{"_id":"60b6979f8ebc3e0bf3182564","slug":"electricity-restored-after-70-hours-in-morni-people-worried-for-water-pkl-office-news-pkl415269863","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोरनी में 70 घंटे बाद बिजली बहाल, पानी के लिए परेशान हुए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोरनी में 70 घंटे बाद बिजली बहाल, पानी के लिए परेशान हुए लोग
विज्ञापन
मोरनी। पुरानी लाइनों के सहारे 70 घंटों बाद इलाके का ब्लैक आउट कुछ हद तक दूर हो सका, लेकिन पानी की समस्या से इलाकावासी परेशान दिखे। सालों पहले बंद हो चुकी 11 केवी की लाइनों को दुरुस्त कर बिजली सप्लाई को मंगलवार दोपहर तक बहाल किया जा सका। वहीं, अभी 33 केवी लाइनों को सुचारू करने का काम जारी है।
हालांकि इसके बाद भी लगातार लगते बिजली के लगते कट ने लोगों को परेशान किया। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन लोग प्राचीन बावड़ियों से पीने के पानी सिर पर पानी लाते दिखे। वहीं, कुछ गांवों में हैंडपंप से लोगों ने पानी भरा। ग्रामीणों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बिजली की समस्या को मुद्दा बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। इलाके में पूर्ण रूप पानी की सप्लाई होने में एक दो दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। 11 केवी की बिजली सप्लाई से पानी पंप करने वाली हैवी मोटरों को नहीं चलाया जा सकता।
इलाके से सौतेला व्यवहार कर रही सरकार : प्रदीप चौधरी
कालका से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी ने लगातार परेशान हो रही जनता के लिए सरकार के व्यवहार को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर लोगों की 20 पंचायतों के लोगों की परेशानी को कम करने की बजाए चुपचाप बैठकर तमाशा देख रहा है। दुर्गम क्षेत्र में समस्या के समाधान में कई प्रकार की दिक्कतों का सामना फील्ड कर्मचारियों को करना पड़ रहा है। सरकार प्रशासन में बैठे अधिकारियों को तत्काल समाधान कराना चाहिए।
विज्ञापन
कोट...
बिजली निगम के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर कम पावर वाली मोटरों को ऑपरेट कर पानी की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक 33 केवी बिजली की लाइनें नहीं चलती तब तक पानी की हैवी मोटरों को नहीं चलाया जा सकता। -पराग कौशिक, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट...
पहली प्राथमिकता लोगों को कुछ राहत प्रदान करना था। पूरा स्टाफ दिन रात काम कर 33 केवी लाइनों को सुचारू करने में लगा हुआ है। तूफान की जद्द में आने से 8 से 10 बिजली के पोल को नुकसान हुआ था। इलाके की भौगोलिक स्थिति कठिन होने के कारण समय लग रहा है। -एसडीओ रविंद्र कुमार ढाकला
विज्ञापन
हालांकि इसके बाद भी लगातार लगते बिजली के लगते कट ने लोगों को परेशान किया। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन लोग प्राचीन बावड़ियों से पीने के पानी सिर पर पानी लाते दिखे। वहीं, कुछ गांवों में हैंडपंप से लोगों ने पानी भरा। ग्रामीणों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बिजली की समस्या को मुद्दा बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। इलाके में पूर्ण रूप पानी की सप्लाई होने में एक दो दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। 11 केवी की बिजली सप्लाई से पानी पंप करने वाली हैवी मोटरों को नहीं चलाया जा सकता।
विज्ञापन
इलाके से सौतेला व्यवहार कर रही सरकार : प्रदीप चौधरी
कालका से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी ने लगातार परेशान हो रही जनता के लिए सरकार के व्यवहार को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर लोगों की 20 पंचायतों के लोगों की परेशानी को कम करने की बजाए चुपचाप बैठकर तमाशा देख रहा है। दुर्गम क्षेत्र में समस्या के समाधान में कई प्रकार की दिक्कतों का सामना फील्ड कर्मचारियों को करना पड़ रहा है। सरकार प्रशासन में बैठे अधिकारियों को तत्काल समाधान कराना चाहिए।
विज्ञापन
कोट...
बिजली निगम के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर कम पावर वाली मोटरों को ऑपरेट कर पानी की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक 33 केवी बिजली की लाइनें नहीं चलती तब तक पानी की हैवी मोटरों को नहीं चलाया जा सकता। -पराग कौशिक, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट...
पहली प्राथमिकता लोगों को कुछ राहत प्रदान करना था। पूरा स्टाफ दिन रात काम कर 33 केवी लाइनों को सुचारू करने में लगा हुआ है। तूफान की जद्द में आने से 8 से 10 बिजली के पोल को नुकसान हुआ था। इलाके की भौगोलिक स्थिति कठिन होने के कारण समय लग रहा है। -एसडीओ रविंद्र कुमार ढाकला