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Panchkula News: बारिश और तेज हवाओं से किसानों की फसलें बिछीं, मुआवजे की मांग मंडियों में भीगा धान, कई किसानों ने खरीद शुरू न होने के कारण नहीं की थी धान की कटाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरवाला। बरवाला व आसपास के इलाके में बुधवार शाम से वीरवार दोपहर तक हुई बेमौसमी भारी बरसात व तेज हवाओं के कारण किसानों के खेतों में पक कर तैयार खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों का भारी नुकसान हो गया। क्षेत्र के किसान हुकुमचंद, श्रीपाल, बलकार सिंह देशपाल, सुरजीत सिंह राजकुमार, बलजीत सिंह, जंगशेर ने बताया कि खेतों में धान व मक्का की फसल पककर तैयार थी, जो बारिश व तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई। खेतों में जलभराव होने से डूबकर फसल खराब हो गई। इसके अलावा मंडियों में धान लेकर पहुंचे कुछ किसानों की फसल भी भीग गई। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
इससे किसानों के खून पसीने की कमाई मिट्टी में मिल गई। अब उन्हें चिंता सता रही है कि आखिरकार कैसे फसलों के खर्च की भरपाई होगी। कैसे घर का खर्च चलाएंगे। उन्होंने बताया कि बहुत से किसानों ने करीब 50 रुपये एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान व मक्के की फसल लगाई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी लेकिन बे बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया। इसको लेकर अब किसान चिंतित हैं। अब वे ठेके की रकम खेत के मालिक को कैसे चुकाएंगे। क्षेत्र के किसानों ने सरकार से खराब फसलों के आर्थिक नुकसान की भरपाई कर मुआवजा देने की मांग की है। वहीं किसानों ने बताया कि बारिश से चार पांच दिन पहले ही कुछ किसानों ने खेतों में लगी धान की फसल की कटाई करवाकर बरवाला अनाज मंडी में आढ़तियों के पास गिराई। अभी तक सरकारी खरीद भी शुरू न होने के कारण फसल मंडी में खुले आसमान के नीचे बारिश की भेंट चढ़ गई। जिसके चलते उन्हें भी भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने कहा कि सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण भी किसान समय पर फसलों की कटाई नहीं कर पाए थे। किसान सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं।
हानिकारक साबित हुई बारिश
सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश क्षेत्र के हमारे लिए हानिकारक साबित हुई है, इससे हमारी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। - वीरेंद्र सिंह, किसान, भगवानपुर
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किसानों को मुआवजा दे सरकार
बेमौसमी बारिश से खराब हुई फसलों की जल्द गिरदावरी करवाकर सरकार किसानों को मुआवजा दे। ताकि आर्थिक नुकसान से चिंता में डूबे किसानों को आर्थिक मदद मिल सके। -त्रिलोचन सिंह, किसान
दिन-रात नुकसान की चिंता
बारिश के साथ चली तेज हवाओं से पककर तैयार फसलों के नुकसान से रात दिन चिंता है कि अब क्या खाएंगे और कर्ज कैसे देंगे। सरकार और जिला प्रशासन हमें मुआवजा देकर मदद करे। - भूपेंद्र सिंह, किसान, सुंदरपुर
कोट
सरकार व जिला प्रशासन किसानों की खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर जल्द मुआवजा दे। -नरेंद्र सिंह, जिला प्रधान, भाकियू
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बरवाला। बरवाला व आसपास के इलाके में बुधवार शाम से वीरवार दोपहर तक हुई बेमौसमी भारी बरसात व तेज हवाओं के कारण किसानों के खेतों में पक कर तैयार खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों का भारी नुकसान हो गया। क्षेत्र के किसान हुकुमचंद, श्रीपाल, बलकार सिंह देशपाल, सुरजीत सिंह राजकुमार, बलजीत सिंह, जंगशेर ने बताया कि खेतों में धान व मक्का की फसल पककर तैयार थी, जो बारिश व तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई। खेतों में जलभराव होने से डूबकर फसल खराब हो गई। इसके अलावा मंडियों में धान लेकर पहुंचे कुछ किसानों की फसल भी भीग गई। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
इससे किसानों के खून पसीने की कमाई मिट्टी में मिल गई। अब उन्हें चिंता सता रही है कि आखिरकार कैसे फसलों के खर्च की भरपाई होगी। कैसे घर का खर्च चलाएंगे। उन्होंने बताया कि बहुत से किसानों ने करीब 50 रुपये एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान व मक्के की फसल लगाई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी लेकिन बे बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया। इसको लेकर अब किसान चिंतित हैं। अब वे ठेके की रकम खेत के मालिक को कैसे चुकाएंगे। क्षेत्र के किसानों ने सरकार से खराब फसलों के आर्थिक नुकसान की भरपाई कर मुआवजा देने की मांग की है। वहीं किसानों ने बताया कि बारिश से चार पांच दिन पहले ही कुछ किसानों ने खेतों में लगी धान की फसल की कटाई करवाकर बरवाला अनाज मंडी में आढ़तियों के पास गिराई। अभी तक सरकारी खरीद भी शुरू न होने के कारण फसल मंडी में खुले आसमान के नीचे बारिश की भेंट चढ़ गई। जिसके चलते उन्हें भी भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने कहा कि सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण भी किसान समय पर फसलों की कटाई नहीं कर पाए थे। किसान सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं।
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हानिकारक साबित हुई बारिश
सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश क्षेत्र के हमारे लिए हानिकारक साबित हुई है, इससे हमारी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। - वीरेंद्र सिंह, किसान, भगवानपुर
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किसानों को मुआवजा दे सरकार
बेमौसमी बारिश से खराब हुई फसलों की जल्द गिरदावरी करवाकर सरकार किसानों को मुआवजा दे। ताकि आर्थिक नुकसान से चिंता में डूबे किसानों को आर्थिक मदद मिल सके। -त्रिलोचन सिंह, किसान
दिन-रात नुकसान की चिंता
बारिश के साथ चली तेज हवाओं से पककर तैयार फसलों के नुकसान से रात दिन चिंता है कि अब क्या खाएंगे और कर्ज कैसे देंगे। सरकार और जिला प्रशासन हमें मुआवजा देकर मदद करे। - भूपेंद्र सिंह, किसान, सुंदरपुर
कोट
सरकार व जिला प्रशासन किसानों की खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर जल्द मुआवजा दे। -नरेंद्र सिंह, जिला प्रधान, भाकियू