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विभागीय जांच में दोषमुक्त पाया कर्मी रोकी गई पेंशन पर ब्याज का हकदार : हाईकोर्ट

Thu, 25 Jan 2024 03:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jan 2024 03:54 AM IST
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Employee found innocent in departmental inquiry is entitled to interest on withheld pension: High Court
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि विभागीय जांच के चलते पेंशन रोकी गई है और बाद में कर्मी दोषमुक्त होता है तो वह बाद में जारी पेंशन बकाया पर ब्याज का हकदार है। ऐसे में हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार की अपील को खारिज कर दिया है और कर्मचारी को दो माह में ब्याज की राशि जारी कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेंशन कोई इनाम नहीं है बल्कि यह जीवन भर की नौकरी के बाद कॅरिअर के अंतिम दौर की सुरक्षा है जिसे वेतन के हिस्से के रूप में कमाया गया है।
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याचिका दाखिल करते हुए पंजाब सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर जालंधर निवासी हरभजन सिंह को पेंशन एरियर पर ब्याज जारी करने के सिंगल बेंच के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी थी। पंजाब सरकार ने बताया था कि सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रहते हरभजन सिंह पर विभागीय जांच चल रही थी और उसके खिलाफ आपराधिक मामला भी विचाराधीन था। इसी बीच 2015 में वह रिटायर हो गया, लेकिन विभागीय जांच और एफआईआर के चलते उसके पेंशन लाभ रोक दिए गए।
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इसके बाद विभागीय जांच में उसे दोषमुक्त कर दिया गया और एफआईआर में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई। सिंगल बेंच ने याची को पेंशन का पूरा एरियर ब्याज सहित जारी करने का आदेश जारी कर दिया। पंजाब सरकार ने कहा कि नियमों के तहत ही पेंशन व अन्य लाभ रोके गए थे। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि यदि विभागीय जांच में कर्मी दोषी नहीं पाया गया और एफआईआर में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है तो निश्चित तौर पर ही कर्मचारी पेंशन एरियर पर ब्याज का हकदार है।
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सिंगल बेंच के आदेश में कोई खामी नहीं थी और ऐसे में इसमें दखल करने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेंशन कोई इनाम नहीं है यह पूरे जीवन की नौकरी के बाद कॅरिअर के अंतिम दौर की सुरक्षा है। इसे सेवा की अर्जित संपत्ति भी कहा जा सकता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को सिंगल बेंच के आदेश का दो माह के भीतर पालन करते हुए रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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