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Panchkula News: मोरनी के जंगलों में आग बुझाने को पंचकूला और बरवाला से मंगवाईं फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
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मोरनी। मोरनी वन रेंज में आग का तांडव जारी है। बालग गांव में चीड़ के जंगल में भारी तबाही के बाद चौथे दिन आग अन्य क्षेत्रों में फैल गई।रविवार रात को लगी आग ने सोमवार को नग्गल एरिया का चैन और सेहत गांव की हरियाली को राख कर दिया। लोग झाड़ियों से आग बुझाते देखे गए।
वन विभाग के प्रधान वन संरक्षक पंकज गोयल ने आग को काबू करने की कमान संभाली है। उन्होंने सोमवार को क्षेत्र में आग की घटनाओं का जायजा लिया और आग पर काबू पाने के लिए बरवाला और पंचकूला से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी बुलाया। सूचना के आधार पर उन्होंने ठंडोग क्षेत्र, नीमवाला और टिक्कर ताल का भी जायजा लिया। उन्होंने इलाके के ग्रामीणों से इन घटनाओं को रोकने में सहयोग की अपील भी की। इस मौके पर वन मंडल अधिकारी विशाल कौशिक भी उपस्थित रहे।
दूसरी तरफ आग से वन संपदा के नष्ट होने पर लोगों का कहना है कि वन विभाग के पास आग बुझाने का कोई उपकरण नहीं है। इस वर्ष जनता के बीच जाकर उनको जागरूक भी नहीं किया गया। समय पर फायर लाइनों को नही संवारा गया, मैन पावर को लेकर भी कोई काम नहीं किया गया। इसका खामियाजा जंगलों में आग की तबाही को देखा जा सकता है। वन विभाग की मोरनी वन रेंज में एकमात्र अग्निशमन वाहन है जो सफेद हाथी साबित हो रहा है। उसमें पानी को स्टोर करने की क्षमता बेहद कम है। आपातकाल में उसकी फिलिंग करने के लिए विभाग के पास कोई स्थायी व्यवस्था भी नहीं है।
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वन विभाग के प्रधान वन संरक्षक पंकज गोयल ने आग को काबू करने की कमान संभाली है। उन्होंने सोमवार को क्षेत्र में आग की घटनाओं का जायजा लिया और आग पर काबू पाने के लिए बरवाला और पंचकूला से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी बुलाया। सूचना के आधार पर उन्होंने ठंडोग क्षेत्र, नीमवाला और टिक्कर ताल का भी जायजा लिया। उन्होंने इलाके के ग्रामीणों से इन घटनाओं को रोकने में सहयोग की अपील भी की। इस मौके पर वन मंडल अधिकारी विशाल कौशिक भी उपस्थित रहे।
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दूसरी तरफ आग से वन संपदा के नष्ट होने पर लोगों का कहना है कि वन विभाग के पास आग बुझाने का कोई उपकरण नहीं है। इस वर्ष जनता के बीच जाकर उनको जागरूक भी नहीं किया गया। समय पर फायर लाइनों को नही संवारा गया, मैन पावर को लेकर भी कोई काम नहीं किया गया। इसका खामियाजा जंगलों में आग की तबाही को देखा जा सकता है। वन विभाग की मोरनी वन रेंज में एकमात्र अग्निशमन वाहन है जो सफेद हाथी साबित हो रहा है। उसमें पानी को स्टोर करने की क्षमता बेहद कम है। आपातकाल में उसकी फिलिंग करने के लिए विभाग के पास कोई स्थायी व्यवस्था भी नहीं है।
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