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उड़ते पर्दे, टीन का छप्पर : एक कमरे में पीठ से पीठ लगाकर पढ़ते हैं दो कक्षाओं के बच्चे

Thu, 01 Feb 2024 04:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Feb 2024 04:31 AM IST
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Flying curtains, tin roof: Children of two classes study back to back in one room
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। प्रदेश की अघोषित राजधानी पंचकूला में शिक्षा व्यवस्था की हालत पतली है। स्कूल भवन की जर्जर हालत और पर्याप्त कमरे नहीं होने पर अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थी एक ही कमरे में पीठ से पीठ लगाकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालात इस कदर बदतर हैं कि मौसम की मार से बचने के लिए दीवारों की जगह पर्दे लटकाए गए हैं। पक्की छत की जगह टीन की शेड लगाई गई है। इसके बाद भी पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण आधे बच्चे तो छुट्टी पर रहते हैं।
मंत्रियों और अधिकारियों के नाक के नीचे शहर में शिक्षा व्यवस्था का यह हाल है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के दूर-दराज स्कूलों का क्या हाल होगा। यह नजारा अमर उजाला की टीम को राजकीय प्राथमिक पाठशाला खड़क मंगोली में बुधवार को देखने को मिला। टीम को विद्यार्थियों के लिए न तो कमरे की उचित व्यवस्था मिली, न ही यहां पर बनने वाले भवन का कोई प्लान नजर आया। स्कूल के शिक्षक केहर सिंह ठंड में पर्दे टांगकर टीन शेड के नीचे विद्यार्थियों को टाट में बैठाकर पढ़ाते नजर आए। यहां विद्यार्थियों के लिए बेंच की भी व्यवस्था नहीं है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 405 है। इसमें 15 शिक्षक सहित पूरा स्टाफ इनको पढ़ाता है। मंगलवार को स्कूल में पहली से पांचवीं तक के 266 विद्यार्थी पढ़ाई करने पहुंचे थे। इसमें 139 विद्यार्थी ठंड अधिक होने के कारण नहीं आए।
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स्कूल का रूम कंडम, एक रूम में दो क्लास चली
राजकीय प्राथमिक पाठशाला खड़क मंगोली में नीचे का रूम कंडम हो गया है। पहली मंजिल की बिल्डिंग में टीन और पर्दे लगाकर एक रूम बनाया गया है। इसमें दो कक्षाएं एक साथ दूसरी और तीसरी की चलाई जा रही है। जगह की कमी होने के कारण विद्यार्थियों के बैठने की जगह भी नहीं होती है। कंडम होने वाले रूम की जानकारी पीडब्ल्यूडी को भेजी गई है। इसके बावजूद यहां पर कोई रूम बनाने का प्लान अभी तक नहीं बनाया गया है। इस रूम के बंद होने के बाद बाहर विद्यार्थियों को खुली हवा में टीन और पर्दे लगाकर पढ़ाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के आलाधिकारियों की इसकी जानकारी होने के बाद कोई काम नहीं किया जा सका है। इस कारण विद्यार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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अभी तक स्कूल में बिल्डिंग बनने का कोई प्लान नहीं
राजकीय प्राथमिक पाठशाला खड़क मंगोली की प्रिंसिपल रक्षा देवी ने बताया कि मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाए जाने की बात कही जा रही है। इसे अभी तक नहीं बनाया गया है। बिल्डिंग नहीं बनाए जाने के कारण विद्यार्थी बिना कमरे के बरामदे और टीन शेड के नीचे पढ़ रहे हैं। इसका अभी तक स्थाई हल नहीं निकाला जा सका है। इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दी गई है।


स्कूलों के कमरे कंडम हैंं। इसे लेकर जल्द ही संबंधित विभागों के साथ मीटिंग कर इसे बनाए जाने का प्लान तैयार करवाएंगे। स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी जल्द दुरस्त किया जाएगा। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग
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