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नए बिजली कनेक्शन की फाइलें बिना साइट जांच के हो रहीं रद्द, लोग परेशान
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रायपुररानी। पंचकूला क्षेत्र में उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम की लचर कार्यप्रणाली से हर वर्ग परेशान है। नए बिजली कनेक्शन के आवेदन की फाइल विभाग के अधिकारी बिना उपभोक्ता व साइट की जांच किए बिना ही रद्द कर रहे हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि वह मामले की शिकायत बिजली मंत्री रणजीत चौटाला को पत्र लिखकर करेंगे।
ग्रामीणों मुखराम गुज्जर गोबिंदपुर, तरूण शर्मा, रामकुमार, संजीव, कृष्ण सैनी, किरण चंद, देवंद्र बाजवा, रोहित शर्मा हन्नी, जयचंद भट्ट, करमजीत खेडी, नैब नंबरदार वजीदपुर, कृष्ण फौजी गोबिंदपुर ने बताया कि जनता की समस्याओं के बारे में सुनवाई न करना व आर्थिक रूप से परेशान कर बिजली निगम के कर्मचारी सरकार की छवि को धूमिल करने में जुटे हैं।
बिजली उपभोक्ताओं ने बताया कि विभाग द्वारा नए बिजली कनेक्शन का सभी दस्तावेजों, एफिडेविट सहित सभी प्रूफ लेने के बाद पूरी प्रति किलोवाट के हिसाब से फीस के साथ ऑनलाइन आवेदन लिया जाता है, लेकिन फाइल रद्द करने के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
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दम तोड़ रही जगमग योजना
बिजली निगम की म्हारा गांव जगमग गांव के दावे भी शिवालिक तलहटी से सटे क्षेत्र में खोखले साबित हो रहे हैं। विभाग द्वारा उपभोक्ता की फाइल बिना किसी कारण के रद्द करना कहां का औचित्य बनता है। उपभोक्ता को अपनी ही पेमेंट वापस लेने के लिए निगम की कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है व कार्यालय के भी कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अधिकारी व कर्मचारी नहीं करते सुनवाई
ब्लॉक के गांव गोबिंदपुर में ट्यूबवेल उपभोक्ता राजकुमार ने बताया कि आठ नवंबर को विभागीय नियम के अनुसार उसने एक घरेलू कनेक्शन लेने के लिए पूरी प्रक्रिया, दस्तावेजों व फीस के साथ आवेदन किया था। कई दिन बाद एसडीओ योगेश कुमार से जानकारी लेने के बाद पहले तो बताया कि जमीन के कागज नहीं है जबकि पूरे कागज होने की कुछ ही देर में पुष्टि भी कर दी। वहीं, दो दिन कार्यालय में चक्कर लगाने के बाद उपभोक्ता यह जानकर हैरान हुआ कि फाइल रिजेक्ट हो गई वह भी बिना कोई साइट विजिट के। उपभोक्ता ने बताया कि उच्च अधिकारी निगम के चीफ इंजीनियर को निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली बारे शिकायत भेज समाधान व जांच करवाने की मांग की तो अधिकारी ने तुरंत प्रभाव से निगम के एक्सईएन व एसडीओ को समस्या की सुनवाई करने के निर्देश दिए व उपभोक्ता को भी मैसेज दे दिया, लेकिन एक्सईएन संजीव शर्मा ने अपने ही कर्मचारियों को सही बताते हुए उपभोक्ता की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया।
इंतजार करते रहे उपभोक्ता, नहीं आए फोरमैन
बिजली निगम के फोरमैन मदन लाल ने सोमवार को सुबह 11 बजे उपभोक्ता राजकुमार को साइट पर पहुंचने के लिए कहा गया था। उपभोक्ता अन्य ग्रामीणों के साथ लगभग पूरा दिन साइट पर ही इंतजार करते रहे लेकिन फोरमैन ने फोन भी नहीं उठाया। उपभोक्ताओं ने बताया कि हमारे क्षेत्र में भोले-भाले ग्रामीण व किसानों को बेवजह बिजली निगम सभी कार्यों के लिए तंग करता है। इस बारे ग्रामीण मोर्चा व पंचायत की ओर से एक्सईएन संजीव शर्मा, एसडीओ योगेश कुमार व फोरमैन मदन लाल की कार्यप्रणाली को लेकर बिजली मंत्री रणजीत चौटाला को पत्र लिख तुरंत संज्ञान लेने की मांग की जाएगी।
कोट्स
मैं पिछले कुछ दिनों से बीमार था, वह ऑफिस में आए थे, लेकिन बीमारी के चलते साइट पर नहीं पहुंच सका। कई दिनों बाद दफ्तर आने के बाद कई काम अधर में रह गए।
मदन लाल, फोरमैन, बिजली निगम
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ग्रामीणों मुखराम गुज्जर गोबिंदपुर, तरूण शर्मा, रामकुमार, संजीव, कृष्ण सैनी, किरण चंद, देवंद्र बाजवा, रोहित शर्मा हन्नी, जयचंद भट्ट, करमजीत खेडी, नैब नंबरदार वजीदपुर, कृष्ण फौजी गोबिंदपुर ने बताया कि जनता की समस्याओं के बारे में सुनवाई न करना व आर्थिक रूप से परेशान कर बिजली निगम के कर्मचारी सरकार की छवि को धूमिल करने में जुटे हैं।
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बिजली उपभोक्ताओं ने बताया कि विभाग द्वारा नए बिजली कनेक्शन का सभी दस्तावेजों, एफिडेविट सहित सभी प्रूफ लेने के बाद पूरी प्रति किलोवाट के हिसाब से फीस के साथ ऑनलाइन आवेदन लिया जाता है, लेकिन फाइल रद्द करने के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
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दम तोड़ रही जगमग योजना
बिजली निगम की म्हारा गांव जगमग गांव के दावे भी शिवालिक तलहटी से सटे क्षेत्र में खोखले साबित हो रहे हैं। विभाग द्वारा उपभोक्ता की फाइल बिना किसी कारण के रद्द करना कहां का औचित्य बनता है। उपभोक्ता को अपनी ही पेमेंट वापस लेने के लिए निगम की कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है व कार्यालय के भी कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अधिकारी व कर्मचारी नहीं करते सुनवाई
ब्लॉक के गांव गोबिंदपुर में ट्यूबवेल उपभोक्ता राजकुमार ने बताया कि आठ नवंबर को विभागीय नियम के अनुसार उसने एक घरेलू कनेक्शन लेने के लिए पूरी प्रक्रिया, दस्तावेजों व फीस के साथ आवेदन किया था। कई दिन बाद एसडीओ योगेश कुमार से जानकारी लेने के बाद पहले तो बताया कि जमीन के कागज नहीं है जबकि पूरे कागज होने की कुछ ही देर में पुष्टि भी कर दी। वहीं, दो दिन कार्यालय में चक्कर लगाने के बाद उपभोक्ता यह जानकर हैरान हुआ कि फाइल रिजेक्ट हो गई वह भी बिना कोई साइट विजिट के। उपभोक्ता ने बताया कि उच्च अधिकारी निगम के चीफ इंजीनियर को निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली बारे शिकायत भेज समाधान व जांच करवाने की मांग की तो अधिकारी ने तुरंत प्रभाव से निगम के एक्सईएन व एसडीओ को समस्या की सुनवाई करने के निर्देश दिए व उपभोक्ता को भी मैसेज दे दिया, लेकिन एक्सईएन संजीव शर्मा ने अपने ही कर्मचारियों को सही बताते हुए उपभोक्ता की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया।
इंतजार करते रहे उपभोक्ता, नहीं आए फोरमैन
बिजली निगम के फोरमैन मदन लाल ने सोमवार को सुबह 11 बजे उपभोक्ता राजकुमार को साइट पर पहुंचने के लिए कहा गया था। उपभोक्ता अन्य ग्रामीणों के साथ लगभग पूरा दिन साइट पर ही इंतजार करते रहे लेकिन फोरमैन ने फोन भी नहीं उठाया। उपभोक्ताओं ने बताया कि हमारे क्षेत्र में भोले-भाले ग्रामीण व किसानों को बेवजह बिजली निगम सभी कार्यों के लिए तंग करता है। इस बारे ग्रामीण मोर्चा व पंचायत की ओर से एक्सईएन संजीव शर्मा, एसडीओ योगेश कुमार व फोरमैन मदन लाल की कार्यप्रणाली को लेकर बिजली मंत्री रणजीत चौटाला को पत्र लिख तुरंत संज्ञान लेने की मांग की जाएगी।
कोट्स
मैं पिछले कुछ दिनों से बीमार था, वह ऑफिस में आए थे, लेकिन बीमारी के चलते साइट पर नहीं पहुंच सका। कई दिनों बाद दफ्तर आने के बाद कई काम अधर में रह गए।
मदन लाल, फोरमैन, बिजली निगम