{"_id":"68e558ccbf79048d700d9fef","slug":"farmers-will-meet-the-chief-minister-to-get-the-supreme-court-order-implemented-panchkula-news-c-87-1-pan1010-127940-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करवाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करवाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे किसान
Tue, 07 Oct 2025 11:45 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Tue, 07 Oct 2025 11:45 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित एक होटल में शिवालिक एरिया किसान संघर्ष समिति और शामलात किसान संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से जुमला मालकान और देह शामलात जमीनों को उनके असली मालिकों यानी किसानों को लौटाने के ऐतिहासिक आदेश की प्रतियां मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव हरियाणा को सौंपकर इसे लागू करवाने की मांग की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन वीके सूद ने की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला किसानों के वर्षों पुराने संघर्ष की जीत है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कोर्ट के आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए ताकि किसानों को उनका मालिकाना हक जल्द मिल सके। सूद ने बताया कि अप्रैल 2022 में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने जुमला मालकान और शामलात जमीनों को सरकार के नाम करने का निर्णय सुनाया था। इसके खिलाफ किसानों ने अपील दायर की थी। इस पर 16 सितंबर 2025 को तीन जजों की खंडपीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जमीन का मालिकाना हक किसानों के पक्ष में दिया।
समिति ने इस निर्णय को किसानों की एक बड़ी जीत बताया। बैठक में प्रधान कश्मीर सिंह सैनी, महासचिव भारत भूषण रिहौड़, राजेश शर्मा, संजीव कुमार, गरीबदास, रामदयाल, सुरेंद्र सिंह, दीप सैनी, अनिल राणा, गुरजीत सिंह, राकेश कुमार, दिलबाग सिंह, सूर्यकांत गौतम और रामवीर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
पंचकूला। सेक्टर-5 स्थित एक होटल में शिवालिक एरिया किसान संघर्ष समिति और शामलात किसान संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से जुमला मालकान और देह शामलात जमीनों को उनके असली मालिकों यानी किसानों को लौटाने के ऐतिहासिक आदेश की प्रतियां मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव हरियाणा को सौंपकर इसे लागू करवाने की मांग की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन वीके सूद ने की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला किसानों के वर्षों पुराने संघर्ष की जीत है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कोर्ट के आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए ताकि किसानों को उनका मालिकाना हक जल्द मिल सके। सूद ने बताया कि अप्रैल 2022 में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने जुमला मालकान और शामलात जमीनों को सरकार के नाम करने का निर्णय सुनाया था। इसके खिलाफ किसानों ने अपील दायर की थी। इस पर 16 सितंबर 2025 को तीन जजों की खंडपीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जमीन का मालिकाना हक किसानों के पक्ष में दिया।
समिति ने इस निर्णय को किसानों की एक बड़ी जीत बताया। बैठक में प्रधान कश्मीर सिंह सैनी, महासचिव भारत भूषण रिहौड़, राजेश शर्मा, संजीव कुमार, गरीबदास, रामदयाल, सुरेंद्र सिंह, दीप सैनी, अनिल राणा, गुरजीत सिंह, राकेश कुमार, दिलबाग सिंह, सूर्यकांत गौतम और रामवीर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन