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Panchkula News: ईडी का डर दिखाकर की एक करोड़ की ठगी, पीड़ित ने डीसीपी को दी शिकायत
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पंचकूला। सेक्टर-26 निवासी मलकियत सिंह के साथ एक करोड़ की ठगी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने दो लोगों पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का डर दिखाकर पैसे एंठने का आरोप लगाया है। 23 जनवरी को 50 लाख रुपये की नकदी तरुण और गैरी को अंबाला के कपूरी गांव में दिए गए और बाकी 50 लाख रुपये 24 जनवरी को मोहाली में दिए गए। इसके लिए परिवार ने गहने बेचकर और कुछ उधार लेकर पैसे जुटाए।
डीसीपी को दी शिकायत में मलकियत सिंह ने कहा कि साल 1996-97 में उनकी गांव कुंडी की जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली थी। इसके बदले उन्होंने नारायणगढ़ में खेती के लिए 16 किले जमीन खरीदी थी। मुआवजे से संबंधित लंबित भुगतान के कारण उनका हुडा विभाग पंचकूला से संपर्क बना रहा। मलकियत का आरोप है कि हुडा में तैनात एक अकाउंटेंट सुनील कुमार बंसल ने उनके बैंक खातों की जानकारी दुरुपयोग कर उन्हें ईडी की जांच में फंसा दिया।
इसी सिलसिले में 23 जनवरी 2024 को ईडी की टीम ने उनके घर पर छापा मारा। हालांकि घर से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिले, लेकिन बैंक संबंधी कागजात जांच के लिए जब्त किए गए। रेड के बाद डर का माहौल बना और इसी दौरान मलकियत के पिता बलविंदर सिंह व फूफा जसमेर सिंह ने मोहाली के एक राजनीतिक नेता से संपर्क किया, जिन्होंने अपने पीए तरुण से बात करने को कहा।
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आरोप है कि तरुण और गैरी ने खुद को ईडी से जुड़े प्रभावशाली व्यक्ति बताकर मलकियत के परिवार को रेड से राहत दिलाने और भविष्य में गिरफ्तारी से बचाने का झांसा दिया। इसके बदले में उन्होंने एक करोड़ रुपये की मांग रखी। परिवार ने रिश्तेदारों से उधार लेकर व घर का सोना बेचकर 24 जनवरी को पूरी रकम दो किश्तों में उन्हें दी।बाद में जब ईडी कार्यालय से पुष्टि की गई तो पता चला कि ईडी को कोई पैसा नहीं दिया गया। तरुण और गैरी ने पूरी रकम हड़प ली। उन्होंने आरोप लगाया कि अब ये दोनों आठ करोड़ रुपये और मांग रहे हैं और जान से मारने की धमकियां भी दे रहे हैं। थाना चंडीमंदिर में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई है। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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डीसीपी को दी शिकायत में मलकियत सिंह ने कहा कि साल 1996-97 में उनकी गांव कुंडी की जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली थी। इसके बदले उन्होंने नारायणगढ़ में खेती के लिए 16 किले जमीन खरीदी थी। मुआवजे से संबंधित लंबित भुगतान के कारण उनका हुडा विभाग पंचकूला से संपर्क बना रहा। मलकियत का आरोप है कि हुडा में तैनात एक अकाउंटेंट सुनील कुमार बंसल ने उनके बैंक खातों की जानकारी दुरुपयोग कर उन्हें ईडी की जांच में फंसा दिया।
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इसी सिलसिले में 23 जनवरी 2024 को ईडी की टीम ने उनके घर पर छापा मारा। हालांकि घर से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिले, लेकिन बैंक संबंधी कागजात जांच के लिए जब्त किए गए। रेड के बाद डर का माहौल बना और इसी दौरान मलकियत के पिता बलविंदर सिंह व फूफा जसमेर सिंह ने मोहाली के एक राजनीतिक नेता से संपर्क किया, जिन्होंने अपने पीए तरुण से बात करने को कहा।
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आरोप है कि तरुण और गैरी ने खुद को ईडी से जुड़े प्रभावशाली व्यक्ति बताकर मलकियत के परिवार को रेड से राहत दिलाने और भविष्य में गिरफ्तारी से बचाने का झांसा दिया। इसके बदले में उन्होंने एक करोड़ रुपये की मांग रखी। परिवार ने रिश्तेदारों से उधार लेकर व घर का सोना बेचकर 24 जनवरी को पूरी रकम दो किश्तों में उन्हें दी।बाद में जब ईडी कार्यालय से पुष्टि की गई तो पता चला कि ईडी को कोई पैसा नहीं दिया गया। तरुण और गैरी ने पूरी रकम हड़प ली। उन्होंने आरोप लगाया कि अब ये दोनों आठ करोड़ रुपये और मांग रहे हैं और जान से मारने की धमकियां भी दे रहे हैं। थाना चंडीमंदिर में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई है। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।