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प्रदेश पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अवैध माइनिंग का उठाया मुद्दा
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पंचकूला। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने बरवाला ब्लॉक के गांव रत्तेवाली में चल रहे अवैध खनन का मामला उठाया है। उनका आरोप है कि बिना गांव वालों के सहमति से करीब चार सौ एकड़ जमीन पर मिलीभगत से कुछ लोगों द्वारा खनन का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। यह जमीन मुस्तरका गांववालों के नाम पर है और गांववाले इसमें अपनी सहमति से इंकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है गांव में खनन का खेल किसके आशीर्वाद से चल रहा है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गांव रत्तेवाली के कुछ बाशिंदे उनसे आकर मिले थे। उन्होंने उन्हें इसकी जानकारी देते हुए बताया कि गांव में एक नदी है। इस नदी में भाग नंबर 141, 142, व 143 का कथित ठेका हो चुका है। हालांकि जब गांववालों को इस बात का पता चला कि इस जमीन का ठेका हो चुका है तो सुनकर उन्हें काफी हैरानी हुई। इसके बारे में न तो अखबार में कहीं कोई जानकारी आई थी और न ही किसी अन्य माध्यम से उन्हें इसकी कोई सूचना दी गई। इस नदी में आती जमीन के कुल 381 वारिस हैं।
चंद्रमोहन ने कहा कि जिसमें कुल बोली का दस प्रतिशत हिस्सा इन सबके हिस्से में भी आता है। जब गांववालों ने माइनिंग करवाने वाले ठेकेदारों से इस बारे में बात की तो उन्होंने गांववालों को बताया कि उन्होंने नदी का केवल 141 नंबर ठेके पर लिया है। इन गांववालों ने उपायुक्त पंचकूला को लिखे अपने पत्र में साफ कहा है कि वे अपना कोई सा भी नंबर ठेके पर नहीं देना चाहते और इसे पूरी तरह से बंद रखना चाहते हैं। क्योंकि नदी पहले ही काफी गहरी हो चुकी है। इसमें नौजवानों व पशुओं की डूबने से मौतें भी हो चुकी हैं। यदि ऐसा हुआ तो खेतों में आने जाने के रास्ते बंद हो जाएंगे।
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पानी का स्तर बहुत नीचे, और खुदाई हुई खतरनाक
गांववालों का कहना है कि उनकी बहुत सारी कृषि योग्य जमीन नदी के पार लगती है। पानी का स्तर पहले ही बहुत ज्यादा नीचा है। अगर और ज्यादा खुदाई हुई तो यह लेवल खतरनाक स्तर पर चला जाएगा। ऐसे में वह अपना घर कैसे चलाएंगे। चंद्रमोहन का कहना है कि गांववालों के अनुसार उन्होंने इस बारे में पंचकूला के उपायुक्त को 24 अप्रैल को डाक द्वारा एक लिखित में भी शिकायत भेज रखी है। इसमें यह सारी जानकारी देकर इस माइनिंग को तत्काल रोकने की मांग की है। चंद्रमोहन ने कहा कि स्वयं उन्होंने भी इस बारे में एक लिखित शिकायत उपायुक्त को भेजी है कि इस अवैध माइनिंग के चलते गांव में तनाव का माहौल है और वहां कभी भी झगड़ा हो सकता है। बावजूद इसके जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए हैं।
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पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गांव रत्तेवाली के कुछ बाशिंदे उनसे आकर मिले थे। उन्होंने उन्हें इसकी जानकारी देते हुए बताया कि गांव में एक नदी है। इस नदी में भाग नंबर 141, 142, व 143 का कथित ठेका हो चुका है। हालांकि जब गांववालों को इस बात का पता चला कि इस जमीन का ठेका हो चुका है तो सुनकर उन्हें काफी हैरानी हुई। इसके बारे में न तो अखबार में कहीं कोई जानकारी आई थी और न ही किसी अन्य माध्यम से उन्हें इसकी कोई सूचना दी गई। इस नदी में आती जमीन के कुल 381 वारिस हैं।
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चंद्रमोहन ने कहा कि जिसमें कुल बोली का दस प्रतिशत हिस्सा इन सबके हिस्से में भी आता है। जब गांववालों ने माइनिंग करवाने वाले ठेकेदारों से इस बारे में बात की तो उन्होंने गांववालों को बताया कि उन्होंने नदी का केवल 141 नंबर ठेके पर लिया है। इन गांववालों ने उपायुक्त पंचकूला को लिखे अपने पत्र में साफ कहा है कि वे अपना कोई सा भी नंबर ठेके पर नहीं देना चाहते और इसे पूरी तरह से बंद रखना चाहते हैं। क्योंकि नदी पहले ही काफी गहरी हो चुकी है। इसमें नौजवानों व पशुओं की डूबने से मौतें भी हो चुकी हैं। यदि ऐसा हुआ तो खेतों में आने जाने के रास्ते बंद हो जाएंगे।
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पानी का स्तर बहुत नीचे, और खुदाई हुई खतरनाक
गांववालों का कहना है कि उनकी बहुत सारी कृषि योग्य जमीन नदी के पार लगती है। पानी का स्तर पहले ही बहुत ज्यादा नीचा है। अगर और ज्यादा खुदाई हुई तो यह लेवल खतरनाक स्तर पर चला जाएगा। ऐसे में वह अपना घर कैसे चलाएंगे। चंद्रमोहन का कहना है कि गांववालों के अनुसार उन्होंने इस बारे में पंचकूला के उपायुक्त को 24 अप्रैल को डाक द्वारा एक लिखित में भी शिकायत भेज रखी है। इसमें यह सारी जानकारी देकर इस माइनिंग को तत्काल रोकने की मांग की है। चंद्रमोहन ने कहा कि स्वयं उन्होंने भी इस बारे में एक लिखित शिकायत उपायुक्त को भेजी है कि इस अवैध माइनिंग के चलते गांव में तनाव का माहौल है और वहां कभी भी झगड़ा हो सकता है। बावजूद इसके जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए हैं।