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नौकरियों में फर्जीवाड़ा : आयोगों के चेयरमैनों और सदस्यों से पूछताछ क्यों नहीं ः कांग्रेस

Thu, 16 Dec 2021 01:50 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 01:50 AM IST
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Forgery in jobs: Why not question the chairmans and members of the commissions : Congress
चंडीगढ़। नौकरियों में फर्जीवाड़ा मामले को लेकर सरकार पर हमलावर कांग्रेस ने एक बार फिर से विजिलेंस जांच पर सवाल उठाए हैं। विजिलेंस की ओर से एचपीएससी और एचएसएससी के चेयरमैनों और सदस्यों से पूछताछ नहीं किए जाने का मुद्दा कांग्रेस ने उठाया है। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि वह सड़क से लेकर सदन तक इस मामले को उठाएंगे। कांग्रेस की सरकार आने पर इस मामले की निष्पक्षता के साथ जांच कराई जाएगी और अन्य दोषियों को भी सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
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सुरजेवाला ने कहा कि एक माह बीत जाने के बाद भी विजिलेंस ने न तो आयोगों के चेयरमैनों से पूछताछ की और न ही सदस्यों से। इतना ही नहीं एचएसएससी की तरफ तो झांककर भी नहीं देखा, जबकि आरोपियों ने माना था कि 10-10 लाख रुपये लेकर स्टाफ नर्स, वीएलडीए और एएनएम में परीक्षार्थी पास कराए हैं। दूसरा, एचपीएससी ने डेंटल सर्जन और एचसीएस प्री परीक्षा को न तो रद्द किया है न ही कोई दूसरा फैसला लिया है।
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सुरजेवाला ने एचपीएससी द्वारा 10 नए पदों को लेकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का शेड्यूल जारी करने पर भी सवाल उठाया है। इन सबकी परीक्षाएं 14 सितंबर को ली गई थी। इन परीक्षाओं में गोपनीयता समेत सब चीजों की जिम्मेदारी उप सचिव अनिल नागर के पास थी। 6 दिसंबर को नागर के बर्खास्तगी के आदेश में साफ लिखा है कि अनिल नागर की देखरेख में रखे भर्तियों के रिकॉर्ड की कोई वैधता नहीं बची। ऐसे में इन भर्तियों को पाक साफ कैसे माना जा सकता है।
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सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा इससे पहले, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आवास पर लंबे समय तक एडीसी रहे हैं, इसलिए उनसे पूछताछ नहीं की गई। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अभी तक जसबीर बल्हारा और उसकी कंपनी की जांच नहीं की गई, जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले कई साल से वह नौकरियां बेच रहा है। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर कौन है जो इनकी जांच नहीं होने दे रहा हैं।
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