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शाहबाद के पूर्व विधायक अनिल धंतोड़ी ने छोड़ी कांग्रेस
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शाहबाद के पूर्व विधायक अनिल धंतोड़ी ने छोड़ी कांग्रेस
- प्राथमिक सदस्यता छोड़ते हुए सोनिया गांधी को भेजा त्याग पत्र
- मोदी-मनोहर लाल की तारीफ, हुड्डा के खिलाफ निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के शाहबाद से पूर्व विधायक अनिल धंतोड़ी ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पदों को छोड़ते हुए अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है।
वह अखिल भारतीय कांग्रेस के प्रवक्ता के साथ ही मीडिया पैनलिस्ट भी थे। हाल में प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त 195 डेलिगेट में उनको शामिल नहीं किया गया था। सूत्रों के अनुसार धंतोड़ी इससे भी काफी नाराज थे। उनको पार्टी में उचित मान-सम्मान नहीं मिल रहा था। खेमेबाजी के कारण वह हाशिये पर चल रहे थे। इसे देखते हुए उन्होंने कांग्रेस छोड़ना ही बेहतर समझा। उन्हें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरोधी गुट का माना जाता है।
धंतोड़ी 2009 में कांग्रेस टिकट पर शाहबाद से कांग्रेस विधायक रहे हैं। इसके बाद वह यहां से नहीं जीत पाए। इससे पहले वह युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके इस्तीफे को कुरुक्षेत्र जिले में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। युवा होने के साथ ही उनकी गिनती तेज-तर्रार नेताओं में होती है। आदमपुर उपचुनाव से पहले उनके इस्तीफे का कांग्रेस के लिए अच्छा संदेश नहीं जाएगा, चूंकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तारीफ करने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ खूब भड़ास निकाली है।
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धंतोड़ी ने कहा है कि कांग्रेस परिवारवाद और भाई-भतीजावाद से बाहर नहीं निकल पा रही। हुड्डा पुत्र मोह में फंसे हुए हैं। उनके बेटे दीपेंद्र परिपक्व नहीं हैं और पिता के दम पर ही राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में अभी दो दशक तक नहीं आ पाएगी। किसी एक नेता को फ्री हैंड देकर पार्टी प्रदेश में सरकार नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि मोदी और मनोहर लाल दोनों सादगी भरे हैं, उनके नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास हो रहा है।
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- प्राथमिक सदस्यता छोड़ते हुए सोनिया गांधी को भेजा त्याग पत्र
- मोदी-मनोहर लाल की तारीफ, हुड्डा के खिलाफ निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के शाहबाद से पूर्व विधायक अनिल धंतोड़ी ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पदों को छोड़ते हुए अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है।
वह अखिल भारतीय कांग्रेस के प्रवक्ता के साथ ही मीडिया पैनलिस्ट भी थे। हाल में प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त 195 डेलिगेट में उनको शामिल नहीं किया गया था। सूत्रों के अनुसार धंतोड़ी इससे भी काफी नाराज थे। उनको पार्टी में उचित मान-सम्मान नहीं मिल रहा था। खेमेबाजी के कारण वह हाशिये पर चल रहे थे। इसे देखते हुए उन्होंने कांग्रेस छोड़ना ही बेहतर समझा। उन्हें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरोधी गुट का माना जाता है।
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धंतोड़ी 2009 में कांग्रेस टिकट पर शाहबाद से कांग्रेस विधायक रहे हैं। इसके बाद वह यहां से नहीं जीत पाए। इससे पहले वह युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके इस्तीफे को कुरुक्षेत्र जिले में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। युवा होने के साथ ही उनकी गिनती तेज-तर्रार नेताओं में होती है। आदमपुर उपचुनाव से पहले उनके इस्तीफे का कांग्रेस के लिए अच्छा संदेश नहीं जाएगा, चूंकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तारीफ करने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ खूब भड़ास निकाली है।
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धंतोड़ी ने कहा है कि कांग्रेस परिवारवाद और भाई-भतीजावाद से बाहर नहीं निकल पा रही। हुड्डा पुत्र मोह में फंसे हुए हैं। उनके बेटे दीपेंद्र परिपक्व नहीं हैं और पिता के दम पर ही राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में अभी दो दशक तक नहीं आ पाएगी। किसी एक नेता को फ्री हैंड देकर पार्टी प्रदेश में सरकार नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि मोदी और मनोहर लाल दोनों सादगी भरे हैं, उनके नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास हो रहा है।