाइल को पास किया था, सभी सोना का फिर से मूल्यांकन कराया गया। ब्रांच में रखे लगभग छह किलो सोना नकली मिला। ब्रांच मैनेजर के शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। मामले का खुलासा होने से पहले ही आरोपी 2022 से कनाडा में शिफ्ट था।
कोरोना काल से बनाया था प्लान
2018 के बाद कोरोना काल में दीपक भोला ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर नकली जेवर को असली बताकर बैंक से लोन दिलाने का प्लान बनाया। उसके बाद वह बैंक में गोल्ड लोन के लिए आने वाले आवेदकों को टारगेट करने लगा। वहीं से नकली गोल्ड को असली बताने का खेल शुरू हुआ। कोरोना काल खत्म होते ही ब्रांच में आने वाले आवेदक उसके झांसे में आने लगे। उसके बाद उनसे मिलकर लोन दिलाने का काम करने लगा। अब तक गिरोह से जुड़े सात लोगों की और 72 आवेदकों का नाम आरोपी ने बताया है। इन सभी का पुलिस बयान दर्ज कर रही है।
मास्टरमाइंड दीपक भोला को गिरफ्तार करके चार दिन का रिमांड पर लेकर जांच जारी है। आवेदकों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। - कमल जीत सिंह,इंस्पेक्टर, आर्थिक अपराध शाखा पंचकूला